केंद्र सरकार ने किसानों और ग्रामीणों के लिए बड़ा फैसला लिया है. यूपी में गेहूं, चना और मसूर की सरकारी खरीद (MSP) की अवधि को बढ़ाकर अब 8 जुलाई तक कर दिया गया है. पहले यह अवधि 24 जून तक ही थी. सरकार का कहना है कि मौसम की खराबी, मंडियों में भीड़ और तौल में देरी जैसी समस्याओं के कारण कई किसान समय पर अपनी फसल नहीं बेच पा रहे थे, इसलिए यह समय बढ़ाया गया है.
यह जानकारी केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ के योजना भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक में दी. इस दौरान उन्होंने MSP खरीद बढ़ाने और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नए घरों की मंजूरी से जुड़े पत्र भी सौंपे.
MSP पर खरीद की अंतिम क्या है?
सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले और कोई भी किसान मजबूरी में अपनी उपज सस्ते दाम पर बेचने से वंचित न रहे. उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन के तहत गेहूं, चना और मसूर की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद की अंतिम तारीख 24 जून से बढ़ाकर 8 जुलाई 2026 कर दी है.
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश के कुल गेहूं उत्पादन में करीब 38 फीसदी योगदान देता है. इससे साफ है कि राज्य देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उत्तर प्रदेश के लिए एक वैज्ञानिक और लंबी अवधि का कृषि रोडमैप तैयार कर रही है. इसमें फसलों का चयन, सिंचाई व्यवस्था, जल संरक्षण, बेहतर बीज, नई तकनीक और कृषि उत्पादों की मार्केटिंग जैसे अहम पहलुओं को शामिल किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि हर जिले के लिए अलग-अलग आपात योजना बनाई जाएगी. इसमें कम समय में तैयार होने वाली और कम पानी में उगने वाली फसलों को बढ़ावा दिया जाएगा. साथ ही, स्थानीय मिट्टी, पानी की उपलब्धता और खेती के मौजूदा तरीके को ध्यान में रखते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक फसलें भी तय की जाएंगी.
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