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Live: टीएमसी और बीजेपी में हुई झड़प, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा बढ़ाई

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वीडियो संदेश जारी करने के महज कुछ ही घंटों बाद धरना शुरू हुआ. ममता ने EVM में छेड़छाड़ की आशंका जताई थी.

Live: टीएमसी और बीजेपी में हुई झड़प, स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा बढ़ाई
EVM स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर TMC का धरना
  • पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम स्ट्रांग रूम को सुरक्षित स्थानों पर सील करके रखा गया है
  • तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने ईवीएम स्ट्रांग रूम के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है
  • ममता ने EVM से छेड़छाड़ के शक में संदेश जारी कर कार्यकर्ताओं को स्ट्रांग रूम की पहरेदारी का आह्वान किया था
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West Bengal:

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद अब सभी को रिजल्ट का इंतजार है. वहीं EVM को सुरक्षित स्थानों पर रखा गया है. हालांकि ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंकाओं के बीच पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल के एक सदस्य और तृणमूल कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने गुरुवार (30 अप्रैल) शाम से कोलकाता में एक ईवीएम स्ट्रांगरूम के सामने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. पश्चिम बंगाल के अलग-अलग विधानसभा में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर टीएमसी नेताओं का बवाल और धरना शुरू हो गया है.

बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम बवाल पर आपको यहां मिलेगा Live Update

फिलहाल सीएम ममता बनर्जी लॉर्ड सिन्हा स्ट्रॉन्ग रूम में मौजूद हैं. खराब मौसम की वजह से उनका नेताजी स्थित स्ट्रॉन्ग रूम का दौरा कुछ देर से हो सकता है.

  • खुदीराम अनुषीलन केंद्र के भीतर कुल 7 एसी युक्त स्ट्रॉन्ग रूम मौजूद हैं.
  • मतदान समाप्त होने के बाद सभी स्ट्रॉन्ग रूम को उम्मीदवारों/चुनाव एजेंटों और जनरल ऑब्जर्वर की मौजूदगी में सील कर दिया गया.
  • अंतिम स्ट्रॉन्ग रूम सुबह करीब 5:15 बजे बंद किया गया.
  • मतदान में इस्तेमाल हुई ईवीएम वाले सभी स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और विधिवत सील किए गए हैं.
  • उसी परिसर में पोस्टल बैलेट के लिए एक अलग स्ट्रॉन्ग रूम है, जहां एसी-वाइज पोस्टल बैलेट और ईटीबीपीएस के बैलेट रखे गए हैं.
  • इस संबंध में सभी ऑब्जर्वरों और आरओ को सूचना दी गई और आरओ से उम्मीदवारों व उनके एजेंटों को सूचित करने का अनुरोध किया गया.
  • आरओ द्वारा राजनीतिक दलों को ई-मेल के माध्यम से जानकारी दी गई.
  • पोस्टल बैलेट का सेग्रिगेशन शाम 4 बजे से पोल्ड ईवीएम वाले स्ट्रॉन्ग रूम के कॉरिडोर में किया जा रहा था.
  • मुख्य स्ट्रॉन्ग रूम पूरी तरह सुरक्षित हैं और ताले में बंद हैं.
  • पूरी व्यवस्था और प्रक्रिया को सुश्री पांजा, कुणाल घोष और भाजपा के काली को विधिवत दिखाया गया.

टीएमसी के मंत्री ईवीएम स्ट्रांग-रूम के बाहर पहरेदारी के लिए तैनात

पश्चिम बंगाल की महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण और वाणिज्य एवं उद्योग विभागों की मंत्री शशि पांजा और तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष, जो इस बार राज्य विधानसभा चुनावों में उम्मीदवार भी हैं, ने अपना धरना-प्रदर्शन शुरू करते हुए दावा किया कि उन्हें शक है कि ईवीएम स्ट्रांग-रूम के बाहर पहरेदारी के लिए तैनात पार्टी कार्यकर्ताओं को केंद्रीय बलों ने जान-बूझकर हटा दिया है, ताकि स्ट्रांग-रूम के अंदर ईवीएम से छेड़छाड़ की कोई नापाक साजिश रची जा सके. TMC नेताओं ने यह भी दावा किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) को और अधिक पारदर्शी होना चाहिए और सभी को इस बात की जानकारी देनी चाहिए कि स्ट्रांग-रूम के अंदर आखिर चल क्या रहा है.

ममता बनर्जी के संदेश के बाद जारी हुआ धरना

मध्य कोलकाता के खुदीराम अनुशीलन केंद्र में शुरू हुआ यह धरना-प्रदर्शन, जो उत्तरी कोलकाता के विधानसभा क्षेत्रों के लिए EVM स्ट्रांग-रूम का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक वीडियो संदेश जारी करने के महज कुछ ही घंटों बाद शुरू हुआ. उस संदेश में ममता बनर्जी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी और पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करने का आह्वान किया था.

उन्होंने यह भी कहा कि वह 4 मई की सुबह मतगणना शुरू होने तक सड़कों पर उतरकर स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी करेंगी.

सूचना मिली की स्ट्रांग रूम खोला जाएगा

उत्तरी कोलकाता की बेलियाघाटा विधानसभा सीट से इस बार तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार घोष के अनुसार, खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्थित स्ट्रांग-रूम के सामने तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे तक मौजूद थे.

घोष ने आगे कहा, "उसके बाद, दोपहर में केंद्रीय बलों ने उन्हें वहां से हटा दिया. इसी बीच, अचानक मुझे एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया था कि स्ट्रांग-रूम शाम 4.00 बजे फिर से खोला जाएगा. तब हमने फोन पर पार्टी कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. हमने उनसे पूछा कि क्या वे अभी भी वहीं मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि वे वहां से जा चुके हैं. तब हम दोनों तुरंत उस जगह के लिए रवाना हो गए. अब वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि वे भाजपा के लोगों को अंदर बुला रहे हैं."

पांजा ने कहा कि इस चुनाव में स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी का मुद्दा बेहद संवेदनशील है. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रांग-रूम खोला गया था, तो हर राजनीतिक दल को इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई?

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