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EPFO पेंशन क्लेम क्यों हो जाता है रिजेक्ट? आवेदन से पहले जरूर चेक करें ये चीजें

EPFO pension rules: EPS पेंशन क्लेम रिजेक्ट होने की ज्यादातर वजहें दस्तावेजों या रिकॉर्ड से जुड़ी गलतियां होती हैं. अगर कर्मचारी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें तो इस परेशानी से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में-

EPFO पेंशन क्लेम क्यों हो जाता है रिजेक्ट? आवेदन से पहले जरूर चेक करें ये चीजें
EPFO पेंशन क्लेम क्यों हो जाता है रिजेक्ट?

EPFO pension rules: भारत में नौकरी करने वाले अधिकतर कर्मचारियों की रिटायरमेंट बचत कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़ी होती है. हर महीने कर्मचारी और नियोक्ता दोनों मिलकर कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत हिस्सा EPF खाते में जमा करते हैं. इसी व्यवस्था के तहत Employees' Pension Scheme (EPS-95) भी चलती है, जिससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद हर महीने पेंशन मिलती है. इस योजना में नियोक्ता के योगदान का 8.33 प्रतिशत हिस्सा पेंशन फंड में जाता है, जबकि बाकी पैसा EPF खाते में जमा होता है. EPF की रकम पर समय के साथ ब्याज मिलता रहता है और रिटायरमेंट के समय इसे निकाला जा सकता है. वहीं, EPS के तहत कम से कम 10 साल की नौकरी पूरी करने पर मासिक पेंशन का लाभ मिलता है.

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हाल ही में सरकार ने संसद में जानकारी दी कि EPS पेंशन क्लेम रिजेक्ट होने की ज्यादातर वजहें किसी नियम में बदलाव नहीं, बल्कि दस्तावेजों या रिकॉर्ड से जुड़ी गलतियां होती हैं. अगर कर्मचारी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें तो इस परेशानी से बच सकते हैं. आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही गलतियों के बारे में-

नंबर 1- अधूरा या गलत आवेदन फॉर्म

सबसे आम कारण आवेदन फॉर्म में गलती या अधूरी जानकारी होना है. कई बार लोग पेंशन क्लेम का फॉर्म भरते समय बैंक डिटेल, सेवा अवधि, जन्म तिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी सही तरीके से नहीं भरते. इस कंडीशन  में EPFO क्लेम को रोक देता है या सीधे रिजेक्ट कर देता है.

नंबर 2- रिकॉर्ड और दस्तावेजों में जानकारी का मेल न होना

अगर EPFO के रिकॉर्ड और जमा किए गए दस्तावेजों में जानकारी अलग-अलग हो तो भी क्लेम अटक सकता है. आसान भाषा में समझें तो अगर आधार कार्ड, बैंक खाते या EPFO रिकॉर्ड में नाम, जन्म तिथि या अन्य जानकारी अलग-अलग दर्ज होती है, तो क्लेम अटक सकता है. इसलिए आवेदन करने से पहले यह देख लें कि सभी दस्तावेजों में दी गई जानकारी एक जैसी हो.

नंबर 3- मृत्यु के बाद पेंशन क्लेम में दस्तावेजों की कमी

किसी सदस्य की मृत्यु के बाद परिवार द्वारा पेंशन के लिए आवेदन किया जाता है. ऐसे मामलों में डेथ सर्टिफिकेट, कानूनी वारिस का प्रमाण और नॉमिनेशन से जुड़े दस्तावेज जरूरी होते हैं. अगर ये दस्तावेज पूरे नहीं होते तो क्लेम रिजेक्ट हो सकता है.

नंबर 4- योगदान से जुड़ी समस्याएं

कई बार नियोक्ता की ओर से नियमित योगदान नहीं किया जाता या वेतन की गलत जानकारी दर्ज होती है. इससे EPFO के रिकॉर्ड में गैप आ जाता है और पेंशन क्लेम में परेशानी हो सकती है.

क्या करें ताकि क्लेम रिजेक्ट न हो?

पेंशन के लिए आवेदन करने से पहले अपने EPFO खाते में दर्ज जानकारी जरूर जांच लें. आधार लिंकिंग, बैंक डिटेल, सर्विस रिकॉर्ड और नॉमिनेशन अपडेट रखना बेहद जरूरी है. अगर ये सभी जानकारी सही होगी तो पेंशन क्लेम जल्दी और आसानी से पास हो सकता है.

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