हमारे बीच किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को लेकर कई तरह की भ्रांतियां फैली हुई हैं. कुछ लोग मानते हैं कि KCC सिर्फ सरकारी बैंकों से ही मिल सकता है, जबकि कई लोगों का कहना है कि जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे इसका लाभ नहीं उठा सकते. हालांकि, ये धारणाएं पूरी तरह सही नहीं हैं. एग्रीकल्चर इंडिया की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर की गई जानकारी में KCC से जुड़े ऐसे ही कई मिथकों और उनकी सच्चाई बताई गई है. .यहां जानते हैं किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े प्रमुख मिथक और उनके पीछे की हकीकत क्या है?
मिथक: KCC कार्ड सिर्फ सरकारी बैंकों से ही मिलता है.
सच्चाई : किसानों के बीच यह एक आम गलतफहमी है कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिर्फ सरकारी या सहकारी बैंकों से ही बनवाया जा सकता है. जबकि सच्चाई यह है कि KCC राष्ट्रीयकृत बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) और कुछ निजी बैंकों में भी बनवाया जा सकता है.
ऐसे में किसानों को सिर्फ सरकारी बैंक पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है. वे अपनी सुविधा के अनुसार पात्र बैंकों में जाकर KCC की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और इसके लिए आवेदन भी कर सकते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) सिर्फ सरकारी बैंक ही नहीं - KCC सभी राष्ट्रीयकृत, क्षेत्रीय ग्रामीण और कुछ निजी बैंकों से मिलता है। जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं - किरायेदार और शेयरफार्मर भी पात्र हैं। #agrigoi #KisanCreditCard #KCC #FarmersWelfare #MyGovIndia pic.twitter.com/KIjtMsIJIa
— Agriculture INDIA (@AgriGoI) August 9, 2026
मिथक: किसान क्रेडिट कार्ड के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी है.
सच्चाई : यह सिर्फ किसानों ही नहीं, बल्कि आम लोगों के बीच भी एक बहुत ही बड़ी गलतफहमी है. एग्रीकल्चर इंडिया ने स्पष्ट किया है कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं है.
किरायेदार किसान और बटाईदार किसान (Sharecroppers) भी पात्रता की शर्तें पूरी करने पर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. यानी अगर आपके पास किसी तरह की जमीन नहीं है, तब भी आप जमीन को किराये पर लेकर इस योजना का पूरी तरह से लाभ उठआ पाएंगे.
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