Abhigyan App: अपराधियों की पहचान करने और उनके पुराने रिकॉर्ड तक पहुंचने में पुलिस को अक्सर काफी समय लग जाता है. कई बार जानकारी जुटाने के लिए अलग-अलग सिस्टम और रिकॉर्ड खंगालने पड़ते हैं. लेकिन अब ये काम पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज होने वाला है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने NCRB के नए मोबाइल ऐप 'ABHIGYAN' को लॉन्च किया है. ये ऐप पुलिस अधिकारियों को सीधे उनके स्मार्टफोन पर अपराध से जुड़ी अहम जानकारी उपलब्ध कराएगा. खास बात ये है कि NAFIS डेटाबेस से जुड़ा ये ऐप सिर्फ 35 सेकेंड के भीतर फिंगरप्रिंट से पहचान कर सकता है. इसकी मदद से अंगूठा लगाते ही अपराधी की पूरी हिस्ट्रीशीट खुल जाएगी. सरकार का कहना है कि इससे जांच की रफ्तार बढ़ेगी और पुलिस मौके पर ही जरूरी कार्रवाई कर सकेगी.
अमित शाह ने लॉन्च किया नया ऐप
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि ABHIGYAN, NAFIS यानी नेशनल ऑटोमेटेड फिंगर प्रिंट आईडेंटिफिकेशन सिस्टम का पोर्टेबल वर्जन है. NAFIS में करीब 1.3 करोड़ फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड मौजूद हैं. ये ऐप पुलिसकर्मियों को सीधे अपने मोबाइल फोन से इस बड़े डेटाबेस तक पहुंचने की सुविधा देता है. ऐप टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित है और रियल टाइम में पहचान करने की क्षमता रखता है.
आज NCRB का 'ABHIGYAN' मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। 1.3 करोड़ फिंगरप्रिंट के डेटाबेस NAFIS का यह पोर्टेबल वर्जन ऑन-फील्ड पुलिस कर्मियों को सीधे उनके स्मार्टफोन पर अपराधियों के विशाल डेटाबेस तक पहुँचने की शक्ति देता है। टू-स्टेप ऑथेंटिकेशन से सुरक्षित यह ऐप चंद सेकंड में रियल-टाइम… pic.twitter.com/wH5iYZtWJD
— Amit Shah (@AmitShah) June 19, 2026
क्या है ABHIGYAN ऐप?
ABHIGYAN एक मोबाइल आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसे पुलिस जांच को तेज और आसान बनाने के लिए तैयार किया गया है. इसके जरिए पुलिस अधिकारियों को अपराधियों, पुराने मामलों, गिरफ्तारी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारियां एक ही जगह मिल सकती हैं. पहले कई रिकॉर्ड अलग-अलग सिस्टम में मौजूद रहते थे, लेकिन अब ये जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी. साथ ही इसकी मदद से पुलिस कहीं भी और कभी भी अपराधी को दबोच कर, उसके फिंगरप्रिंट से उसका पूरा कच्चा-चिठ्ठा जान सकेगी.
कैसे काम करता है ये ऐप
पुलिस अधिकारी किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट पोर्टेबल स्कैनर से स्कैन करता है.
- स्कैन किया गया डेटा तुरंत NAFIS डेटाबेस में भेजा जाता है.
- सिस्टम कुछ ही सेकेंड में रिकॉर्ड का मिलान करता है.
- रिकॉर्ड मिलने पर व्यक्ति की पहचान सामने आ जाती है.
- अधिकारी को उसके पुराने केस, गिरफ्तारी रिकॉर्ड और अन्य जरूरी जानकारी मिल जाती है.
- पूरी प्रक्रिया 35 सेकेंड से भी कम समय में पूरी हो सकती है.
- मोबाइल पर ही जानकारी मिलने से मौके पर तुरंत कार्रवाई करना आसान हो जाता है.

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पुलिस को क्या फायदा होगा
इस ऐप की मदद से जांच में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है. पुलिस अधिकारियों को रिकॉर्ड खोजने के लिए अलग-अलग सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. संदिग्ध लोगों की पहचान जल्दी होगी और मामलों के बीच कनेक्शन ढूंढना भी आसान हो जाएगा. इससे जांच पहले से ज्यादा तेज और प्रभावी बन सकती है.
आम लोगों को कैसे होगा फायदा
ABHIGYAN का फायदा सिर्फ पुलिस को ही नहीं आम लोगों को भी होगा. जब अपराधियों की पहचान जल्दी होगी तो मामलों की जांच भी तेजी से आगे बढ़ेगी. इससे अपराध रोकने में मदद मिलेगी और लोगों को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिल सकेगा. साथ ही पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी तेज हो सकती है. सरकार का मानना है कि तकनीक की मदद से कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है और ABHIGYAN उसी दिशा में एक बड़ा कदम है.
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