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New Labour Code: 1 अप्रैल से बदलेंगे नौकरी के नियम, सैलरी, PF और काम के घंटों पर पड़ेगा असर, जानें डीटेल

New Labour Code: 1 अप्रैल 2026 से देश में नए लेबर कोड लागू होने की तैयारी है, जिससे नौकरीपेशा लोगों की सैलरी, काम के घंटे, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. आइए जानते हैं नए लेबर कोड लागू होने पर क्या-क्या बदलेगा-

New Labour Code: 1 अप्रैल से बदलेंगे नौकरी के नियम, सैलरी, PF और काम के घंटों पर पड़ेगा असर, जानें डीटेल
New Labour Code: सैलरी में क्या बदलेगा?

New Labour Code: आज यानी 1 अप्रैल 2026 से देश में नए लेबर कोड लागू होने की तैयारी है, जिससे नौकरीपेशा लोगों की सैलरी, काम के घंटे, ओवरटाइम और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. ये नए लेबर कोड बीते साल लाए गए थे. इनके तहत पहले से लागू 29 कानूनों को खत्म करते हुए सिर्फ 4 नए कानून पेश किए गए थे, ताकि सिस्टम को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके. ऐसे में आइए जानते हैं  नए लेबर कोड लागू होने पर क्या-क्या बदलेगा- 

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    सैलरी में क्या बदलेगा?

    नए नियमों के तहत आपकी बेसिक सैलरी कुल CTC का कम से कम 50% होगी. अभी कई कंपनियां बेसिक कम और भत्ते ज्यादा देती हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इससे हाथ में आने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है.

    PF का फायदा बढ़ेगा

    बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ (Provident Fund) में ज्यादा पैसा जमा होगा. इसका फायदा आपको भविष्य में मिलेगा, क्योंकि रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा. पेंशन और अन्य लाभ भी इसी के आधार पर बेहतर हो सकते हैं.

    काम के घंटे और ओवरटाइम

    काम के घंटे पहले की तरह ही रहेंगे- रोजाना 8 घंटे और हफ्ते में 48 घंटे. हालांकि,  कंपनियां काम के समय में थोड़ा बदलाव कर सकेंगी. अगर कर्मचारी से ओवरटाइम कराया जाता है, तो उसे सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान करना अनिवार्य होगा. यह नियम कर्मचारियों के हित में माना जा रहा है.

    ग्रेच्युटी जल्दी मिलेगी

    नए लेबर कोड के तहत अब ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल तक नौकरी करना जरूरी नहीं होगा. सिर्फ 1 साल की सेवा के बाद भी कर्मचारी ग्रेच्युटी के हकदार होंगे. इससे कॉन्ट्रैक्ट और फिक्स्ड नौकरी करने वालों को फायदा होगा.

    सभी को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी का लाभ

    अब गिग वर्कर्स (जैसे ऐप के जरिए काम करने वाले), फ्रीलांसर, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को भी पीएफ, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी. इससे करोड़ों लोगों को पहली बार सुरक्षा का लाभ मिलेगा.

    महिलाओं के लिए नए नियम

    नए नियमों में महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है, लेकिन इसके लिए उनकी सहमति और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होगी. साथ ही समान काम के लिए समान वेतन का नियम लागू रहेगा. ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी समान अवसर और अधिकार दिए जाएंगे.

    जरूरी होंगे नियुक्ति पत्र और समय पर सैलरी

    अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना जरूरी होगा. साथ ही कंपनियों को समय पर सैलरी देना भी अनिवार्य होगा.

    हेल्थ चेकअप की सुविधा

    इन सब से अलग 40 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को हर साल फ्री हेल्थ चेकअप मिलेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके.

    यानी नए लेबर कोड कर्मचारियों के लिए कई अच्छी सुविधाएं लेकर आ रहे हैं. हालांकि, शुरुआत में इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम लग सकती है, लेकिन लंबे समय में ये बदलाव फायदेमंद साबित होंगे.

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