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मुंबई में हुई एक मुलाकात की क्यों हो रही है चर्चा, क्या एनसीपी में सबकुछ ठीक-ठाक है

जन सुराज के संस्थापक और चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने सोमवार को मुंबई में एनसीपी की नेता और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से उनके घर पर मुलाकात की. इस दौरान सुनेत्रा के बेटे पार्थ पवार भी मौजूद रहे. इसके बाद से राज्य में राजनीतिक चर्चाओं का बाजार गर्म है.

मुंबई में हुई एक मुलाकात की क्यों हो रही है चर्चा, क्या एनसीपी में सबकुछ ठीक-ठाक है
नई दिल्ली:

महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मुंबई में हुई एक मुलाकात की चर्चा तेज है.सोमवार को हुई यह मुलाकात राज्य के उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, उनके बेटे पार्थ पवार और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की. पवार परिवार इसे एक सामान्य शिष्टाचार मुलाकात बता रहा है, लेकिन राजनीति के जानकार इसके निहितार्थ कुछ और निकाल रहे हैं. इसकी वजह यह है कि यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब सुनेत्रा की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में उथल-पुथल मची हुई है. इस मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रशांत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की रणनीति तैयार कर सकते हैं. 

पार्थ पवार ने क्या कहा है

इस मुलाकात की जानकारी भी एनसीपी के राज्य सभा सांसद पार्थ पवार ने ही एक ट्वीट के जरिए दी है. इसमें उन्होंने प्रशांत किशोर को अपना पारिवारिक दोस्त बताया है. उनका कहना है कि प्रशांत के साथ संबंध उनके पिता जी के समय का है. सोमवार को वह शहर में थे,इसलिए हमने उन्हें लंच पर अपने घर आमंत्रित किया था. उन्होंने कहा है कि प्रशांत जी ने अब रणनीति बनाने का काम छोड़ दिया है और मुझे नहीं लगता है कि वो फिर से इसे करने वाले हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर वो एक-दूसरे की मदद करने के लिए उपलब्ध रहेंगे. 

पार्थ का यह ट्वीट वायरल हो गया. खासकर इसलिए क्योंकि यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अंदरूनी कलह से जूझ रही है. दरअसल अजित पवार की मौत के बाद पार्टी की कमान संभालने वाली सुनेत्रा पवार इन दिनों पार्टी पर पूरा नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है. इसी क्रम में कुछ पुराने लोगों को उनके पदों से हटाया गया है और दोनों बेटों को बड़ी जिम्मेदारियां दी गई हैं. अजित पवार ने 2023 में चाचा शरद पवार से अलग होकर एनसीपी को अपने पाले में किया था. इसके बाद से ही उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पार्टी की गतिविधियों में भाग लेने लगीं. अजित पवार के निधन के बाद ये गतिविधियां और बढ़ गईं. सुनेत्रा के उपमुख्यमंत्री बनने के बाद से बेटे पार्थ पवार भी पार्टी के संगठन और राजनीतिक फैसलों में सक्रिय भूमिका निभाने लगे. 

एनसीपी में बढ़ता सुनेत्रा पवार का दखल

सुनेत्रा और पार्थ पवार की इस सक्रियता को पार्टी में नई पीढ़ी के उभार के तौर पर देखा जा रहा है. लेकिन इससे कई नेता असहज भी हैं. दरअसल पिछले दिनों एनसीपी ने अपने पदाधिकारियों की एक सूची चुनाव आयोग को भेजी थी. इसमें  एनसीपी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल का नाम गायब था. वहीं दूसरी ओर इस सूची में अजित पवार के बेटों पार्थ और जय पवार को प्रमुखता से जगह दी हई थी. सुनेत्रा पवार ने इसे प्रिंटिंग की भूल बताते हुए उनके नाम फिर जुड़वाए थे. लेकिन जो मैसेज इसके जरिए वो देना चाहती थीं, वह देने में सफल रही. इस चिट्ठी के सामने आने के बाद तटकरे ने एनसीपी (शरद पवार) गुट के प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की थी. इसके बाद शरद पवार ने पटेल और तटकरे की तारीफ की थी.उन्होंने कहा था कि पटेल और तटकरे दोनों ने मेरे साथ कई सालों तक काम किया है और कई जिम्मेदारियां निभाई हैं. मैं उनकी काबिलियत अच्छी तरह जानता हूं. हो सकता है कि उनकी पार्टी की लीडरशिप का उनके बारे में अलग अंदाजा हो.

इससे पहले मार्च में सुनेत्रा पवार की एक चिट्ठी भी वायरल हुई थी. चुनाव आयोग को भेजी इस चिट्ठी में कहा गया था कि 28 जनवरी से लेकर 26 फरवरी के बीच पार्टी की तरफ से भेजे गए पत्रों को आधिकारिक नहीं माना जाए और रद्द समझा जाए. इस पत्र को सुनेत्रा पवार की ओर से अपनी अनुपस्थिति में लिए गए फैसलों को पलटने की कोशिश माना गया था. इस तथाकथित पत्र के सामने आते ही यह समझ में आ गया था कि एनसीपी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. 

दरअसल प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे उन प्रमुख लोगों में शामिल थे, जिन्होंने 2023 की बगावत में अजित पवार का साथ दिया था.प्रफुल पटेल दिल्ली में पार्टी का पक्ष रखते थे तो तटकरे महाराष्ट्र में पार्टी को खड़ा करने में मदद कर रहे थे. ऐसे में एनसीपी के कई नेता पार्थ और जय पवार की बढ़ती भूमिका से असहज महसूस कर रहे हैं. इसी वजह से सुनेत्रा और पार्थ की प्रशांत किशोर से हुई मुलाकात को ज्यादा राजनीतिक महत्व दिया जा रहा है. इस मुलाकात को पार्टी की छवि और रणनीति को नए सिरे से तैयार करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. 

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