T20 World Cup 2026 में गुरुवार को भारत और इंग्लैंड के बीच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया टी20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला लोेगों के चेहरों पर होली के रंगों की तरह अभी भी दुनिया के करोडों फैंस की जुबां पर चढ़ा है. वास्तव में इसका 'रंग' इतना गाढ़ा और पक्का है कि जब-जब कोई भी शख्स इसके विजुअल या हाईलाइट्स देखेगा, तो इस रोमांच रूपी 'गाढ़े रंग' में तर-बतर हो जाएगा. वर्ल्ड कप के नॉकआउट के इतिहास में सबसे बड़ा लक्ष्य 254 और फिर इतने कम रनों के अंतर से हार. इसी गाढ़े रूपी रंग ने मेगा इवेंट के इतिहास के नॉकआउट मुकाबले में इतना ऊंचा मानक स्थापित कर दिया है, जिसका लंबे समय तक मिटना आसान होने नहीं जा रहा है. रोमांच की पराकाष्ठा ऐसी कि इंग्लैंड को आखिर 2 ओवरों में जीत के लिए 39 रन की जरूरत होने के बावजूद करोडों भारतीय प्रशंसकों की सांसें अटकी हुई थीं. और वजह थी एक छोर पर किसी कसाई की तरह छुरा चलाने वाले जैकब बेथल (105 रन, 48 गेंद, 8 चौके, 7 छक्के) की विस्मित कर देने वाले पारी. कोशिश बेथल की असाधारण थी, लेकिन इग्लैंड की हार नहीं टाल सके. कुल मिलाकर मुकाबले में अगर 2 सबसे बड़े टर्निंग प्वाइंट नहीं होते, तो फाइनल में भारत नहीं, इंग्लैंड होता.
1. इंग्लैंड बोला-ओह! हैरी ये क्या किया!
वास्तव में कप्तान हैरी ब्रूक की अगले कई रातें खराब होने जा रही हैं. और बात अगली कुछ रातों की ही नहीं है. जब-जब इस सेमीफाइनल की चर्चा होगी, तो हैरी के जख्म हरे हो जाएंगे. वैसे इस घाव के लिए कोई और नहीं, बल्कि खुद हैरी ब्रूक जिम्मेदार हैं. भारतीय बैटिंग के जोफ्रा आर्चर के फेंके तीसरे ओवर की दूसरी गेंद. सैमसन का मिडऑन के ऊपर से बाउंड्री लेने की कोशिश...बल्ला घूम गया..शॉट मिसटाइम हो गया..ब्रूक की नजरें और दिमाग भी घूम गया! हाथों से टकराकर बाईं को गेंद छिटक गई..और मानो इंग्लैंड के हाथों से मैच भी छिटक गया..इंग्लिश प्रेमी बोले-ओह हैरी ये क्या किया! उस समय आवाज का सुर नीचा था..अंग्रेज 7 रन से हारे, तो इस बार गम ज्यादा था..आंखों में आंसू थे..और माथे पर दोनों हाथ..रूंधी हुई आवाज-ओह! हैरी ये क्या किया! यह कैच छोड़ना सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन गया..एक दो नहीं, पूरे 74 रन महंगा साबित हुआ. तब सैमसन सिर्फ 15 रन पर थे. कैच छूटा, तो यहां से 42 गेंदों पर 8 चौकों, 7 छक्कों से बड़ा अंतर पैदा करने वाली 89 रन की पारी खेल गए, प्लेयर ऑफ द मैच ले गए. हैरी के घावों और कहीं ज्यादा मिर्ची छिड़क गए!
2. इस रिले कैच के क्या कहने!
ऐसा नहीं है कि हैरी के कैच छोड़ने के बाद भी इंग्लैंड की उम्मीदें पूरी तरह खत्म हो गई थीं. जैकब बेथल ने एक छोर संभाला, तो गिरते विकेटों के बीच एक छौर पर विल जैक्स 20 गेंदों पर 35 रन बनाकर उनके साथ हो लिए. इस जोड़ी ने इंग्लैंड की फाइनल में खेलने की उम्मीदों को फिर से जवां कर दिया! लेकिन 14वें ओवर की आखिरी गेंद पर दुनिया ने अलग ही तस्वीर देखी. किसी को इसमें 2024 के फाइनल का सूर्यकुमार दिखाई पड़ा, तो किसी को कुछ और ! जब समय अच्छा हो, तो विकेट फुलटॉस पर भी विकेट मिल जाते हैं. अर्शदीप की वाइ़ड फुललेंग्थ फेंकने की कोशिश, लेकिन यह लोअर-फुलटॉस में तब्दील हो गई. विल जैक्स का का बल्ला अलग अंदाज में घूमा. स्कवॉयरिश लॉफ्टेड शॉट. अक्षर पटेल स्वीपर कवर से तेजी से दौड़े..और लगभग डीप प्वाइंट पर पहुंचकर सुपर से ऊपर कैच पकड़ लिया...संतुलन गड़बड़ाया...दिमाग की बत्ती जली! बाउंड्री में एंट्री लेने से पहले गेंद नजदीक खड़े शिवम दुबे की ओर उछाल दी. और दुबे जी ने बहुत ही सहजता से अपनी हथेलियों में जकड़ लिया. भाग्य का चक्र एक बार फिर से टीम इंडिया की ओर घूम गया. इंग्लैंड की जवां हुईं लौ रूपी सूचकांक फिर से जमीं पर उतर आईं! दूसरा बड़ा टर्निंग प्वाइंट भारत की सिक्रिप्ट लिख चुका था!
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