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Barrier-Free Toll Plaza: टोल प्लाजा पर अब नहीं रुकेंगी गाड़ियां! देश में पहली बार शुरू हुआ बैरियर-लेस फ्री फ्लो टोल सिस्टम

Barrier-Free Toll Plaza: देश में हाईवे यात्रा को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. नितिन गडकरी ने आज गुजरात के सूरत-भरूच NH-48 सेक्शन पर चोर्यासी टोल प्लाजा पर देश के पहले मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम की शुरुआत की.

Barrier-Free Toll Plaza: टोल प्लाजा पर अब नहीं रुकेंगी गाड़ियां! देश में पहली बार शुरू हुआ बैरियर-लेस फ्री फ्लो टोल सिस्टम
Barrier-Free Toll Plaza
file photo

Barrier-Free Toll Plaza: भारत का पहला बिना बैरियर वाला टोल प्लाजा अब मुंबई–दिल्ली नेशनल हाईवे (NH48) पर सूरत के पास शुरू हो गया है. इससे अब गाड़ियां रुके बिना टोल प्लाजा से गुजर सकेंगी. यह देश में पूरी तरह ऑटोमैटिक टोल वसूली की दिशा में एक बड़ा कदम है. यह टोल प्लाजा चोर्यासी टोल प्लाजा कहलाता है, जो सूरत और भरूच के बीच कामरेज–चोर्यासी इलाके में स्थित है. इसकी टेस्टिंग 2 फरवरी से करीब दो महीने तक की गई, इसके बाद इसे आम लोगों के लिए खोल दिया गया. इस टोल प्लाजा में कोई फिजिकल बैरियर नहीं है यानी गाड़ियों को रुकना नहीं पड़ेगा और ट्रैफिक बिना रुकावट चलता रहेगा.

देश का पहला बैरियर-लेस फ्री फ्लो टोल सिस्टम

यह नई व्यवस्था मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक पर आधारित है. इसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की योजना के तहत लागू किया है, ताकि टोल सिस्टम को आधुनिक बनाया जा सके. सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक देशभर के 1,050 से ज्यादा टोल प्लाजा को ऐसे AI आधारित, बैरियर-फ्री सिस्टम में बदला जाए. नई व्यवस्था में टोल टैक्स अपने-आप कट जाएगा. इसके लिए वाहन के नंबर प्लेट को पढ़ने वाली तकनीक (ANPR) और FASTag—दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा. गाड़ी चलते-चलते ही टोल कट जाएगा.

जाम घटेगा और ईंधन की बचत भी होगी

सरकार का मानना है कि इस सिस्टम से यात्रा का समय कम होगा, हाईवे पर लगने वाला जाम घटेगा और ईंधन की बचत भी होगी. इसके साथ ही गाड़ियों से होने वाला प्रदूषण भी कम होगा और टोल प्रक्रिया में मानवीय दखल भी घटेगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि यह कदम आम लोगों के लिए Ease of Living को बेहतर बनाएगा और व्यापार के लिए Ease of Doing Business को भी बढ़ावा देगा. इससे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी गति मिलेगी. उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश में वर्ल्ड-क्लास और टेक्नोलॉजी आधारित नेशनल हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है.

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टोल प्लाजा पर ऊपर लगे हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट पढ़ते हैं और RFID सेंसर FASTag की जानकारी लेते हैं. इसके बाद टोल का पैसा सीधे गाड़ी मालिक के बैंक खाते से अपने-आप कट जाता है. इसमें किसी इंसान की मदद की जरूरत नहीं होती. NHAI के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ए.आर. चित्रांशी ने बताया कि इस सिस्टम में गाड़ियों को टोल पर रुकना नहीं पड़ता. उन्होंने कहा, “इस बिना बैरियर वाले टोल सिस्टम को मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग भी कहते हैं. इसमें गाड़ी को रोकने की जरूरत नहीं है. कोई बैरियर नहीं होता. गाड़ी ऊपर लगे ढांचे (गैन्ट्री) के नीचे से गुजरती है और टोल अपने-आप कट जाता है”

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