- DDA के लगभग 300 पार्कों का ऑडिट किया गया है.
- DDA पार्क का रात में अचानक निरीक्षण भी किया जा रहा.
- 21 सितंबर की घटना के बाद उठाया जा रहा सुरक्षा कदम
कालकाजी गैंगरेप मामले में पब्लिक पार्कों की सुरक्षा पर सवाल उठने के कुछ ही दिनों बाद, DDA के लगभग 300 पार्कों का ऑडिट किया गया है और अतिरिक्त गार्ड, बाइक पेट्रोलिंग और अचानक निरीक्षण के ज़रिए रात की सुरक्षा बढ़ाई गई है. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) के पार्कों की सुरक्षा और संरक्षा का ऑडिट इस हफ़्ते पूरा होने की उम्मीद है. जरूरत के हिसाब से रात की शिफ्ट में अतिरिक्त गार्ड तैनात किए जा रहे हैं, जबकि चुनिंदा जगहों पर टॉर्च और सुरक्षा उपकरणों से लैस बाइक पेट्रोलिंग शुरू की गई है.
DDA के सीनियर अधिकारी रात में अचानक निरीक्षण भी कर रहे हैं. कानून लागू करने वाली एजेंसियों से सलाह करके संवेदनशील जगहों पर पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है. ऑडिट में गार्ड की तैनाती, पेट्रोलिंग, CCTV कवरेज, लाइटिंग, एंट्री-एक्जिट कंट्रोल और फेंसिंग व बाउंड्री वॉल की हालत की जांच की जा रही है.
अंधेरी जगह वाले पार्कों की पहचान
पार्कों के अंदर अंधेरी जगहों की पहचान की जा रही है और अतिरिक्त लाइटें लगाई जा रही हैं. रोशनी बेहतर करने के लिए लाइट पोल के आस-पास की झाड़ियों और पेड़ों की छंटाई भी की जा रही है. फेंसिंग और बाउंड्री वॉल में मौजूद कमियों को ठीक किया जा रहा है, साथ ही जहां भी कमियां मिल रही हैं, वहां CCTV कवरेज और एंट्री-एक्जिट की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है. सिक्योरिटी गार्ड्स को लोकल पुलिस बीट अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने के लिए कहा गया है.
21 सितंबर की घटना के बाद उठाया गया कदम
ये कदम 21 सितंबर को कालकाजी मंदिर के पास DDA के देखरेख वाले पार्क 'आस्था कुंज' में पुलिसकर्मी बनकर आए तीन लोगों द्वारा एक 17 साल की लड़की के साथ कथित गैंगरेप की घटना के बाद उठाए गए हैं. पुलिस ने बताया कि बाद में तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया. इस घटना के बाद, दिल्ली के उपराज्यपाल ने राजधानी के सभी पार्कों का एक हफ़्ते के अंदर पूरी तरह से सुरक्षा ऑडिट करने का आदेश दिया, जिसमें लाइटिंग, सुरक्षा और पेट्रोलिंग पर खास ध्यान दिया जाएगा.
वहीं, DDA ने साफ किया है कि पार्क खुलने-बंद होने के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है और लोग पहले की तरह तय समय पर पार्कों का इस्तेमाल कर सकते हैं. साइनबोर्ड के ज़रिए लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे सूरज डूबने के बाद अच्छी रोशनी वाले मुख्य रास्तों का इस्तेमाल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पार्क की सुरक्षा टीम या पुलिस को दें.
अधिकारियों ने बताया कि यह सलाह एहतियात के तौर पर दी गई है और इससे तय समय के दौरान पार्क में आने-जाने पर कोई रोक नहीं लगेगी. DDA पार्कों में एंट्री के लिए जेंडर या किसी और आधार पर कोई पाबंदी नहीं होगी.
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