8th Pay Commission Latest News: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वां वेतन आयोग एक बार फिर चर्चा में है. जैसे -जैसे आयोग से जुड़ी बातचीत आगे बढ़ रही है वैसे ही सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी को लेकर उम्मीदें भी तेज हो रही हैं. इस बार सबसे ज्यादा फोकस फिटमेंट फैक्टर पर है क्योंकि यही एक ऐसा फैक्टर है जो तय करेगा कि आपकी सैलरी और पेंशन कितनी बढ़ेगी. हाल ही में 3.25 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव सामने आने के बाद कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जगी है. यहां हम आसान भाषा में समझा रहे हैं कि फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और 3.25 का आंकड़ा आपके लिए क्या मायने रखता है.
फिटमेंट फैक्टर क्या होता है और क्यों है इतना जरूरी?
आसान शब्दों में कहें तो फिटमेंट फैक्टर एक नंबर होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को बढ़ाया जाता है. वेतन आयोग जब अपना फैसला देता है तो उसी फिटमेंट फैक्टर को सभी लेवल पर लागू किया जाता है और नई बेसिक सैलरी तय होती है. इसी नई बेसिक पर आगे चलकर डीए और बाकी बढ़ोतरी होती है. इसलिए फिटमेंट फैक्टर में थोड़ा सा बदलाव भी आपकी जेब पर बड़ा असर डालता है.
कहां से आया 3.25 फिटमेंट फैक्टर का सुझाव ?
इस पूरे मामले में नया मोड़ तब आया जब फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन ने 3.0 से 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया. यह सुझाव पोस्टल कर्मचारियों के लिए रखा गया है जिसमें ग्रुप ए से लेकर ग्रुप डी तक के कर्मचारी शामिल हैं. संगठन का कहना है कि लंबे समय से सैलरी में ठहराव की समस्या है और सभी लेवल पर संतुलन बनाए रखने के लिए ज्यादा फिटमेंट फैक्टर जरूरी है.
उदाहरण से समझें फिटमेंट फैक्टर का कैलकुलेशन
इस समय लेवल 1 के केंद्रीय कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18000 रुपये है.
- अगर फिटमेंट फैक्टर 2 रखा जाता है तो बेसिक सैलरी बढ़कर 36000 रुपये हो जाएगी.
- अगर यही फैक्टर 3 हो जाए तो बेसिक सैलरी सीधे 54000 रुपये तक पहुंच सकती है.
7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था जिससे न्यूनतम सैलरी 7000 रुपये से बढ़कर 18000 रुपये हो गई थी. यही वजह है कि कर्मचारी इस बार भी ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं.
8वें वेतन आयोग में सैलरी कितनी बढ़ेगी, क्या है अनुमान
पिछले कुछ महीनों में फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आए हैं. एंबिट कैपिटल के अनुसार, कुल सैलरी बढ़ोतरी 30 से 34 फीसदी के बीच हो सकती है जिससे फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.46 के दायरे में आ सकता है.
वहीं कर्मचारी संगठनों की नजर 7वें वेतन आयोग के 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर टिकी है. बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्च को देखते हुए कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार भी फैक्टर कम से कम उसी के आसपास या उससे थोड़ा ज्यादा हो.
5 फीसदी सालाना बढ़ोतरी की भी मांग
पोस्टल कर्मचारियों के संगठन ने सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं बल्कि हर साल 5 फीसदी की सैलरी बढ़ोतरी की भी मांग रखी है. इसके साथ ही भत्तों में सुधार और पे मैट्रिक्स सिस्टम में बदलाव की बात भी कही गई है. संगठन के महासचिव के मुताबिक, फरवरी के आखिर में नेशनल काउंसिल की बैठक हो सकती है जिसके बाद सभी सुझावों को मिलाकर 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन को भेजा जाएगा.
आखिर कितना फिटमेंट फैक्टर मिलना संभव?
फिलहाल कर्मचारियों की मांग और एक्सपर्ट की राय के बीच बड़ा अंतर दिख रहा है. जहां कर्मचारी 3 या उससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर चाहते हैं, वहीं ज्यादातर जानकार मानते हैं कि अंतिम फैसला 2.0 से 2.5 के बीच आ सकता है. सरकार को एक तरफ कर्मचारियों की उम्मीदें पूरी करनी हैं तो दूसरी तरफ बजट और खर्च का भी ध्यान रखना है.
फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सैलरी और पेंशन बढ़ोतरी
अभी 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा. यही एक आंकड़ा तय करेगा कि सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी. जब तक आयोग की अंतिम रिपोर्ट नहीं आती तब तक अटकलें चलती रहेंगी. लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में फिटमेंट फैक्टर पर सरकार की ओर से आने वाला फैसला लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्श की जिंदगी बदल सकता है.
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