हाल ही में केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि ग्राहक 9 सिम कार्ड से ज्यादा किसी भी सब्सक्राइबर के लिए पार न करें. वहीं फर्जी कॉल और धोखाधड़ी को रोकने के लिए यूजर आइडेंटिफिकेशन नियमों को नोटिफाई किया है. जिसमें मोबाइल सिम खरीदने के नियमों में कई बड़े बदलाव किए गए हैं. इसके अलावा यूजर की जानकारी अपडेट करना, SIM कार्ड बंद करवाना और दोबारा री-वेरिफिकेशन कराने के लिए बायोमेट्रिक जांच जरूरी कर दिया गया है. यानी अब SIM कार्ड से जुड़े किसी भी काम के लिए बायोमैट्रिक स्कैन करवाना जरूरी होगा. यह यूजर्स के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इससे धोखाधड़ी पर लगाम लगेगा.
नए नियमों के तहत आधार वाले ग्राहकों के लिए e-KYC और अन्य यूजर्स के लिए D-KYC कराना जरूरी होगा. इसके साथ ही सभी टेलीकॉम कंपनियों को नए SIM कार्ड देने के लिए बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम (BIVS) को लागू करना होगा.
क्या हुए हैं तीन बड़े बदलाव
- अब मोबइल SIM कार्ड किसी दूसरे के नाम से या बिना खुद दुकान जाए नहीं मिलेगा. आपको खुद यानी यूजर्स को जाकर बायोमेट्रिक स्कैन कराना होगा.
- SIM कार्ड खरीदते वक्त फर्जी डॉक्युमेंट्स यानी जाली दस्तावेज देने की कोशिश की तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
- अब आपके मोबाइल पर SIM री-वेरिफिकेशन या सिम जारी करने के लिए रिक्वेस्ट को लेकर मैसेज आएगा. अगर आप यह काम नहीं कर रहे हैं तो तुरंत 'NO' मैसेज का जवाब भेज दें. इससे फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा.
बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य
अब नया SIM कार्ड खरीदने या अपने मौजूदा SIM कार्ड की जानकारी जैसे नाम, पता, और फोटो अपडेट कराने के लिए लाइव बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा. यानी पहले जो केवल ओटीपी (OTP) या कागजी दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती थी वह अब नहीं होगी.
बंद होगी SIM कार्ड से धोखाधड़ी
अक्सर साइबर अपराधी और कुछ बदमाश फर्जी और किसी दूसरे के नाम पर जारी SIM कार्ड का इस्तेमाल करके पैसों की धोखाधड़ी करते हैं. लेकिन अब नए नियम से केवल वही लोग SIM कार्ड ले पाएंगे जिसका बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सफलतापूर्वक पूरा होगा.
सिम स्वैप और पोर्टेबिलिटी के लिए भी वेरिफिकेशन
सिम खो जाने पर दोबारा नया सिम कार्ड जारी कराने (SIM Swap) या पोर्टेबिलिटी (MNP) यानी दूसरे टेलीकॉम की सर्विस लेने के दौरान भी यूजर्स को इस वेरिफिकेशन कराना होगा, जिससे अनधिकृत सिम डुप्लीकेशन पर पूरी तरह रोक लग सके.
टेलीकॉम कंपनियों को बदलाव की मिली है डेडलाइन
दूरसंचार विभाग ने सभी टेलीकॉम कंपनियों Jio, Airtel, Vi और उनके अधिकृत पॉइंट ऑफ सेल (PoS) डीलरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने सिस्टम को नए बायोमेट्रिक नियमों के अनुसार तुरंत अपडेट करें. इसके लिए उन्हें तीन महीने की डेडलाइन दी गई है. वहीं अब गलत या बिना वेरिफिकेशन के SIM बेचने पर डीलरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा.
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