Viral Story: शिकागो के फील्ड म्यूजियम में इंटर्न के तौर पर काम करने वाली दो छात्राओं ने एक ऐसे नए जीव की खोज की है, जो धरती पर डायनासोर के आने से भी बहुत पहले मौजूद थे. करीब 40 करोड़ साल पुराने इस जीव को दोनों छात्राओं ने अपनी मां का नाम दिया है.
कैसा दिखता है ये जीव?
देखने में यह जीव आज के मेंढक और छिपकली जैसा है, बस साइज में थोड़ा गोल-मटोल है. साइंटिस्ट इसे इन्हीं का पूर्वज कह रहे हैं. विज्ञान की भाषा में इसे जीनरपेटॉन माजोनेंसिस नाम दिया गया है. साइंटिस्ट का कहना है कि ये दलदल की मिट्टी में बहुत तेजी से दबा था, इसीलिए 40 करोड़ साल बाद भी इस जीवाश्म में जीव की पीठ के शल्क, पेट की छोटी पसलियां और यहां तक की आंखों के निशान भी बिल्कुल साफ आ रहे हैं.
सालों तक डिब्बे में रहा कैद
फील्ड म्यूजियम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जीव को कई साल पहले एक शख्स ने इलिनोइस की माजोन क्रीक नाम की जगह से ढूंढकर म्यूजियम को दान कर दिया था. उस वक्त साइंटिस्ट्स ने इसकी गहराई से जांच नहीं की थी और इसे एक आम जीव समझकर डिब्बे में बंद कर दिया था.
दोनों छात्राओं की मां का एक नाम
रिपोर्ट के मुताबिक, सालों पुरानी इस भूल को पेटन कोहलबर्ग और एलिसन सेफकोविच नाम की दो स्टूडेंट साइंटिस्ट्स ने सुधारा. जब इन दोनों ने जीवाश्म की बारीकी से जांच की, तो पता चला कि यह कोई आम जीव नहीं बल्कि बिल्कुल ही एक नई प्रजाति है. जब इस नई प्रजाति का नाम रखने की बारी आई, तो दोनों ने अपनी-अपनी मां को सम्मान देने का फैसला किया. इत्तेफाक से दोनों की मां का नाम 'जीन' है. इसीलिए इस जीव का नाम जीनरपेटॉन रखा गया, जिसका मतलब है- "जीन का रेंगने वाला जीव."
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