प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध कर रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कई अन्य विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया. प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा, "हर जोर आजमा लो, सारी ताकत लगा लो, छात्रों के इंसाफ की यह लड़ाई अब रोके नहीं रुकेगी." राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में कांग्रेस ने देश के कई राज्यों में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. इससे इस मुद्दे पर राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है.
ये अत्याचार को महंगा पड़ेगा : अजय राय
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी नेताओं की हिरासत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया. उन्होंने कहा, "पूरे देश में हमारे नेता ने जो एक जागरण पैदा किया आज उसका नतीजा है कि आज भाजपा के लोग घबरा गए और पीएम मोदी घबरा गए. हमारे नेता के साथ जिस तरीके का बर्ताव किया. जबरदस्ती उनकी गिरफ्तारी की गई. ये अत्याचार महंगा पड़ेगा."
बेंगलुरु में भी हो रहे हैं प्रदर्शन
कर्नाटक के बेंगलुरु में कांग्रेस ने पार्टी नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में बेंगलुरु में विरोध प्रदर्शन किया. लोक भवन पर भारी पुलिस तैनात की गई है. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
बिहार में भी कांग्रेस का प्रदर्शन
पार्टी नेताओं की हिरासत के खिलाफ बिहार कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता बिहार लोक भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. सचिवालय पुलिस स्टेशन के DSP के नेतृत्व में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्हें प्रदर्शन खत्म करने के लिए मनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अभी तक वहां से नहीं हटे हैं.
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "विपक्ष के नेता को सड़क से जिस तरह उठाया गया और बुरी तरह घायल किया गया, वह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है...अब उस सड़क का नाम 'लोक कल्याण मार्ग' है और लोगों के कल्याण के लिए राहुल गांधी वहां बैठे थे और उनको, प्रियंका गांधी और तमाम नेताओं को उठा लिया गया, यह कहां का लोकतंत्र है? वे नौजवानों की लड़ाई लड़ रहे हैं. आप मांफी मांगने के बजाय नेता प्रतिपक्ष को जेल में बंद कर रहे हैं, इसको कौन बर्दाश्त करेगा? पूरा देश, पूरे नौजवान, पूरा विपक्ष एकजुट है. हमें न्याय चाहिए...हम नौजवानों की लड़ाई लड़ते रहेंगे..."
इससे पहले, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने खड़गे के घर से प्रधानमंत्री के आवास तक पार्टी कार्यकर्ताओं का नेतृत्व किया और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष के अभियान को तेज किया. हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल ने लोगों से धरने में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों पर हमला हर भारतीय परिवार पर हमला है और सरकार पर छात्रों की चिंताओं का जवाब न देने का आरोप लगाया.
इससे पहले केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिले. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बातचीत बेनतीजा रही क्योंकि पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा पेपर लीक पर संसद में चर्चा की मांग पर अड़ी रही. कांग्रेस सांसद नसीर हुसैन ने कहा कि पार्टी अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखेगी, हालांकि जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा करने के लिए तैयार थी और आरोप लगाया कि बाद में कांग्रेस ने मंत्री के इस्तीफे को शर्त बना दिया.
कांग्रेस ने यह भी मांग की है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के लिए माफी मांगें या इस्तीफा दें. इस विरोध प्रदर्शन को एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं का समर्थन मिला है.
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