दिल्ली में रोजाना बस से मुफ्त सफर करने वाली महिलाओं को बड़ा झटका लगने जा रहा है. दरअसल, दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की मौजूदा पिंक टिकट व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला किया है. इसकी जगह अब पिंक स्मार्ट सहेली कार्ड लागू किया जाएगा. इस नई व्यवस्था के जरिए केवल उन्हीं महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिनके पास यह स्मार्ट कार्ड होगा. इस दौरान सबसे अहम बात यह है कि कार्ड बनवाने के लिए दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड अनिवार्य किया गया है. इस फैसले से हजारों महिलाओं, छात्राओं और कामकाजी प्रोफेशनल्स पर असर पड़ने की आशंका है, जो दिल्ली में रहती या काम करती हैं लेकिन उनके आधार कार्ड पर दूसरे राज्यों का पता दर्ज है.
बाहरी राज्यों की छात्राओं के लिए बढ़ेगी परेशानी
दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी, आईपी यूनिवर्सिटी और दूसरे एजुकेशनल संस्थानों में देशभर से छात्राएं पढ़ने आती हैं. इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों की बड़ी संख्या शामिल है. अभी तक ये छात्राएं डीटीसी और क्लस्टर बसों में पिंक टिकट के जरिए मुफ्त यात्रा का लाभ उठा रही थीं. लेकिन नए नियम लागू होने के बाद दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड न होने पर उन्हें यह सुविधा नहीं मिल पाएगी. इससे उनके मंथली खर्च में बढ़ोतरी हो सकती है.
एनसीआर की कामकाजी महिलाओं पर भी असर
गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और आसपास के क्षेत्रों से रोजाना हजारों महिलाएं नौकरी या दूसरे कामों के लिए दिल्ली आती हैं. पिंक स्मार्ट सहेली कार्ड अनिवार्य होने के बाद इन महिलाओं को बस किराया देना पड़ सकता है क्योंकि उनके आधार कार्ड दिल्ली के पते पर नहीं बने हैं. इससे उनके खर्चे में भी इजाफा देखने को मिल सकता है.
छात्राओं ने नियमों में बदलाव की मांग उठाई
कई छात्राओं का कहना है कि वे पढ़ाई के लिए कुछ समय के लिए दिल्ली में रह रही हैं. ऐसे में सिर्फ मुफ्त बस यात्रा का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड में अपना स्थायी पता बदलवाना उनके लिए आसान या सही ऑप्शन नहीं है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि कॉलेज आईडी कार्ड, हॉस्टल अलॉटमेंट लेटर, बोनाफाइड सर्टिफिकेट या रेंट एग्रीमेंट जैसे डाक्यूमेंट्स को भी पात्रता के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जाए.
क्या है हल?
डीटीसी के सीनियर अधिकारियों के अनुसार, पिंक स्मार्ट सहेली कार्ड के पात्रता नियम दिल्ली सरकार ने तय किए हैं. फिलहाल दिल्ली के पते वाला आधार कार्ड अनिवार्य है. अगर कोई छात्रा या महिला अपना आधार पता दिल्ली में अपडेट करवा लेती है तो वह इस योजना के लिए पात्र मानी जाएगी. नई व्यवस्था का मकसद लाभार्थियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, लेकिन इससे बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों की महिलाओं और छात्राओं के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं.
यह भी पढ़ें- पुराने कपड़ों से होगा बड़ा काम, दिल्ली के 10 मेट्रो स्टेशनों पर शुरू होगी 'अर्पण केंद्र सुविधा', जानें क्या है ये
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं