हाल के महीनों में कई शहरों में अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर कार्रवाई हुई है, जिससे हजारों लोगों की मेहनत की कमाई खतरे में पड़ गई. प्रॉपर्टी खरीदते समय छोटी सी गलती आपको बड़े नुकसान में डाल सकती है. अगर आप भी प्लॉट या मकान खरीदने की सोच रहे हैं, तो पहले ये जरूरी जांच जरूर कर लें…
प्रॉपर्टी खरीदना हर इंसान के जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है, लेकिन एक छोटी सी गलती आपको भारी नुकसान में डाल सकती है. आज भी हजारों लोग बिना सही जानकारी के अवैध कॉलोनियों में घर या प्लॉट खरीद लेते हैं और बाद में कानूनी झंझट, बुलडोजर कार्रवाई और पैसे के नुकसान का सामना करते हैं. हाल ही में कई शहरों में अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई हुई, जिससे सैकडों लोगों के घर ही नहीं सपने और दिल भी टूटे.
आजकल तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री के बीच कई लोग जल्दबाजी में गलत प्लॉट खरीद रहे हैं. ज्यादातर मामलों में लोगों को कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में जरूरी है कि किसी भी प्रॉपर्टी में इंवेस्ट करने से पहले आप यह पता लगा लें कि वह अवैध तो नहीं है. हम आपको कुछ ऐसे टिप्स देने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप सही प्रॉपर्टी खरीद सकेंगे.
अगर आप भी प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं, तो ये 5 ज़रूरी चेक आप जरूर कर लें, वरना आपका पैसा फंस सकता है-
1. सबसे पहले ये डॉक्यूमेंट्स जरूर देखें
1. अप्रूव्ड ले आउट प्लान जरूर मांगें
2. यह LDA, UPSIDA, आवास विकास या संबंधित विभाग से अप्रूव्ड होना चाहिए. इसमें ये चीजें जरूर हों:
- परमिट नंबर
- परमिट की तारीख
- अधिकारियों के साइन
- ऑफिशियल मुहर
3. साथ ही परमिट लेटर भी देखें, जिसमें प्रोजेक्ट का:
- कुल एरिया,
- खसरा नंबर,
- रोड, पार्क, ग्रीन एरिया,
- STP, पानी की टंकी की पूरी जानकारी हो.
4. अगर प्रोजेक्ट RERA में है, तो RERA रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जरूर चेक करें
प्रॉपर्टी फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं ऐसे में किसी भी प्रॉपर्टी को पसंद करने के बाद लेआउट में परमिट नंबर, परमिट की तारीख, संबंधित अधिकारियों के साइन और डिपार्टमेंट की आधिकारिक मुहर जरूर होनी चाहिए. इसके अलावा बिल्डर से परमिट लेटर भी मांगें, जिसमें परियोजना का कुल एरिया, खसरा नंबर, सड़क, पार्क, ग्रीन एरिया, एनओसी, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और पानी की टंकी जैसी सुविधाओं की पूरी जानकारी दी गई हो.
प्रॉपर्टी खरीदते समय ये 5 गलतियां बिल्कुल न करें |
|---|
| 1. सिर्फ ब्रोकर पर भरोसा करना |
| 2. डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई न करना |
| 3.साइट विजिट स्किप करना |
| 4. RERA रजिस्ट्रेशन इग्नोर करना |
| 5. जल्दबाजी में डिसीजन लेना |
देश में प्रॉपर्टी फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जहां लोग बिना जांच किए अवैध कॉलोनियों में निवेश कर देते हैं. अगर परियोजना रेरा में रजिस्टर्ड है, तो उसका रेरा रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी देखना चाहिए. डॉक्यूमेंट्स मिलने के बाद संबंधित डिपार्टमेंट में जाकर उनकी जांच करना सबसे सेफ तरीका माना जाता है.
कैसे पहचानें कि कॉलोनी वैध है या अवैध ? यदि प्लॉट अवैध कॉलोनी में स्थित है तो नक्शा कैसे पास होगा ?
2. साइट पर जाकर खुद करें ये जांच
सिर्फ कागज नहीं, जमीन भी देखना जरूरी है. दस्तावेजों के साथ-साथ कॉलोनी को खुद जाकर देखना भी जरूरी है. किसी भी नई अप्रूव्ड कॉलोनी में मुख्य सड़क की चौड़ाई कम से कम 9 मीटर यानी लगभग 30 फीट होनी चाहिए. अगर सड़क इससे काफी संकरी है, तो उसकी वैधता की जांच जरूर करें.
मुख्य सड़क कम से कम 9 मीटर (30 फीट) चौड़ी हो. कॉलोनी में ये सुविधाएं हों:
- पार्क
- ग्रीन एरिया
- सीवर व्यवस्था
- बिजली और पानी
सिविल इंजीनियर जय कुमार तिवारी के अनुसार -
3. बिल्डर की बातों पर आंख बंद कर भरोसा न करें
अगर बिल्डर कहे: “अप्रूवल मिल जाएगा” या “प्रोसेस में है” तो तुरंत सावधान हो जाएं.
केवल बोली गई बातों के बेस पर इंवेस्ट करना खतरनाक साबित हो सकता है. यह भी ध्यान रखें कि जिस डिपार्टमेंट से कॉलोनी का लेआउट प्लान अप्रूव हुआ है, मकान का नक्शा भी उसी डिपार्टमेंट से पास कराया जाता है. किसी दूसरे डिपार्टमेंट से इसकी मंजूरी नहीं मिलती.
4. Illegal Colony में निवेश का बड़ा खतरा
बीते कुछ सालों में कई शहरों में अवैध कॉलोनियों और अवैध निर्माणों पर एडमिनिस्ट्रेशन ने बुलडोजर कार्रवाई की है. ऐसे मामलों में लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा है. इसके अलावा अवैध कॉलोनियों में संकरी सड़कें, पार्कों की कमी, सीवर व्यवस्था का अभाव और फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सर्विसेस की पहुंच भी बड़ी समस्या बन सकती है.
5. Approved Colony लेने के फायदे
अप्रूव्ड कॉलोनियों में सरकारी बैंकों से आसानी से होम लोन मिल जाता है. साथ ही ऐसी प्रॉपर्टी की कीमत समय के साथ बेहतर तरीके से बढ़ती है. यही वजह है कि इंवेस्टमेंट से पहले सभी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की जांच और संबंधित डिपार्टमेंट से उनकी पुष्टि करना जरूरी होता है.
काम की बात : प्लॉट खरीदने से पहले 5 चीजें तुरंत जांचें:
- स्वीकृत नक्शा (Approved Layout) : मुहर और परमिट नंबर के साथ.
- RERA रजिस्ट्रेशन : रेरा की वेबसाइट पर नंबर क्रॉस-चेक करें.
- खसरा नंबर और परमिट लेटर : कुल एरिया और ग्रीन बेल्ट की जानकारी.
- बैंक लोन अप्रूवल : क्या सरकारी बैंक इस प्रोजेक्ट पर लोन दे रहे हैं?
- मास्टर प्लान 2031 (Local Master Plan) : जमीन किस जोन (रेसिडेंशियल या ग्रीन) में है.
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