LPG Gas: पश्चिम एशिया (West Asia) में बढ़ते तनाव का असर भारत में भी दिखने लगा है. कई शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर जो होटल, रेस्टोरेंट और खाने-पीने के व्यवसायों में इस्तेमाल होते हैं की सप्लाई में दिक्कत आ रही है. उद्योग संगठनों के अनुसार, इसका असर बेंगलुरु, मुंबई और चेन्नई में देखने को मिल रहा है. इन शहरों में ज्यादातर रेस्टोरेंट रोजाना खाना बनाने के लिए कमर्शियल गैस पर निर्भर रहते हैं, इसलिए सप्लाई कम होने से परेशानी बढ़ गई है. बीते 7 मार्च को एलपीजी गैस की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. भारत समेत कई देशों में करोड़ों घरों में भोजन बनाने के लिए एलपीजी गैस सिलेंडर उपयोग में आता है. अगर, वैश्विक स्थिति में जरा भी हलचल या तनाव होता है, तो इस स्थिति में इसका सीधा असर एलपीजी गैस पर भी देखने को मिलता है. चलिए आपको बताते हैं एलपीजी गैस कैसे बनती है और ऊर्जा संसाधनों से समृद्ध ईरान का संबंध इससे क्या है?
यह भी पढ़ें:- ट्रैफिक की भीड़... मां का प्यार, महिला ऑटो ड्राइवर बेटी ने बगल वाली सीट पर किया ऐसा इंतजाम, देखें दिल को छू लेने वाला वीडियो
घरों के लिए गैस सप्लाई को प्राथमिकता
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि घरों में इस्तेमाल होने वाला LPG सिलेंडर आसानी से उपलब्ध रहे. इसी कारण घरेलू गैस को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन इसका असर यह हुआ कि कई जगह कमर्शियल उपयोग के लिए गैस सिलेंडर कम उपलब्ध हो रहे हैं.
सरकार ने गैस आवंटन के नियम बदले
पश्चिम एशिया के संघर्ष की वजह से गैस आयात (Imported Gas) में रुकावट आ रही है. इस स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने देश में बनने वाली प्राकृतिक गैस (Natural Gas) के वितरण का क्रम बदल दिया है. नई व्यवस्था के अनुसार, LPG उत्पादन, CNG, और पाइप्ड कुकिंग गैस (PNG) को सबसे पहले प्राथमिकता दी गई है. सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, इन तीनों की जरूरतें सबसे पहले पूरी की जाएगी, फिर बाकी सेक्टर को गैस दी जाएगी.
भारत हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन LPG इस्तेमाल करता है. इसमें से 87% गैस घरों में खाना बनाने के लिए उपयोग होती है बाकी गैस होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक जगहों पर इस्तेमाल होती है. भारत की LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात (इम्पोर्ट) से आता है यानी करीब 62% गैस बाहर से खरीदी जाती है.
LPG कमी क्यों हुई?हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया और इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाली तेल और गैस सप्लाई प्रभावित हुई. यही रास्ता भारत की LPG सप्लाई के लिए सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत की 85-90% LPG आयात (जैसे सऊदी अरब से आने वाली सप्लाई) इसी रास्ते से होकर आती है. जब यह मार्ग प्रभावित हुआ, तो भारत में LPG पहुंचने में दिक्कत आने लगी और कुछ जगहों पर अचानक कमर्शियल LPG की कमी दिखने लगी.
कैसे बनती है एलपीजी गैस?एलपीजी दो गैसों से मिलकर बनती है. इनमें प्रोपेन और ब्यूटेन शामिल हैं. इन गैसों को कच्चे तेल की रिफाइनिंग और प्राकृतिक गैस के प्रसंस्करण के दौरान अलग किया जाता है. क्रूड ऑयल को जब रिफाइनरी में प्रोसेस किया जाता है उस दौरान कई तरह के ईंधन और गैसें निकलती हैं. इन्हीं गैसों में से प्रोपेन और ब्यूटेन को अलग करके उच्च दबाव में तरल रूप में बदल दिया जाता है. इसे ही एलपीजी कहा जाता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं