How to verify land records: जमीन खरीदना ज्यादातर लोगों के लिए जिंदगी का एक बड़ा निवेश होता है. कई बार लोग अच्छी लोकेशन और कम कीमत देखकर जल्दी फैसला कर लेते हैं, लेकिन बाद में पता चलता है कि जमीन पर विवाद है या उसके कागज पूरे नहीं हैं. ऐसी स्थिति में पैसा और समय दोनों का नुकसान हो सकता है. इसलिए जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले उसके सभी जरूरी दस्तावेजों की सही तरीके से जांच करना बहुत जरूरी है. अगर पहले ही सावधानी बरती जाए तो आगे चलकर कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं कि जमीन खरीदने से पहले किन बातों पर ध्यान देना चाहिए.
यह भी पढ़ें- चारधाम यात्रा 2026: आज से शुरू हुआ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, जानिए कैसे करें पंजीकरण और कब खुलेंगे धामों के कपाट
मदर डीड और पुराने सेल डीड जरूर देखें
सबसे पहले यह पक्का करें कि जमीन बेचने वाला व्यक्ति ही उसका असली मालिक है. इसके लिए मदर डीड (Mother Deed) और पुराने सेल डीड (Sale Deed) को ध्यान से देखना चाहिए. इन दस्तावेजों से पता चलता है कि जमीन पहले किस-किस के नाम रही है और उसका मालिकाना हक कैसे बदला है. अगर इन कागजों में नाम, सर्वे नंबर या अन्य जानकारी में कोई गड़बड़ी दिखे तो यह आगे चलकर समस्या बन सकती है.
एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (EC) जरूर निकलवाएंजमीन खरीदने से पहले एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट यानी EC जरूर चेक करें. इस दस्तावेज से पता चलता है कि जमीन पर कोई लोन, गिरवी, केस या अन्य कानूनी बोझ तो नहीं है. कोशिश करें कि कम से कम पिछले 10 से 30 साल का EC निकलवाया जाए. इससे यह साफ हो जाता है कि जमीन पर कोई बकाया या विवाद नहीं है.
म्यूटेशन रिकॉर्ड और राजस्व दस्तावेज देखेंइसके बाद म्यूटेशन रिकॉर्ड और जमीन से जुड़े सरकारी दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है. अलग-अलग राज्यों में इन्हें खसरा-खतौनी, रिकॉर्ड ऑफ राइट्स (RoR), पट्टा या खाता जैसे नामों से जाना जाता है. इनसे यह पता चलता है कि सरकारी रिकॉर्ड में जमीन किसके नाम पर दर्ज है और जमीन का टैक्स भरा जा रहा है या नहीं. अगर म्यूटेशन अभी भी पुराने मालिक के नाम पर है तो आगे चलकर विवाद हो सकता है.
जमीन का लैंड यूज भी चेक करेंहर जमीन का एक तय उपयोग होता है, जैसे कृषि, आवासीय या व्यावसायिक. अगर जमीन पहले कृषि भूमि थी और आप उस पर घर बनाना चाहते हैं, तो यह देखना जरूरी है कि उसे नॉन-एग्रीकल्चरल (NA) में बदला गया है या नहीं. बिना अनुमति के ऐसी जमीन पर निर्माण करना अवैध माना जा सकता है.
आजकल कई राज्यों में जमीन के रिकॉर्ड ऑनलाइन भी देखे जा सकते हैं. सरकारी वेबसाइट पर जाकर आप सर्वे नंबर, मालिक का नाम और अन्य जानकारी चेक कर सकते हैं. लेकिन ऑनलाइन जानकारी के साथ-साथ असली दस्तावेजों को भी जरूर जांचें.
सबसे जरूरी बात यह है कि जमीन खरीदने से पहले किसी अनुभवी प्रॉपर्टी वकील से सलाह लेना अच्छा रहता है. सही जांच और कानूनी सलाह से आप सुरक्षित तरीके से जमीन खरीद सकते हैं और भविष्य की परेशानियों से बच सकते हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं