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Fake Email Identification: ईमेल असली है या नकली, जानिए ईमेल को पहचानने का सही तरीका क्या है?

How To Identify Email Real or Fake: प्रतिदिन 34 लाख से अधिक फिशिंग ईमेल भेजे जाते हैं और 90% साइबर हमले फिशिंग ईमेल से ही शुरू होते हैं.

Fake Email Identification: ईमेल असली है या नकली, जानिए ईमेल को पहचानने का सही तरीका क्या है?
ईमेल असली है या नकली
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How To Identify Email Real or Fake: जरा सोचिए आपने अपना इनबॉक्स खोला और अपने बैंक से एक जरूरी मैसेज देखा, जिसमें बताया गया कि आपका खाता हैक हो गया है और आपको तुरंत अपनी जानकारी सत्यापित करनी होगी. आप तुरंत लिंक पर क्लिक करना चाहते हैं, अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए तैयार, लेकिन रुकिए क्या आप अभी-अभी एक पुराने और घिसे-पिटे धोखे का शिकार हो गए हैं? दरअसल, आज के समय में इस तरह के फिशिंग हमले हर जगह वायरल हैं. वास्तव में प्रतिदिन 34 लाख से अधिक फिशिंग ईमेल भेजे जाते हैं और 90% साइबर हमले फिशिंग ईमेल से ही शुरू होते हैं. आज के समय में धोखेबाज बेहद चालाक हो गए हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि ईमेल नकली है या नहीं. चलिए आपको बताते हैं ईमेल को पहचानने का सही तरीका क्या है?

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फिशिंग ईमेल क्या होता है?

फिशिंग ईमेल की पहचान और उनका पता लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वे क्या होते हैं और उनका इस्तेमाल क्यों किया जाता है. दरअसल, फिशिंग ईमेल नकली ईमेल होते हैं, जो असली जैसे दिखते हैं और उपयोगकर्ताओं को संवेदनशील जानकारी देने के लिए धोखा देते हैं. साइबर अपराधी विश्वसनीय स्रोतों का रूप धारण करके विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं. साइबर जगत में फिशिंग ईमेल का प्रचलन बहुत अधिक है और रोजाना ही हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों और संगठनों को निशाना बनाया जाता है.

ईमेल स्पूफिंग क्या है?

ईमेल स्पूफिंग एक साइबर तकनीक है, जिसमें साइबर अपराधी किसी भरोसेमंद व्यक्ति या संस्थान के नाम से फर्जी ईमेल भेजते हैं. इसमें ईमेल के फ्रॉम एड्रेस और हेडर को इस तरह बदल जाता है कि मैसेज असली लगे. यूजर को लगता है कि ईमेल बैंक, कंपनी, कलीग या किसी जाने पहचाने संस्थान की ओर से आया है. जबकि असल में वह फर्जी होता है. इस तरह की मेल में आपको एक लिंक दिया जाता है, जिसमें दावा किया जाता है कि सिक्योरिटी के लिए कुछ जानकारी अपडेट करना जरूरी है और इसी जाल में लोग अक्सर फंस जाते है और फिर साइबर क्राइम के शिकार हो जाते हैं.

कैसे पता करें ईमेल असली या नकली?

सबसे पहले ईमेल डोमेन की जांच करें. यदि आप किसी प्रतिष्ठित कंपनी से ईमेल आने की उम्मीद कर रहे हैं, तो डोमेन कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से मेल खाना चाहिए. उदाहरण के लिए, अमेजन से आने वाला ईमेल @ amazon.com से आना चाहिए , न कि @ amaz0n.com से.

कंपनियां आमतौर पर ईमेल के माध्यम से संवेदनशील जानकारी नहीं मांगती हैं. यदि कोई ईमेल आपसे आपकी व्यक्तिगत जानकारी, खाता विवरण, सामाजिक सुरक्षा संख्या या क्रेडिट कार्ड विवरण देने के लिए कहता है, तो यह लगभग निश्चित रूप से नकली है.

लिंक पर माउस ले जाएं

लिंक पर क्लिक किए बिना अपना कर्सर उस पर रखें. इससे आपको वास्तविक URL पता चल जाएगा. अगर यह संदिग्ध लगे या आधिकारिक वेबसाइट से मेल न खाए, तो इस पर क्लिक न करें. लिंक पर क्लिक करने के बजाय, कंपनी का नाम किसी सर्च इंजन में टाइप करके उसकी आधिकारिक वेबसाइट ढूंढें. हालांकि, सावधान रहें, स्पैमर URL शॉर्टनर या अन्य तकनीकों का उपयोग करके लिंक के वास्तविक गंतव्य को छिपा सकते हैं और कुछ ईमेल क्लाइंट आपको एम्बेडेड लिंक पर माउस ले जाकर यह देखने की अनुमति नहीं देते कि वे कहां ले जाते हैं.

HTTPS चेक करें

वैध वेबसाइटों का URL आमतौर पर “ https:// ” से शुरू होता है और उस पर एक ताला बना होता है. हालांकि, यह पूरी तरह सुरक्षित नहीं है, क्योंकि धोखेबाज भी अपनी दुर्भावनापूर्ण वेबसाइटों को सुरक्षित रख सकते हैं.

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