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Beti Hai Anmol Yojana: बेटी के जन्म पर 21000 रुपये देती है सरकार, पढ़ाई का भी उठाती है खर्च, जानें कैसे करें अप्लाई

Beti Hai Anmol Yojana: इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को बेहतर भविष्य देना और उनकी पढ़ाई में आने वाली रुकावटों को दूर करना है.

Beti Hai Anmol Yojana: बेटी के जन्म पर 21000 रुपये देती है सरकार, पढ़ाई का भी उठाती है खर्च, जानें कैसे करें अप्लाई
Beti Hai Anmol Yojana: क्या है बेटी है अनमोल योजना?

Beti Hai Anmol Yojana: बेटियों को आत्मनिर्भर और शिक्षित बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें समय-समय पर कई योजनाएं चलाती हैं. ऐसी ही एक महत्वपूर्ण योजना है 'बेटी है अनमोल योजना', जिसे हिमाचल प्रदेश सरकार ने शुरू किया है. इस योजना का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को बेहतर भविष्य देना और उनकी पढ़ाई में आने वाली रुकावटों को दूर करना है.

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'बेटी है अनमोल योजना' की शुरुआत जुलाई 2010 में की गई थी. यह योजना खास तौर पर गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए है. इसके तहत सरकार एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को लाभ देती है. बेटी के जन्म पर सरकार उसके नाम से 21,000 रुपये बैंक या डाकघर खाते में जमा करती है, ताकि भविष्य में उसकी पढ़ाई और जरूरतों के लिए आर्थिक सुरक्षा मिल सके.

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल जन्म के समय ही मदद नहीं मिलती, बल्कि पहली कक्षा से लेकर ग्रेजुएशन तक पढ़ाई के लिए हर साल छात्रवृत्ति दी जाती है. जैसे ही बच्ची स्कूल जाना शुरू करती है, उसे कक्षा 1 से 3 तक सालाना 450 रुपये मिलते हैं. चौथी कक्षा में 750 रुपये, पांचवीं में 900 रुपये, छठी और सातवीं में 1050 रुपये, आठवीं में 1200 रुपये दिए जाते हैं. नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए 1500 रुपये और ग्यारहवीं और बारहवीं के लिए 2250 रुपये सालाना की सहायता मिलती है. इसके बाद अगर बेटी कॉलेज में बीए, बीकॉम, बीएससी, बीई, बीटेक या एमबीबीएस जैसे कोर्स करती है, तो उसे हर साल 5000 रुपये की मदद दी जाती है.

ये होती हैं शर्ते

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी हैं. बच्ची हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए और उसका जन्म 5 जुलाई 2010 के बाद हुआ होना चाहिए. परिवार BPL श्रेणी में होना जरूरी है और बच्ची की शादी 18 साल से पहले नहीं होनी चाहिए.

कैसे करें आवेदन?

आवेदन प्रक्रिया भी काफी सरल है. माता-पिता ऑनलाइन पोर्टल के जरिए फॉर्म भर सकते हैं. इस फॉर्म को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को जमा करना होता है. वही कार्यकर्ता बच्ची के नाम से बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाने में मदद करती है. छात्रवृत्ति के लिए स्कूल में प्रवेश के बाद हेडमास्टर के माध्यम से आवेदन भेजा जाता है.

कुल मिलाकर, 'बेटी है अनमोल योजना' बेटियों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का काम कर रही है.

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