प्राइवेट नौकरी करने वाले अपनी सैलरी से हर महीने पैसे कटवाकर प्रोविडेंट फंड (PF) में जमा करवाते हैं. यह पैसा उनके भविष्य और रिटायरमेंट के लिए काफी अहम होता है. हाल ही में EPS 2026 को लागू किया गया है. श्रम मंत्रालय ने पुरानी फैमिली पेंशन स्कीम को खत्म करने के साथ 29 जून को EPS 2026 को लागू किया गया है. वहीं इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद EPFO सदस्यों के बीच एक सवाल उठ रहा है, कर्मचारी सोच रहे हैं कि क्या उनकी मंथली पेंशन का गणित क्या होगा.
आपको बता दें नया नियम भले ही लागू किया गया है, लेकिन मंथली पेंशन निकालने का फॉर्मूला पुराना ही है. मंथली पेंशन के लिए 10 साल न्यूनतम सेवा वाला नियम अब भी बरकरार है. यानी मंथली पेंशन के लिए आपको 10 साल नौकरी करनी होगी.
मंथली पेंशन के लिए जहां कर्मचारी की उम्र 58 साल होनी चाहिए. इसके साथ ही किसी भी कर्मचारी को 10 साल नौकरी करनी होगी यानी 10 साल EPS में कंट्रीब्यूशन जमा कराना होगा. अगर 10 साल से पहले वह नौकरी छोड़ देता है तो वह मासिक पेंशन का लाभ नहीं ले पाएगा.
20 साल की नौकरी पर कितना मिलेगा पेंशन
मासिक पेंशन निकालने का फॉर्मूला EPFO ने बताया है जिससे आप EPS पेंशन निकाल सकते हैं. इसका फॉर्मूला है.
पेंशन योग्य वेतन यानी आखिरी 60 महीनों के औसत वेतन के आधार पर
पेंशन योग्य सेवा यानी EPS में योगदान में कुल सालों की संख्या
मासिक पेंशन= (पेंशन योग्य वेतन X पेंशन योग्य सेवा) / 70
अगर आपका पेंशन योग्य वेतन 30 हजार रुपये है और आप 20 साल नौकरी कर EPS में कंट्रीब्यूशन करते हैं. तो कितना होगी होगी मासिक पेंशन
मासिक पेंशन = (30000 X 20)/70
मासिक पेंशन = 8,571.42 रुपये
अगर आप अपनी नौकरी के दौरान पेंशन में जमा राशि की निकासी करते हैं तो इसका प्रभाव रिटायरमेंट के बाद आपके मंथली पेंशन पर पड़ेगा. आपकी मंथली पेंशन कम हो सकती है.
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