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चीनी महिला ने टीचिंग की नौकरी छोड़ी, यूरोप में बेचे ताबूत, 6 मिलियन का कमाया रेवेन्यू

हेजे की 29 वर्षीय लीसा लियू ने टीचिंग की नौकरी छोड़ कफन बेचने के कारोबार में कदम रखा. अब वह मुख्य रूप से यूरोपीय देशों, खासकर इटली के लिए कफन निर्यात करने का काम करती हैं.

चीनी महिला ने टीचिंग की नौकरी छोड़ी, यूरोप में बेचे ताबूत, 6 मिलियन का कमाया रेवेन्यू
टीचिंग की नौकरी छोड़ यूरोप में बेचे ताबूत
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चीन में मौत को आम तौर पर एक मनहूस और अपशकुन वाली बात माना जाता है, इसलिए लोग इस पर बात करने से बचते हैं, लेकिन पूर्वी चीन के शानडोंग प्रांत के हेजे शहर में यह झिझक धीरे‑धीरे खत्म हो गई है और वहां इससे जुड़ा एक फूलता‑फलता कारोबार शुरू हो गया है. Personage मैगजीन (जिसका जिक्र South China Morning Post ने किया) के अनुसार, हेजे की 29 वर्षीय लीसा लियू पहले टीचिंग करती थीं. कक्षा का दबाव, लगातार बोलते रहने की थकान और गले पर जोर पड़ने से परेशान होकर उन्होंने जुलाई 2023 में अपनी नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया. एक इंटरव्यू के बाद लियू ने कफन बेचने के कारोबार में कदम रखा. अब वह मुख्य रूप से यूरोपीय देशों, खासकर इटली के लिए कफन निर्यात करने का काम करती हैं.

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इस काम से जुड़ना लियू के लिए बिल्कुल उम्मीद और सोच से परे था. उनके बॉस ने उन्हें फैक्ट्री का दौरा कराया, जहां उन्होंने लकड़ी काटने से लेकर नक्काशी और अंतिम तैयार होने तक, कफन बनाने की पूरी प्रक्रिया दिखाई. लियू को सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात थी वहां के मजदूरों का नजरिया. उनके लिए कफन सिर्फ एक लकड़ी का बना सामान था. कुछ कर्मचारी तो खाली अस्थि-कलश (urn) को अपने घर पर स्टोरेज बॉक्स की तरह भी इस्तेमाल करते थे.

व्यावहारिक सोच ने लियू का डर दूर किया

इस व्यावहारिक माहौल को देखकर लियू का कफन को “मनहूस” मानने वाला डर भी धीरे‑धीरे खत्म हो गया. हेजे में बनाए जाने वाले कफन पारंपरिक चीनी डिजाइन से काफी अलग होते हैं. चीन में जहां कफन भारी और गहरे रंग के होते हैं, वहीं इटली में हल्के कफन पसंद किए जाते हैं, जिन पर धार्मिक नक्काशी भी की जाती है. इसके अलावा सांस्कृतिक रीति‑रिवाज भी अलग हैं. चीन में दाह संस्कार के दौरान केवल शरीर जलाया जाता है. इटली में शरीर के साथ कफन भी जलाया जाता है.

हेजे की लकड़ी देती है बढ़त

हेजे क्षेत्र में लगभग 30 लाख पॉलोनिया पेड़ पाए जाते हैं. इस लकड़ी की खासियत है कि यह बहुत हल्की होती है, जल्दी आग पकड़ती है और लकड़ी का टेक्सचर सुंदर होता है. इन्हीं गुणों की वजह से यह लकड़ी इटली में कफन बनाने के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है.

कीमत में बड़ा अंतर

Jimu News के मुताबिक, हेजे में बने कफन की कीमत 90 से 150 अमेरिकी डॉलर के बीच होती है, जबकि यूरोप में कफन की कीमत 1,100 से 2,100 डॉलर तक होती है यानी हेजे के कफन कई गुना सस्ते हैं, इसलिए उनकी विदेशों में मांग बढ़ रही है. लियू की फैक्ट्री हर साल लगभग 40,000 कफन यूरोप भेजती है. इससे लगभग 4 करोड़ युआन (करीब 60 लाख अमेरिकी डॉलर) की सालाना कमाई होती है.

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