Pet Registration Rules: हम इंसानों के पास पहचान के लिए खास आधार नंबर, पैन नंबर वगैरह होता है, उसी तरह अब जानवरों की पहचान के लिए भी उनका एक खास नंबर होगा. उनका अपना रजिस्ट्रेशन नंबर. ये व्यवस्था शुरू हुई है, पिंक सिटी के नाम से मशहूर शहर जयपुर में. अगर आप भी जयपुर से हैं और अपने घर में कुत्ते, बिल्ली वगैरह पालते हैं तो आपको भी उनका रजिस्ट्रेशन कराना होगा. जयपुर नगर निगम (JMC) ने शहर के सभी पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है.
2 महीने की मोहलत, 5,000 रुपये जुर्माना
निगम ने जयपुरवासियों को इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 2 महीने की मोहलत दी है. 30 सितंबर 2026 तक ऐसा न करने वालों पर जुर्माना भरना होगा. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जो पेट ओनर्स (Pet Owners) अपने पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराएंगे, उन्हें 5,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा.
क्यों लागू किए गए नए नियम?
नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य जयपुर को 'रेबीज-मुक्त' बनाना, पशु कल्याण को बढ़ावा देना और शहर में मौजूद सभी पालतू जानवरों का एक आधिकारिक डेटाबेस तैयार करना है. आयुक्त के मुताबिक, हर पालतू जानवर के टीकाकरण और स्वास्थ्य का रिकॉर्ड रहने से रेबीज जैसी जानलेवा बीमारियों को फैलने से रोका जा सकेगा.

ऑन द स्पॉट होगा रजिस्ट्रेशन, तारीख नोट कर लें
जयपुर में दो अगस्त को 'पेट कार्निवल' लगेगा, जहां मौके पर ही रजिस्ट्रेशन की सुविधा मिलेगी. पेट ओनर्स की सुविधा के लिए जयपुर नगर निगम फ्रेंड्सशिप डे (Friendship Day) के अवसर पर 2 अगस्त 2026 को शहर का सबसे बड़ा 'पेट कार्निवल' आयोजित करने जा रहा है. यहां क्या-क्या होगा...
- ऑन-द-स्पॉट (मौके पर ही) पेट रजिस्ट्रेशन किया जाएगा.
- मुफ्त एंटी-रेबीज वैक्सीन (Anti-Rabies Vaccine) लगाई जाएगी.
- वेटनरी डॉक्टर्स आपके पेट्स का फ्री हेल्थ चेक-अप करेंगे.
- पेट अडॉप्शन (पालतू जानवरों को गोद लेने) की सुविधा मिलेगी.
वैक्सीनेशन जरूरी, जुर्माने का नियम भी जानिए
नए नियमों के तहत हर पालतू कुत्ते और बिल्ली को 3 महीने की उम्र में पहला एंटी-रेबीज टीका लगना अनिवार्य है. इसके बाद हर साल बूस्टर डोज लगवाना होगा. 30 सितंबर तक रजिस्ट्रेशन न कराने पर 5,000 का जुर्माना लगेगा. नियमों के अन्य उल्लंघनों पर 2,000 रुपये की पेनल्टी तय की गई है.
अगर नगर निगम किसी बिना रजिस्ट्रेशन वाले या नियम तोड़ने वाले कुत्ते को जब्त करता है, तो उसके रख-रखाव के लिए मालिक को 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से चार्ज देना होगा.
पेट शॉप, ब्रीडर्स के लिए भी कड़े नियम
नगर निगम ने पेट शॉप्स, डॉग व कैट ब्रीडर्स और केनल ऑपरेटर्स के लिए भी नए नियम जारी किए हैं:
- AWBI रजिस्ट्रेशन: सभी ब्रीडर्स और पेट शॉप्स का 'एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया' (AWBI) के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा.
- बिक्री से पहले रजिस्ट्रेशन: किसी भी कुत्ते या बिल्ली को बेचने या ट्रांसफर करने से पहले उसका नगर निगम में रजिस्ट्रेशन होना जरूरी है.
- 3 महीने से कम उम्र के पेट्स के लिए हलफनामा: 3 महीने से छोटे पिल्लों या बिल्लियों के बच्चों को खरीदने वाले ग्राहकों को शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा कि वे निर्धारित उम्र में टीका लगवाएंगे.
- हर 3 महीने में देनी होगी रिपोर्ट: पेट व्यवसायियों को हर 3 महीने में अपने द्वारा खरीदे और बेचे गए सभी जानवरों का रिकॉर्ड नगर निगम को सौंपना होगा.
कुत्ते-बिल्लियों का बिजनेस करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 1,000 रुपये+GST और रीन्युअल फीस 500 रुपये+GST तय की गई है.
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