अगर आप लखनऊ और कानपुर के बीच अक्सर सफर करते हैं, तो 14 जुलाई से आपकी यात्रा का खर्च बदलने वाला है. इस दिन से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली शुरू हो जाएगी. सबसे ज्यादा फर्क उन लोगों पर पड़ेगा, जिनके पास एनुअल फास्टैग पास (Annual Pass) नहीं है. ऐसे कार चालकों को एक तरफ के सफर के लिए 275 रुपए चुकाने होंगे. वहीं, एनुअल फास्टैग पास लेने वाले ड्राइवर उसी रास्ते पर बेहद कम खर्च में सफर कर सकेंगे. ऐसे में सफर शुरू करने से पहले नई टोल व्यवस्था समझ लेना जरूरी है.
किसे देना होगा कितना टोल?
NHAI ने एक्सप्रेस-वे पर अलग-अलग वाहनों के लिए टोल दरें तय की हैं. कार, जीप और वैन से एक तरफ का सफर करने पर 275 रुपए देने होंगे. अगर 24 घंटे के भीतर वापसी करते हैं, तो 415 रुपए चुकाने होंगे. वहीं हल्के कमर्शियल वाहन, बस, ट्रक और मल्टी एक्सल वाहनों के लिए भी अलग-अलग दरें तय की गई हैं. लाइट कमर्शियल व्हीकल्स के लिए यह दर 445 रुपए, बस और ट्रक के लिए 935 रुपए, जबकि मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 1,020 रुपए तय की गई है.
पहले कुछ महीने खुद टोल चलाएगा NHAI
एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद शुरुआती दो से तीन महीने तक टोल को NHAI खुद ऑपरेट करेगा. इस दौरान वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी. इसके बाद ट्रैफिक के आंकड़ों के आधार पर टोल संचालन के लिए आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
एनुअल फास्टैग पास वालों को बड़ा फायदा
अगर आपके वाहन पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का 3,075 रुपए वाला एनुअल फास्टैग पास है, तो हर ट्रिप का खर्च करीब 15 रुपए के आसपास पड़ेगा. इस पास के जरिए एक साल में 200 ट्रिप तक की सुविधा मिलती है. यानी जो लोग इस रास्ते पर अक्सर आते-जाते हैं, उनके लिए यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.

63 किलोमीटर का सफर होगा आसान
करीब 63 किलोमीटर लंबे इस छह लेन एक्सप्रेस-वे को लगभग 4,700 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है. जरूरत पड़ने पर इसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है. एक्सप्रेस-वे पर आधुनिक टोल सिस्टम लगाया गया है, जिससे वाहन पहुंचने से पहले ही फास्टैग स्कैन हो जाएगा और लंबी लाइन में रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
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