केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को छोटे क्लीनिकों के लिए 'ई सुश्रुत क्लिनिक' नामक हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया. इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को सी-डैक ने तैयार किया है. इसका उद्देश्य छोटे क्लीनिकों में स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और उन्हें सरकार समर्थित, किफायती और उपयोग में आसान डिजिटल समाधान उपलब्ध कराना है.
ई सुश्रुत क्लिनिक का उद्देश्य
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश के अधिकांश छोटे ओपीडी क्लीनिक अब भी मैनुअल व्यवस्था पर निर्भर हैं. बड़े हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम महंगे और जटिल होने के कारण छोटे क्लीनिक उन्हें अपनाने में सक्षम नहीं हैं. ऐसे में 'ई सुश्रुत क्लिनिक' इस कमी को दूर करेगा और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन को तेजी से लागू करने में मदद करेगा.
800 से ज्यादा स्वास्थ्य संस्थान जुड़े
सरकार की योजना है कि इस सिस्टम का उपयोग सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, उप-स्वास्थ्य केंद्रों के साथ-साथ निजी क्लीनिकों में भी किया जाए. फिलहाल 800 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से 680 से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड तैयार किए जा चुके हैं.
The future of clinic management is here!
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) June 29, 2026
e-Sushrut@Clinic is India's smart, affordable and ABDM-enabled Hospital Information Management System — built to help clinics run better and care better.
From digital patient records and appointments to billing, reporting and seamless… pic.twitter.com/FiBI9C0dju
क्या-क्या फीचर्स मिलेंग?
यह एक क्लाउड आधारित हल्का हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम है, जिसे विशेष रूप से छोटे आउट पेशेंट क्लीनिकों के लिए तैयार किया गया है. इसकी प्रमुख सुविधाओं में मरीजों का पंजीकरण, बिलिंग, एमआईएस रिपोर्टिंग, स्पीच-टू-टेक्स्ट, क्लीनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, आयुष्मान भारत खोजने की सुविधा जैसी सेवाएं शामिल हैं. यह सिस्टम उपयोग में आसान है और इसके संचालन के लिए विशेष तकनीकी जानकारी की आवश्यकता नहीं होगी. इसके अलावा, केवल हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री में पंजीकृत डॉक्टर ही इसका उपयोग कर सकेंगे, जिससे केवल प्रमाणित चिकित्सकों को ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा.
डिजिटल हेल्थ सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और सी-डैक के बीच एक समझौता किया जाएगा. इसके तहत सी-डैक सॉफ्टवेयर का रखरखाव और अपग्रेडेशन करेगा, जबकि एनएचए वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करेगा. एनएचए मरीजों को भेजे जाने वाले एसएमएस और एप्लिकेशन की क्लाउड होस्टिंग का खर्च भी वहन करेगा. साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.
299 रुपये प्रति महीने में 3 महीने की सेवा
'ई सुश्रुत क्लिनिक' की मूल कीमत 499 रुपए प्रति महीने पांच उपयोगकर्ताओं के लिए तय की गई है. हालांकि एनएचए की ओर से 200 रुपए की सब्सिडी मिलने के बाद इसका प्रभावी शुल्क 299 रुपए प्रति माह रहेगा. इसके अलावा शुरुआती तीन महीने यह सेवा पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी. पांच से अधिक उपयोगकर्ता जोड़ने पर प्रत्येक अतिरिक्त उपयोगकर्ता के लिए 50 रुपए प्रति माह शुल्क देना होगा.
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