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बैंकों की पूंजी

'बैंकों की पूंजी' - 39 News Result(s)
  • रुपया गिरा! डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा, जानिए ताजा एक्‍सचेंज रेट 

    रुपया गिरा! डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा, जानिए ताजा एक्‍सचेंज रेट 

    बैंकों के उच्च स्तर पर अमेरिकी डॉलर की खरीद जारी रखने और विदेशी पूंजी की निकासी से रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि कमजोर डॉलर और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने तीव्र गिरावट को कम किया.

  • अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ

    अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ

    अदाणी समूह द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार, अदाणी समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बैंकों से आता है, और समूह की उधारी का एक चौथाई से अधिक हिस्सा वैश्विक बैंकों और पूंजी बाजारों से आता है. 30 सितंबर 2024 तक बंदरगाहों को मैनेज से लेकर बिजली बनाने वाले समूह का कुल कर्ज लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 2.37 लाख करोड़ रुपये दीर्घकालिक ऋण है और 20,724 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल डेट (कार्यशील पूंजी ऋण) है. वर्किंग कैपिटल डेट किसी कंपनी के दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए होते हैं. हालांकि, समूह के पास 53,024 करोड़ रुपये नकद शेष (कैश बैलेंस) हैं. इसमें कैश और कैश समकक्ष, बैंक बैलेंस, वर्तमान निवेश, मार्केटिंग योग्य प्रतिभूतियों का बाजार मूल्य (नॉन करेंट इंवेस्टमेंट), मार्जिन मनी के रूप में रखी गई शेष राशि और 12 महीने से अधिक की जमा राशि शामिल है.

  • सरकार कमजोर पीएसयू बैंकों को 15,000 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता प्रदान करेगी

    सरकार कमजोर पीएसयू बैंकों को 15,000 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता प्रदान करेगी

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank Of India) और पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab And Sind Bank) जैसे कमजोर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सरकार से प्रस्तावित पूंजी सहायता का बड़ा हिस्सा मिलेगा.

  • SBI की अगुवाई में बैंकों का गठजोड़ एयर इंडिया के लिए TATA को कर्ज देने को तैयार

    SBI की अगुवाई में बैंकों का गठजोड़ एयर इंडिया के लिए TATA को कर्ज देने को तैयार

    सूत्रों ने बताया कि एसबीआई के नेतृत्व वाला गठजोड़ एयर इंडिया की आवश्यकताओं के अनुसार मियादी और कार्यशील पूंजी ऋण दोनों देने पर सहमत हो गया है. पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक सहित बड़े ऋणदाता इस गठजोड़ का हिस्सा हैं. 

  • Budget 2022 : टैक्स फ्री FD की मैच्योरिटी 3 साल की जाए, छोटे बैंक ग्राहकों को बजट से हैं कई आशाएं

    Budget 2022 : टैक्स फ्री FD की मैच्योरिटी 3 साल की जाए, छोटे बैंक ग्राहकों को बजट से हैं कई आशाएं

    Union Budget 2022 : लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें भी कम न करने की मांग भी रखी गई है, ताकि छोटी पूंजी वाले जमाकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के निवेश हितों की सुरक्षा की जा सके. इसके अलावा बैंकिंग ओम्बुड्समैन (लोकपाल) की तरह बैंकों से जुड़ी शिकायतों के लिए भी एक डेडिकेटेड पोर्टल बनाने का सुझाव रखा गया है.

  • बैंकों को कामकाज के संचालन, जोखिम प्रबंधन उपायों को मजबूत करने की जरूरत : RBI

    बैंकों को कामकाज के संचालन, जोखिम प्रबंधन उपायों को मजबूत करने की जरूरत : RBI

    रिपोर्ट में आगे कहा गया कि आने वाले समय में बैंकों के बही-खाते में सुधार समग्र आर्थिक वृद्धि के आसपास टिका है, जो महामारी के ऊपर काबू पाने पर निर्भर है. ऐसे में बैंकों को अपनी पूंजी की स्थिति को और मजबूत करने की जरूरत होगी.

  • सरकारी बैंकों के लिए अगले बजट में पड़ सकता है 'सूखा', नहीं मिलेगी 'सरकारी' पूंजी

    सरकारी बैंकों के लिए अगले बजट में पड़ सकता है 'सूखा', नहीं मिलेगी 'सरकारी' पूंजी

    सूत्रों का कहना है कि बैंकों के फंसे कर्ज में कमी आई है और उनकी वित्तीय स्थिति सुधरी है, ऐसे में सरकार द्वारा बजट में ऐसी किसी घोषणा की संभावना नहीं है. यहां तक कि अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए बैंकों को बाजार से धन जुटाने और अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

  • RBI ने बैंकों को दी बड़ी छूट, अब पहले से मंजूरी लिए बिना अपनी विदेशी शाखाओं में पूंजी लगा सकेंगे बैंक

    RBI ने बैंकों को दी बड़ी छूट, अब पहले से मंजूरी लिए बिना अपनी विदेशी शाखाओं में पूंजी लगा सकेंगे बैंक

    रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि बैंकों को कारोबार संबंधी लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, यह फैसला लिया गया है कि बैंकों को नियामक पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं है.

  • महामारी से बैंकों की संपत्ति का वास्तविक मूल्य घटने, पूंजी की कमी होने का जोखिम : RBI गवर्नर

    महामारी से बैंकों की संपत्ति का वास्तविक मूल्य घटने, पूंजी की कमी होने का जोखिम : RBI गवर्नर

    भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महामारी के कारण बैंकों में बही-खातों में संपत्ति का मूल्य घट सकता है और पूंजी की कमी हो सकती है. केन्द्रीय बैंक ने कहा कि खासतौर से नियामकीय राहतों को वापस लेने के साथ यह जोखिम हो सकता है.

  • सरकार MSME को वेतन भुगतान में मदद के लिए कर्ज को लेकर क्रेडिट गारंटी योजना पर कर रही विचार

    सरकार MSME को वेतन भुगतान में मदद के लिए कर्ज को लेकर क्रेडिट गारंटी योजना पर कर रही विचार

    सूत्रों के अनुसार यह कर्ज मुख्य रूप से वेतन भुगतान के लिए होगा और प्रस्तावित ऋण गारंटी कोष के जरिए इसमें गारंटी दी जाएगी. इससे बैंकों का पैसा किसी कर्जदार द्वारा चूक की स्थिति में सुरक्षित होगा. एमएसएमई क्षेत्र का देश के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद)28 प्रतिशत से अधिक योगदान है जबकि निर्यात में योगदान 40 प्रतिशत से ज्यादा है.

  • कार और हाउसिंग लोन होंगे सस्ते, GST की प्रक्रिया भी होगी सरल, पढ़ें- वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान

    कार और हाउसिंग लोन होंगे सस्ते, GST की प्रक्रिया भी होगी सरल, पढ़ें- वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान

    देश के आर्थिक हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरुआती दौर में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी ताकि बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम हो सकें. छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा. भविष्य के रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा. वहीं, बैंकों ने रेपो दर में कटौती का फायदा ग्राहकों को पहुंचाने का फैसला किया है. रेपो दर या बाहरी मानक आधारित कर्ज उत्पाद पेश किए. बैंक घर और वाहन के लिए कर्ज सस्ता करेंगे. जबकि 2020 तक खरीदे गए भारत मानक- चार के वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे. पढ़ें- वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें. 

  • मोदी सरकार का ये आर्थिक सर्वे क्या इशारा कर रहा है?

    मोदी सरकार का ये आर्थिक सर्वे क्या इशारा कर रहा है?

    अर्थव्यवस्था की हालत क्या है. जो ख़बरें बिजनेस अखबारों में छप रही हैं उन्हें देखकर लगता है कि चुनौतियां गंभीर होती जा रही हैं. लगातार 9 महीने से ऑटोमोबिल कंपनियों में उत्पादन ठप्प है. लघु एवं मझोले उद्योग का विकास रुक गया है. इनके लिए लोन की कमी हो गई है. जिन संस्थाओं से लोन मिलता है, उनकी हालत खराब है. एकर आरटीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2019 में दूसरी तरफ मुदा लोन का एनपीए 126 प्रतिशत बढ़ा है. बैंकों की अपनी पूंजी लड़खड़ा रही है. वो सरकार की मदद पर निर्भर है.

  • NEWS FLASH: भारतीय रिजर्व बैंक की आरक्षित पूंजी के उचित स्तर पर सुझाव देने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन

    NEWS FLASH: भारतीय रिजर्व बैंक की आरक्षित पूंजी के उचित स्तर पर सुझाव देने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आज कामकाज प्रभावित हो सकता है. विजया बैंक और देना बैंक के बैंक आफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने बुधवार को हड़ताल का आह्वान किया है. 

  • किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ पर चुप्पी क्यों?

    किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ पर चुप्पी क्यों?

    क्या आपको पता है कि बैंकों को फिर से 410 अरब रुपये दिए जा रहे हैं? वित्त मंत्री जेटली ने संसद से इसके लिए अनुमति मांगी है. यही नहीं सरकार ने बैंकों को देने के लिए बजट में 650 अरब का प्रावधान रखा था. बैंकों की भाषा में इसे कैपिटल इन्फ्लो कहा जाता है। सरकार बैंकों को एक साल में 1 लाख करोड़ रुपये क्यों देना चाहती है?

  • दिल्ली में सीलिंग : सैकड़ों लोगों की जमा पूंजी फुटपाथ पर, दरबदर बैंक लॉकर

    दिल्ली में सीलिंग : सैकड़ों लोगों की जमा पूंजी फुटपाथ पर, दरबदर बैंक लॉकर

    दिल्ली में सीलिंग की वजह से हजारों दुकानों पर ताला लग गया, वहीं बहुत सारी जगहों पर बैंकों के लॉकरों में बंद लोगों की जमा पूंजी भी सील हो गई है.

'बैंकों की पूंजी' - 39 News Result(s)
  • रुपया गिरा! डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा, जानिए ताजा एक्‍सचेंज रेट 

    रुपया गिरा! डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्‍तर पर पहुंचा, जानिए ताजा एक्‍सचेंज रेट 

    बैंकों के उच्च स्तर पर अमेरिकी डॉलर की खरीद जारी रखने और विदेशी पूंजी की निकासी से रुपये पर दबाव बढ़ाया. हालांकि कमजोर डॉलर और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने तीव्र गिरावट को कम किया.

  • अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ

    अदाणी समूह का ऋण भारतीय, विदेशी बैंकों और वैश्विक पूंजी बाजारों में सही से बंटा हुआ

    अदाणी समूह द्वारा शुक्रवार को साझा किए गए क्रेडिट प्रोफाइल के अनुसार, अदाणी समूह की कंपनियों द्वारा लिए गए ऋण का एक बड़ा हिस्सा घरेलू बैंकों से आता है, और समूह की उधारी का एक चौथाई से अधिक हिस्सा वैश्विक बैंकों और पूंजी बाजारों से आता है. 30 सितंबर 2024 तक बंदरगाहों को मैनेज से लेकर बिजली बनाने वाले समूह का कुल कर्ज लगभग 2.58 लाख करोड़ रुपये है. इसमें से 2.37 लाख करोड़ रुपये दीर्घकालिक ऋण है और 20,724 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल डेट (कार्यशील पूंजी ऋण) है. वर्किंग कैपिटल डेट किसी कंपनी के दैनिक कार्यों के निष्पादन के लिए होते हैं. हालांकि, समूह के पास 53,024 करोड़ रुपये नकद शेष (कैश बैलेंस) हैं. इसमें कैश और कैश समकक्ष, बैंक बैलेंस, वर्तमान निवेश, मार्केटिंग योग्य प्रतिभूतियों का बाजार मूल्य (नॉन करेंट इंवेस्टमेंट), मार्जिन मनी के रूप में रखी गई शेष राशि और 12 महीने से अधिक की जमा राशि शामिल है.

  • सरकार कमजोर पीएसयू बैंकों को 15,000 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता प्रदान करेगी

    सरकार कमजोर पीएसयू बैंकों को 15,000 करोड़ रुपये की पूंजी सहायता प्रदान करेगी

    सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank Of India) और पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab And Sind Bank) जैसे कमजोर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सरकार से प्रस्तावित पूंजी सहायता का बड़ा हिस्सा मिलेगा.

  • SBI की अगुवाई में बैंकों का गठजोड़ एयर इंडिया के लिए TATA को कर्ज देने को तैयार

    SBI की अगुवाई में बैंकों का गठजोड़ एयर इंडिया के लिए TATA को कर्ज देने को तैयार

    सूत्रों ने बताया कि एसबीआई के नेतृत्व वाला गठजोड़ एयर इंडिया की आवश्यकताओं के अनुसार मियादी और कार्यशील पूंजी ऋण दोनों देने पर सहमत हो गया है. पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और यूनियन बैंक सहित बड़े ऋणदाता इस गठजोड़ का हिस्सा हैं. 

  • Budget 2022 : टैक्स फ्री FD की मैच्योरिटी 3 साल की जाए, छोटे बैंक ग्राहकों को बजट से हैं कई आशाएं

    Budget 2022 : टैक्स फ्री FD की मैच्योरिटी 3 साल की जाए, छोटे बैंक ग्राहकों को बजट से हैं कई आशाएं

    Union Budget 2022 : लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें भी कम न करने की मांग भी रखी गई है, ताकि छोटी पूंजी वाले जमाकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों के निवेश हितों की सुरक्षा की जा सके. इसके अलावा बैंकिंग ओम्बुड्समैन (लोकपाल) की तरह बैंकों से जुड़ी शिकायतों के लिए भी एक डेडिकेटेड पोर्टल बनाने का सुझाव रखा गया है.

  • बैंकों को कामकाज के संचालन, जोखिम प्रबंधन उपायों को मजबूत करने की जरूरत : RBI

    बैंकों को कामकाज के संचालन, जोखिम प्रबंधन उपायों को मजबूत करने की जरूरत : RBI

    रिपोर्ट में आगे कहा गया कि आने वाले समय में बैंकों के बही-खाते में सुधार समग्र आर्थिक वृद्धि के आसपास टिका है, जो महामारी के ऊपर काबू पाने पर निर्भर है. ऐसे में बैंकों को अपनी पूंजी की स्थिति को और मजबूत करने की जरूरत होगी.

  • सरकारी बैंकों के लिए अगले बजट में पड़ सकता है 'सूखा', नहीं मिलेगी 'सरकारी' पूंजी

    सरकारी बैंकों के लिए अगले बजट में पड़ सकता है 'सूखा', नहीं मिलेगी 'सरकारी' पूंजी

    सूत्रों का कहना है कि बैंकों के फंसे कर्ज में कमी आई है और उनकी वित्तीय स्थिति सुधरी है, ऐसे में सरकार द्वारा बजट में ऐसी किसी घोषणा की संभावना नहीं है. यहां तक कि अपने संसाधनों को बढ़ाने के लिए बैंकों को बाजार से धन जुटाने और अपनी गैर-प्रमुख संपत्तियों की बिक्री के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

  • RBI ने बैंकों को दी बड़ी छूट, अब पहले से मंजूरी लिए बिना अपनी विदेशी शाखाओं में पूंजी लगा सकेंगे बैंक

    RBI ने बैंकों को दी बड़ी छूट, अब पहले से मंजूरी लिए बिना अपनी विदेशी शाखाओं में पूंजी लगा सकेंगे बैंक

    रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने केंद्रीय बैंक की द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि बैंकों को कारोबार संबंधी लचीलापन प्रदान करने की दृष्टि से, यह फैसला लिया गया है कि बैंकों को नियामक पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए रिजर्व बैंक की पूर्व मंजूरी की आवश्यकता नहीं है.

  • महामारी से बैंकों की संपत्ति का वास्तविक मूल्य घटने, पूंजी की कमी होने का जोखिम : RBI गवर्नर

    महामारी से बैंकों की संपत्ति का वास्तविक मूल्य घटने, पूंजी की कमी होने का जोखिम : RBI गवर्नर

    भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि महामारी के कारण बैंकों में बही-खातों में संपत्ति का मूल्य घट सकता है और पूंजी की कमी हो सकती है. केन्द्रीय बैंक ने कहा कि खासतौर से नियामकीय राहतों को वापस लेने के साथ यह जोखिम हो सकता है.

  • सरकार MSME को वेतन भुगतान में मदद के लिए कर्ज को लेकर क्रेडिट गारंटी योजना पर कर रही विचार

    सरकार MSME को वेतन भुगतान में मदद के लिए कर्ज को लेकर क्रेडिट गारंटी योजना पर कर रही विचार

    सूत्रों के अनुसार यह कर्ज मुख्य रूप से वेतन भुगतान के लिए होगा और प्रस्तावित ऋण गारंटी कोष के जरिए इसमें गारंटी दी जाएगी. इससे बैंकों का पैसा किसी कर्जदार द्वारा चूक की स्थिति में सुरक्षित होगा. एमएसएमई क्षेत्र का देश के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद)28 प्रतिशत से अधिक योगदान है जबकि निर्यात में योगदान 40 प्रतिशत से ज्यादा है.

  • कार और हाउसिंग लोन होंगे सस्ते, GST की प्रक्रिया भी होगी सरल, पढ़ें- वित्त मंत्री के 10 बड़े ऐलान

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    देश के आर्थिक हालात को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने देश के आर्थिक हालात के बारे में विस्तार से जानकारी तो दी ही, साथ ही कई घोषणाएं भी की. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बाकी देशों की अर्थव्यवस्था से बेहतर है. भारत में मंदी जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन हम अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि दर संशोधित होकर मौजूदा अनुमान 3.2 प्रतिशत से नीचे जा सकती है. वैश्विक मांग कमजोर रहेगी. अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तथा मुद्रा अवमूल्यन के चलते वैश्विक व्यापार में काफी उतार-चढ़ाव वाली स्थिति पैदा हुई है. भारत की आर्थिक वृद्धि दर कई देशों की तुलना में ऊंची है. आर्थिक सुधार सरकार के एजेंडा में सबसे ऊपर है, सुधारों की प्रक्रिया जारी है, इसकी रफ्तार थमी नहीं है. उन्होंने कहा कि कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में शुरुआती दौर में ही 70 हजार करोड़ रुपये की पूंजी डालेगी ताकि बैंक बाजार में पांच लाख करोड़ रुपये तक की नकदी जारी करने में सक्षम हो सकें. छोटे एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के अब तक के सभी लंबित जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिन के भीतर कर दिया जाएगा. भविष्य के रिफंड मामलों को 60 दिन के भीतर निपटा दिया जाएगा. वहीं, बैंकों ने रेपो दर में कटौती का फायदा ग्राहकों को पहुंचाने का फैसला किया है. रेपो दर या बाहरी मानक आधारित कर्ज उत्पाद पेश किए. बैंक घर और वाहन के लिए कर्ज सस्ता करेंगे. जबकि 2020 तक खरीदे गए भारत मानक- चार के वाहन पंजीकरण की पूरी अवधि तक परिचालन में बने रहेंगे. पढ़ें- वित्त मंत्री के प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें. 

  • मोदी सरकार का ये आर्थिक सर्वे क्या इशारा कर रहा है?

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    अर्थव्यवस्था की हालत क्या है. जो ख़बरें बिजनेस अखबारों में छप रही हैं उन्हें देखकर लगता है कि चुनौतियां गंभीर होती जा रही हैं. लगातार 9 महीने से ऑटोमोबिल कंपनियों में उत्पादन ठप्प है. लघु एवं मझोले उद्योग का विकास रुक गया है. इनके लिए लोन की कमी हो गई है. जिन संस्थाओं से लोन मिलता है, उनकी हालत खराब है. एकर आरटीआई के अनुसार वित्त वर्ष 2019 में दूसरी तरफ मुदा लोन का एनपीए 126 प्रतिशत बढ़ा है. बैंकों की अपनी पूंजी लड़खड़ा रही है. वो सरकार की मदद पर निर्भर है.

  • NEWS FLASH: भारतीय रिजर्व बैंक की आरक्षित पूंजी के उचित स्तर पर सुझाव देने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन

    NEWS FLASH: भारतीय रिजर्व बैंक की आरक्षित पूंजी के उचित स्तर पर सुझाव देने के लिए छह सदस्यीय समिति का गठन

    सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में आज कामकाज प्रभावित हो सकता है. विजया बैंक और देना बैंक के बैंक आफ बड़ौदा में प्रस्तावित विलय के खिलाफ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों की यूनियन ने बुधवार को हड़ताल का आह्वान किया है. 

  • किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ पर चुप्पी क्यों?

    किसानों की क़र्ज़ माफ़ी पर हंगामा, बैंकों को एक लाख करोड़ पर चुप्पी क्यों?

    क्या आपको पता है कि बैंकों को फिर से 410 अरब रुपये दिए जा रहे हैं? वित्त मंत्री जेटली ने संसद से इसके लिए अनुमति मांगी है. यही नहीं सरकार ने बैंकों को देने के लिए बजट में 650 अरब का प्रावधान रखा था. बैंकों की भाषा में इसे कैपिटल इन्फ्लो कहा जाता है। सरकार बैंकों को एक साल में 1 लाख करोड़ रुपये क्यों देना चाहती है?

  • दिल्ली में सीलिंग : सैकड़ों लोगों की जमा पूंजी फुटपाथ पर, दरबदर बैंक लॉकर

    दिल्ली में सीलिंग : सैकड़ों लोगों की जमा पूंजी फुटपाथ पर, दरबदर बैंक लॉकर

    दिल्ली में सीलिंग की वजह से हजारों दुकानों पर ताला लग गया, वहीं बहुत सारी जगहों पर बैंकों के लॉकरों में बंद लोगों की जमा पूंजी भी सील हो गई है.