Delhi Aftercare Scheme for Young Persons: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज यानी 10 मई को मदर्स डे के अवसर पर 'आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स' (Aftercare Scheme for Young Persons) की घोषणा की है. यह योजना 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों यानी अनाथालयों से बाहर आने वाले युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई है. दरअसल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मदर्स डे के मौके पर लाजपत नगर स्थित Village Cottage Home का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने “आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स” की घोषणा की, जिसका उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों से बाहर आने वाले युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में सहायता प्रदान करना है.
आफ्टरकेयर स्कीम फॉर यंग पर्सन्स का उद्देश्य
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस योजना के तहत दिल्ली सरकार अनाथ बच्चों की मदद 18 साल की उम्र पूरी होने के बाद भी करती रहेगी. सरकार उन्हें कॉलेज की पढ़ाई, नौकरी ढूंढने और आत्मनिर्भर बनने में सहयोग करेगी. साल 2026–27 के लिए इस योजना के तहत 3.5 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. यह योजना उन युवाओं के लिए है, जो 18 साल की उम्र के बाद चाइल्ड केयर संस्थानों से बाहर आते हैं. इसके तहत पुनर्वास में मदद, उच्च शिक्षा का सहयोग, स्किल ट्रेनिंग, करियर मार्गदर्शन, इंटर्नशिप और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं दी जाएंगी.
Chief Minister Smt. Rekha Gupta approves a landmark Aftercare Scheme to support young adults leaving institutional care, ensuring that orphaned children in Delhi continue to receive guidance and opportunities even after turning 18.
— CMO Delhi (@CMODelhi) May 10, 2026
Announced on Mother's Day, the initiative… pic.twitter.com/qkIn7XwWtg
मुख्यमंत्री ने बताया कि लाभार्थियों की पहचान जरूरत के आधार पर जांच करके की जाएगी और हर योग्य युवा के लिए अलग‑अलग देखभाल योजना तैयार की जाएगी. इसके साथ ही राज्य और जिला स्तर पर aftercare सेवाओं की नियमित निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी घोषणा की कि योजना की देखरेख के लिए एक राज्य स्तरीय आफ्टरकेयर समिति बनाई जाएगी, जिसकी अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास विभाग के सचिव करेंगे. यह समिति नीति बनाने, निगरानी और सुपरविजन का काम करेगी. वहीं, जिला स्तर पर जिला आफ्टरकेयर समितियां बनाई जाएंगी, जिनकी अध्यक्षता जिला मजिस्ट्रेट (DM) करेंगे. ये समितियां युवाओं की पुनर्वास जरूरतों का आकलन करेंगी, उनकी व्यक्तिगत केयर प्लान की समीक्षा करेंगी और जरूरी मदद की सिफारिश करेंगी.
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किसको मिलेगा फायदा?उम्र- 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के युवा
स्थान- वे बच्चे जो दिल्ली के चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रहे हैं और 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद उन्हें संस्थान छोड़ना पड़ता है.
स्थिति- अनाथ या ऐसे बच्चे जिन्हें देखभाल की आवश्यकता है.
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