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जमीन की रजिस्ट्री से पहले चेक कर लें ये बातें, वरना जिंदगी भर काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर

आजकल बड़ी संख्या में लोग प्लॉट और जमीन खरीद रहे हैं, लेकिन बिना किसी जांच-पड़ताल के जमीन खरीदना भारी नुकसान करा सकता है.जमीन खरीदने से पहले कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए, वरना बाद में विवादित जमीन हाथ लग जाती है और कई परेशानियां खड़ी हो जाती हैं.

जमीन की रजिस्ट्री से पहले चेक कर लें ये बातें, वरना जिंदगी भर काटने पड़ेंगे कोर्ट के चक्कर
जमीन खरीदने की है तैयारी तो ये खबर है आपके काम की.
File Photo

Land Buying Tips: आजकल देश के हर हिस्से में जमीन या प्लॉट (Plot) खरीदने का एक अलग ही क्रेज है. खासकर युवा जो जल्दी सेटल होना चाहते हैं और तेजी से प्लॉट खरीद रहे हैं. लोग इसके लिए अपनी जिंदगीभर की कमाई लगा देते हैं. लेकिन जरा सोचिए इतनी मेहनत से खरीदी गई जमीन बाद में विवादित निकल जाए, तो क्या होगा. जमीन के चक्कर में अक्सर लोग धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं या फिर सालों-साल कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटते रहते हैं. अगर आप भी इस तरह की धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं और किसी भी तरह के झंझट से जमीन खरीदना चाहते हैं, तो जमीन फाइनल करने से पहले कुछ बातों की बारीकी से जांच जरूर कर लें. आइए जानते हैं जमीन खरीदने से पहले आपको क्या-क्या देखना चाहिए.

जमीन का डिजिटल रिकॉर्ड 

आज के डिजिटल दौर में ज्यादातर राज्य की सरकार ने जमीन के रिकॉर्ड को ऑनलाइन कर दिया है यानी ऑनलाइन जमाबंदी या लैंड रिकॉर्ड पूरी तरह घर बैठे देख सकते हैं. सबसे पहले सरकारी पोर्टल पर जाकर चेक करें कि जो जमीन आप खरीद रहे हैं, उसका रिकॉर्ड इंटरनेट पर उपलब्ध है या नहीं. ऑनलाइन रिकॉर्ड में उस खसरा या प्लॉट नंबर (Plot Number) को ढूंढें, जिसे आप खरीदने जा रहे हैं. क्या वह नंबर सही-सही दर्ज है. इसके अलावा चेक करें कि ऑनलाइन रिकॉर्ड में जमीन का कुल क्षेत्रफल (Area) कितना लिखा हुआ है. विक्रेता आपको जितनी जमीन बता रहा है, क्या ऑनलाइन भी उतनी ही जमीन दर्ज है.

जमीन का असली मालिक कौन है?

जमीन खरीदते समय सबसे बड़ा धोखा तब होता है, जब बेचने वाला इंसान जमीन का असली या इकलौता मालिक नहीं होता है. यह कंफर्म करें कि सरकारी रिकॉर्ड में जमीन बेचने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज है या नहीं. अगर उस जमीन में एक से ज्यादा हिस्सेदार (Brothers or Partners) हैं, तो क्या बेचने वाले के पास बाकी सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति (Written Consent) या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) है. अगर जमीन में दूसरे हिस्सेदार भी हैं और आपने सिर्फ एक व्यक्ति की बात पर भरोसा करके पैसे दे दिए, तो आप एक बड़ा कानूनी विवाद खरीद रहे हैं.

प्लॉट लेते समय इन बातों का भी रखें ध्यान

1. लिंक डीड या पुराना इतिहास

जब भी जमीन खरीदने जाएं, तो सिर्फ रजिस्ट्री से खुश न हों. इससे बाद में कई समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. जमीन लेने से पहले उसके पिछले 13 से 30 सालों में किसके-किसके नाम (Link Deed) पर रही है, इसकी पूरी चेन (Chain Documents) जरूर देखें.

2. भारमुक्त प्रमाण पत्र (Encumbrance Certificate)

इस पेपर से यह पता चलता है कि जिस जमीन को आप ले रहे हैं, उस पर पहले से कोई बैंक लोन या कानूनी केस तो नहीं चल रहा है. क्योंकि कई बार ऐसा होता है कि जमीन खरीदने पर पता चलता है कि उस पर लोन चल रहा है और आप कानूनी उलझनों में उलझ सकते हैं.

3. जमीन पर जाकर खुद चेक करें

जमीन खरीदते समय कागजों के साथ-साथ खुद जमीन देखने जाएं. आस-पास के पड़ोसियों से बात करें और पता लगाएं कि उस प्लॉट पर किसी और का कब्जा या कोई पुराना झगड़ा तो नहीं है. इससे आप कई सारी समस्याओं से बच सकते हैं.

जल्दबाजी में एडवांस देने से बचें

अक्सर लोग ब्रोकर या बेचने वाले के मीठे वादों में आकर जल्दबाजी में बयाना (Advance) दे देते हैं, जो सबसे बड़ी गलती मानी जाती है. जब तक एक-एक कागज सरकारी पोर्टल पर सही न मिल जाए और सभी हिस्सेदारों की सहमति न दिखे, तब तक पैसों का लेन-देन बिल्कुल न करें.

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लेखक के बारे में
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अनु चौहान
न्यूज एडिटर
अनु चौहान एनडीटीवी में न्‍यूज एडिटर के पद पर कार्यरत मीडिया और पत्रकारिता जगत की एक अनुभवी और सशक्त हस्ती हैं. लगभग 24 वर्षों के अपने व्यापक करियर में... और पढ़ें
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