बिहार में मकान बनाने के लिए अब नक्शा पास कराने के झंझट से मिली मुक्ति !
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- बिहार सरकार ने 12 मीटर तक ऊंचाई वाले आवासीय भवनों के लिए नक्शा पास कराने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है.
- मानक स्वप्रमाणित नक्शा ऑनलाइन अपलोड कर निर्धारित शुल्क जमा करने पर स्वीकृति प्रमाणपत्र तुरंत मिलेगा.
- नक्शा स्वीकृति में देरी पर तीस दिनों के बाद नक्शा स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और स्वीकृति की अवधि पांच वर्ष होगी.
बिहार में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए राज्य सरकार ने प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है. बिहार भवन उपविधि के नए मसौदे के तहत अब 12 मीटर यानी तीन से चार मंजिला तक की ऊंचाई वाले आवासीय भवनों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने और नक्शा पास कराने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है.
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी की अध्यक्षता में गठित मंत्री समूह की बैठक में आम जनता, इंजीनियरों और वास्तुविदों से मिले सुझावों के आधार पर यह फैसला लिया गया. जल्द ही इस नई व्यवस्था पर राज्य मंत्रिमंडल की औपचारिक स्वीकृति ली जाएगी.
स्वप्रमाणित नक्शा अपलोड करते ही मिलेगी स्वीकृति
- रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट या इंजीनियर से तैयार कराया गया मानक स्वप्रमाणित नक्शा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा.
- निर्धारित सरकारी शुल्क ऑनलाइन जमा करते ही सिस्टम से ऑटोमेटिक स्वीकृति प्रमाणपत्र डाउनलोड किया जा सकेगा.
- अगर अन्य मामलों में 30 दिनों के भीतर नक्शे की स्वीकृति नहीं मिलती है, तो उसे डीम्ड एप्रूव्ड यानी स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा.
- नक्शे की मंजूरी की वैधता अवधि को 2 वर्ष से बढ़ाकर अब 5 वर्ष कर दिया गया है.
ऊंचाई और जोखिम के आधार पर भवनों को बांटा गया है
| भवन की श्रेणी | ऊंचाई सीमा | स्वीकृति की प्रक्रिया |
| निम्न जोखिम | 12 मीटर तक यानी 3-4 मंजिला भवन | नक्शा पास कराने की जरूरत नहीं; ऑनलाइन स्वप्रमाणित अपलोड करें. |
| मध्यम जोखिम | 12 से 24 मीटर तक | रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट या इंजीनियर से नक्शा मंजूर कराना जरूरी होगा. |
| उच्च जोखिम | 24 मीटर से ज्यादा | विभागीय नक्शा पास कराने के साथ फायर व अन्य NOC अनिवार्य |
12 फीट चौड़ी होगी सड़क, तभी मिलेगा FAR का लाभ
- मकान निर्माण के लिए पहुंच मार्ग को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है.
- मकान तक पहुंचने वाला रास्ता कम से कम 3.7 मीटर यानी लगभग 12 फीट चौड़ा होना चाहिए.
- अगर कोई जमीन का मालिक सड़क को 12 फीट चौड़ा करने के लिए अपनी जमीन छोड़ता है, तो उसे सरकार की ओर से अतिरिक्त एफएआर का लाभ दिया जाएगा.
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एफएआर और सेटबैक नियमों में दी गई बड़ी छूट
- आम लोगों को अपनी जमीन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की छूट देने के लिए नियमों में ढील दी गई है.
- सभी प्रकार के भूखंडों के लिए बेस एफएआर 3 तय किया गया है, इसे अतिरिक्त शुल्क देकर बढ़ाया जा सकता है.
- 12 मीटर तक चौड़ाई और गहराई वाले छोटे भूखंडों पर सेटबैक यानी चारों तरफ खाली जगह छोड़ने के नियमों से पूरी तरह छूट दी गई है.
- 15 मीटर तक ऊंचे भवनों के लिए 3.7 मीटर का सेटबैक रखना अनिवार्य होगा.
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