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नहीं बनवाया है मैरिज सर्टिफिकेट, तो नहीं म‍िलेंगे ये फायदे, जान‍िए बनवाने का क्‍या है प्रोसेस

मैरिज सर्टिफिकेट कानूनी पहचान, वीजा, लोन, टैक्स बेनिफिट्स, संपत्ति अधिकार और विवादों के मामले में सुरक्षा देता है. इसकी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान है, जो भविष्य की कई परेशानियों से बचाता है.

नहीं बनवाया है मैरिज सर्टिफिकेट, तो नहीं म‍िलेंगे ये फायदे, जान‍िए बनवाने का क्‍या है प्रोसेस
मैरिज सर्टिफिकेट पति या पत्नी को प्रॉपर्टी में कानूनी अधिकार दिलाने में मदद करता है.

भारत में आज भी बड़ी संख्या में शादियां अनरजिस्टर्ड हैं. ज्यादातर लोग धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर लेते हैं, जिसे समाज और मंदिर तो मान लेते हैं, लेकिन सरकारी और कानूनी संस्थाओं में यह काफी नहीं माना जाता है. ऐसे में शादी का मैरिज रजिस्ट्रेशन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. मैरिज सर्टिफिकेट केवल एक डॉक्युमेंट नहीं, बल्कि एक ऐसा कानूनी सुरक्षा कवच है, जो पति-पत्नी दोनों को अधिकार, सुरक्षा और भविष्य की कई परेशानियों से बचाता है. अगर आपने अभी तक मैर‍िज सर्फिकेट नहीं बनवाया है, तो एक बार इसके फायदे जान लीज‍िए. ताक‍ि आपको समझ आ जाएग क‍ि यह हर मुसीबत में बेहद जरूरी है. 

क्या होता है मैरिज सर्टिफिकेट 

मैरिज सर्टिफिकेट एक ऑफिशियल कानूनी डॉक्युमेंट है, जो यह बताता है कि दो लोग कानूनन पति-पत्नी हैं. यह इस बात का सबूत होता है कि आपकी शादी सरकार के साथ रजिस्टर्ड है. यह डॉक्युमेंट पासपोर्ट, वीजा, बैंक अकाउंट खोलने, इंश्योरेंस क्लेम और दूसरी सरकारी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके बिना कई अंतरराष्ट्रीय और फाइनेंशियल प्रक्रियाओं में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. 

टैक्स और होम लोन में भी बड़ा फायदा

जॉइंट होम लोन लेने पर पति-पत्नी की इनकम को मिलाकर देखा जाता है, जिससे लोन एलिजिबिलिटी बढ़ जाती है. कई मामलों में इससे बेहतर ब्याज दर भी मिल सकती है. इसके अलावा टैक्स के मामले में सेक्शन 80C और सेक्शन 24 के जरिए लगभग 7 लाख रुपए तक की डिडक्शन का लाभ मिल सकता है, जिससे EMI और टैक्स दोनों में राहत मिलती है. इसके अलावा कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने पर स्टाम्प ड्यूटी में 1 से 2 प्रतिशत तक की छूट दी जाती है. ऐसे में रजिस्टर्ड मैरिज फाइनेंशियल बेनिफिट्स के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ाती है.

प्रॉपर्टी और कानूनी विवाद 

मैरिज सर्टिफिकेट पति या पत्नी को प्रॉपर्टी में कानूनी अधिकार दिलाने में मदद करता है. यह डॉक्युमेंट विरासत, कस्टडी, तलाक या मैंटेनेंस जैसे मामलों में मजबूत कानूनी आधार मुहैया कराता है. इसके साथ ही बैंक डिपॉजिट, एफडी, पीएफ और इंश्योरेंस क्लेम जैसे मामलों में भी यह प्रक्रिया को आसान बनाता है. इसके बिना कई बार कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण (Legal heir certificate) के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है.

मैरिज रजिस्ट्रेशन की आसान प्रक्रिया

मैरिज रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब पहले से काफी आसान हो गई है. इसके लिए पति-पत्नी को आधार कार्ड, शादी की फोटो और दो गवाहों की जरूरत होती है. आवेदन SDM ऑफिस में या ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है और यह प्रक्रिया कुछ दिनों में पूरी हो जाती है.

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