कर्ज दर
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Loan EMI Calculator: 50 लाख रुपये के होम लोन पर अब कितनी EMI देनी होगी? बैंकों से मिलेगी कोरोना-टाइम वाली राहत!
- Sunday December 7, 2025
- Edited by: निलेश कुमार
RBI ने दिसंबर में रेपो रेट 5.25% पर 0.25% घटाई, कुल कटौती 1.25% हुई है. कुछ बैंक होम और कार लोन पर ब्याज दरें कम कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 0.25% ब्याज कटौती से 1 करोड़ के होम लोन की EMI लगभग 1440 रुपये कम होगी, जिससे होम लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है.
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कितनी घट जाएगी होम लोन, कार लोन की EMI? RBI के ब्याज दर घटाने से कितना पड़ेगा असर
- Friday December 5, 2025
- NDTV
Repo Rate EMI Calculation: आरबीआई ने ब्याज दरों में कमी कर दी है. लेकिन देखना होगा कि बैंक इसका कितना फायदा ग्राहकों को देते हैं, हालांकि मध्यम वर्ग होम लोन और कार लोन की ईएमआई घटने की उम्मीद संजोए हैं... आइए जानते हैं ईएमआई कितनी घटेगी..
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बांग्लादेश का बुरा दौर शुरू... कर्ज में डूबता देश अब दिवालिया होने की कगार पर!
- Monday November 24, 2025
- Written by: रिचा बाजपेयी
बांग्लादेश सरकार के कर्ज में पिछले एक साल में 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी की गई ताजा अपडेट में बताया गया कि कुल सरकारी कर्ज अब बढ़कर जून 2025 तक 21,44,340 करोड़ टका हो गया है.
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अमेरिका में फेडरल रिजर्व ने फिर घटाई ब्याज दर, सोने और शेयर मार्केट पर दिखेगा असर
- Thursday October 30, 2025
- Edited by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में और कमी कर दी है. इससे शेयर बाजार और सोने पर भी असर पड़ने की संभावना है.
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हिमाचल की सुक्खू सरकार ने 20 महीने में लिया 21 हजार 366 करोड़ का कर्ज, जानें साल दर साल कैसे खस्ता हुई हालत
- Friday August 30, 2024
- Edited by: अंजलि कर्मकार
सुक्खू सरकार ने सता संभालने के बाद शुरुआती साढ़े तीन महीने में सबसे ज्यादा कर्ज लिया. पिछले वितीय वर्ष में भी कर्ज की रफ्तार में कमी नहीं आई. चालू वितीय वर्ष में भी कर्ज लेने का सिलसिला जारी है. पढ़िए, हिमाचल से वीडी शर्मा की ये रिपोर्ट:-
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अस्पताल में इलाज के लिए चाहिए पैसे? कैनरा बैंक करेगा इंतजाम, जानिए किसे मिलेगा लाभ
- Wednesday April 3, 2024
- Reported by: भाषा
अस्पताल के खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज ‘फ्लोटिंग’ यानी परिवर्तित ब्याज दर के आधार पर 11.55 प्रतिशत सालाना और निश्चित ब्याज दर आधार पर 12.30 प्रतिशत पर उपलब्ध होगा.
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बैंकों में चल रहा है होम लोन तो ध्यान दें, आरबीआई ने ईएमआई को लेकर बैंकों को दिया निर्देश
- Friday August 18, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: राजीव मिश्र
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से कहा है कि ब्याज दरें नए सिरे से तय करते समय वे कर्ज ले रखे ग्राहकों को ब्याज की निश्चित (फिक्स्ड) दर चुनने का विकल्प उपलब्ध कराएं.
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बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने कर्ज पर ब्याज दरें बढ़ाईं, लोन होगा महंगा बढ़ेगी EMI
- Friday August 11, 2023
- Reported by: भाषा
बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और केनरा बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने कोष की सीमान्त लागत आधारित (एमसीएलआर) ऋण दर में 0.10 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को पेश अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 6.50 प्रतिशत पर यथावत रखा है, इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों ने एमसीएलआर में बढ़ोतरी की घोषणा की है.
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आवास, अन्य कर्ज लेने वाले अब निश्चित ब्याज दर व्यवस्था का विकल्प चुन पाएंगे : आरबीआई
- Thursday August 10, 2023
- Reported by: भाषा
भारतीय रिजर्व बैंक कर्ज लेने वाले लोगों को परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर से निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर का विकल्प चुनने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है. इस कदम से मकान, वाहन और अन्य कर्ज लेने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि ऐसे ग्राहक ही ऊंची ब्याज दरों से सबसे अधिक प्रभावित हैं.
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ब्याज दरों का नियमन दायरे से बाहर रहना प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है : शक्तिकान्त दास
- Tuesday June 27, 2023
- Reported by: भाषा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा है कि ब्याज दरों को नियमन के दायरे से बाहर रखने से प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है और इससे ब्याज दर का प्रतिस्पर्धी निर्धारण होता है. उन्होंने कहा कि बदलती मुद्रास्फीति, ब्याज दर की स्थिति में बैंकों में प्रतिस्पर्धा होने से कर्जदाता को प्रतिस्पर्धी दर पर कर्ज मिलने की ज्यादा संभावना होती है और यह तभी होगा जब ब्याज दर नियमन के दायरे से बाहर होगी.
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देश की आर्थिक वृद्धि दर आगामी दशक में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: सीईए
- Thursday March 30, 2023
- Reported by: भाषा
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि वित्तीय और निवेश चक्र में बदलाव के साथ देश की आर्थिक वृद्धि दर आगामी दशक में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता को देखते हुए निर्यात में वृद्धि मात्रा के स्तर पर नरम रह सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मुझे लगता है कि वाणिज्यिक क्षेत्र और रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय, कर्ज और निवेश चक्र बहाल होने के साथ वृद्धि दर आगामी दशक में साढ़े छह प्रतिशत रह सकती है.''
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इन दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बढ़ा दी लोन पर ब्याज दरें
- Friday February 10, 2023
- Reported by: भाषा
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत वृद्धि के बाद बैंकों ने यह कदम उठाया. पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रेपो आधारित ब्याज दर (आरएलएलआर) 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत से 9.0 प्रतिशत कर दी गयी है. नई दर बृहस्पतिवार से प्रभाव में आ गई है.
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जमा वृद्धि दर नहीं बढ़ी तो अगले साल घट जाएगी कर्ज देने की रफ्तार: एक्सिस बैंक सीईओ
- Friday January 13, 2023
- Reported by: भाषा
एक्सिस बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि अगर जमा वृद्धि दर कमजोर रही तो अगले साल कर्ज देने की रफ्तार घट जाएगी. इस समय ऋण वृद्धि काफी बेहतर है. चौधरी ने वित्तीय प्रणाली द्वारा कुछ सावधानी बरतने की भी सलाह दी, क्योंकि आज किए गए फैसलों के चलते 5-7 साल कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए.
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खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही दुनिया, World Bank ने बताई यह वजह
- Friday October 14, 2022
- Reported by: वार्ता, Edited by: वर्तिका
“हम विकासशील देशों में लोगों को आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इन देशों में कर्ज बढ़ने का कारण उच्च ब्याज दर है. एक तरफ कर्ज बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उनकी मुद्राएं कमजोर हो रही हैं. मुद्रा के मूल्य में गिरावट कर्ज का बोझ बढ़ा रही है. विकासशील देशों के समक्ष कर्ज संकट की समस्या है.”- विश्व बैंक
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"महंगे कर्ज ने मकान खरीदने वालों की सामर्थ्य घटाई, अहमदाबाद सबसे किफायती"
- Tuesday October 11, 2022
- Reported by: वार्ता, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “वर्ष 2022 में आवास ऋण की औसत दरों में वृद्धि के कारण लोगों के लिए घर की वहनीयता बिगड़ी है. औसत गृह ऋण दर में 0.95 प्रतिशत की संचयी वृद्धि घर खरीदारों की सामर्थ्य और इस प्रकार उनके खरीद निर्णयों को भी प्रभावित करेगी.
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Loan EMI Calculator: 50 लाख रुपये के होम लोन पर अब कितनी EMI देनी होगी? बैंकों से मिलेगी कोरोना-टाइम वाली राहत!
- Sunday December 7, 2025
- Edited by: निलेश कुमार
RBI ने दिसंबर में रेपो रेट 5.25% पर 0.25% घटाई, कुल कटौती 1.25% हुई है. कुछ बैंक होम और कार लोन पर ब्याज दरें कम कर रहे हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 0.25% ब्याज कटौती से 1 करोड़ के होम लोन की EMI लगभग 1440 रुपये कम होगी, जिससे होम लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है.
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कितनी घट जाएगी होम लोन, कार लोन की EMI? RBI के ब्याज दर घटाने से कितना पड़ेगा असर
- Friday December 5, 2025
- NDTV
Repo Rate EMI Calculation: आरबीआई ने ब्याज दरों में कमी कर दी है. लेकिन देखना होगा कि बैंक इसका कितना फायदा ग्राहकों को देते हैं, हालांकि मध्यम वर्ग होम लोन और कार लोन की ईएमआई घटने की उम्मीद संजोए हैं... आइए जानते हैं ईएमआई कितनी घटेगी..
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बांग्लादेश का बुरा दौर शुरू... कर्ज में डूबता देश अब दिवालिया होने की कगार पर!
- Monday November 24, 2025
- Written by: रिचा बाजपेयी
बांग्लादेश सरकार के कर्ज में पिछले एक साल में 14 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी की गई ताजा अपडेट में बताया गया कि कुल सरकारी कर्ज अब बढ़कर जून 2025 तक 21,44,340 करोड़ टका हो गया है.
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अमेरिका में फेडरल रिजर्व ने फिर घटाई ब्याज दर, सोने और शेयर मार्केट पर दिखेगा असर
- Thursday October 30, 2025
- Edited by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने ब्याज दर में और कमी कर दी है. इससे शेयर बाजार और सोने पर भी असर पड़ने की संभावना है.
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हिमाचल की सुक्खू सरकार ने 20 महीने में लिया 21 हजार 366 करोड़ का कर्ज, जानें साल दर साल कैसे खस्ता हुई हालत
- Friday August 30, 2024
- Edited by: अंजलि कर्मकार
सुक्खू सरकार ने सता संभालने के बाद शुरुआती साढ़े तीन महीने में सबसे ज्यादा कर्ज लिया. पिछले वितीय वर्ष में भी कर्ज की रफ्तार में कमी नहीं आई. चालू वितीय वर्ष में भी कर्ज लेने का सिलसिला जारी है. पढ़िए, हिमाचल से वीडी शर्मा की ये रिपोर्ट:-
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अस्पताल में इलाज के लिए चाहिए पैसे? कैनरा बैंक करेगा इंतजाम, जानिए किसे मिलेगा लाभ
- Wednesday April 3, 2024
- Reported by: भाषा
अस्पताल के खर्चों को पूरा करने के लिए कर्ज ‘फ्लोटिंग’ यानी परिवर्तित ब्याज दर के आधार पर 11.55 प्रतिशत सालाना और निश्चित ब्याज दर आधार पर 12.30 प्रतिशत पर उपलब्ध होगा.
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बैंकों में चल रहा है होम लोन तो ध्यान दें, आरबीआई ने ईएमआई को लेकर बैंकों को दिया निर्देश
- Friday August 18, 2023
- Reported by: भाषा, Edited by: राजीव मिश्र
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों से कहा है कि ब्याज दरें नए सिरे से तय करते समय वे कर्ज ले रखे ग्राहकों को ब्याज की निश्चित (फिक्स्ड) दर चुनने का विकल्प उपलब्ध कराएं.
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बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने कर्ज पर ब्याज दरें बढ़ाईं, लोन होगा महंगा बढ़ेगी EMI
- Friday August 11, 2023
- Reported by: भाषा
बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) और केनरा बैंक समेत सार्वजनिक क्षेत्र के कई बैंकों ने कोष की सीमान्त लागत आधारित (एमसीएलआर) ऋण दर में 0.10 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को पेश अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 6.50 प्रतिशत पर यथावत रखा है, इसके बावजूद सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों ने एमसीएलआर में बढ़ोतरी की घोषणा की है.
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आवास, अन्य कर्ज लेने वाले अब निश्चित ब्याज दर व्यवस्था का विकल्प चुन पाएंगे : आरबीआई
- Thursday August 10, 2023
- Reported by: भाषा
भारतीय रिजर्व बैंक कर्ज लेने वाले लोगों को परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर से निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर का विकल्प चुनने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है. इस कदम से मकान, वाहन और अन्य कर्ज लेने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि ऐसे ग्राहक ही ऊंची ब्याज दरों से सबसे अधिक प्रभावित हैं.
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ब्याज दरों का नियमन दायरे से बाहर रहना प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है : शक्तिकान्त दास
- Tuesday June 27, 2023
- Reported by: भाषा
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकान्त दास ने कहा है कि ब्याज दरों को नियमन के दायरे से बाहर रखने से प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलता है और इससे ब्याज दर का प्रतिस्पर्धी निर्धारण होता है. उन्होंने कहा कि बदलती मुद्रास्फीति, ब्याज दर की स्थिति में बैंकों में प्रतिस्पर्धा होने से कर्जदाता को प्रतिस्पर्धी दर पर कर्ज मिलने की ज्यादा संभावना होती है और यह तभी होगा जब ब्याज दर नियमन के दायरे से बाहर होगी.
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देश की आर्थिक वृद्धि दर आगामी दशक में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान: सीईए
- Thursday March 30, 2023
- Reported by: भाषा
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि वित्तीय और निवेश चक्र में बदलाव के साथ देश की आर्थिक वृद्धि दर आगामी दशक में 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता को देखते हुए निर्यात में वृद्धि मात्रा के स्तर पर नरम रह सकती है. उन्होंने कहा, ‘‘इसीलिए मुझे लगता है कि वाणिज्यिक क्षेत्र और रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय, कर्ज और निवेश चक्र बहाल होने के साथ वृद्धि दर आगामी दशक में साढ़े छह प्रतिशत रह सकती है.''
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इन दो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बढ़ा दी लोन पर ब्याज दरें
- Friday February 10, 2023
- Reported by: भाषा
सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने कर्ज पर लगने वाले ब्याज में 0.25 प्रतिशत तक की वृद्धि की है. भारतीय रिजर्व बैंक के नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत वृद्धि के बाद बैंकों ने यह कदम उठाया. पीएनबी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि रेपो आधारित ब्याज दर (आरएलएलआर) 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 8.75 प्रतिशत से 9.0 प्रतिशत कर दी गयी है. नई दर बृहस्पतिवार से प्रभाव में आ गई है.
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जमा वृद्धि दर नहीं बढ़ी तो अगले साल घट जाएगी कर्ज देने की रफ्तार: एक्सिस बैंक सीईओ
- Friday January 13, 2023
- Reported by: भाषा
एक्सिस बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक अमिताभ चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि अगर जमा वृद्धि दर कमजोर रही तो अगले साल कर्ज देने की रफ्तार घट जाएगी. इस समय ऋण वृद्धि काफी बेहतर है. चौधरी ने वित्तीय प्रणाली द्वारा कुछ सावधानी बरतने की भी सलाह दी, क्योंकि आज किए गए फैसलों के चलते 5-7 साल कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए.
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खतरनाक मंदी की ओर बढ़ रही दुनिया, World Bank ने बताई यह वजह
- Friday October 14, 2022
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“हम विकासशील देशों में लोगों को आगे बढ़ने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. इन देशों में कर्ज बढ़ने का कारण उच्च ब्याज दर है. एक तरफ कर्ज बढ़ रहा है और दूसरी तरफ उनकी मुद्राएं कमजोर हो रही हैं. मुद्रा के मूल्य में गिरावट कर्ज का बोझ बढ़ा रही है. विकासशील देशों के समक्ष कर्ज संकट की समस्या है.”- विश्व बैंक
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"महंगे कर्ज ने मकान खरीदने वालों की सामर्थ्य घटाई, अहमदाबाद सबसे किफायती"
- Tuesday October 11, 2022
- Reported by: वार्ता, Edited by: आलोक कुमार ठाकुर
नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा, “वर्ष 2022 में आवास ऋण की औसत दरों में वृद्धि के कारण लोगों के लिए घर की वहनीयता बिगड़ी है. औसत गृह ऋण दर में 0.95 प्रतिशत की संचयी वृद्धि घर खरीदारों की सामर्थ्य और इस प्रकार उनके खरीद निर्णयों को भी प्रभावित करेगी.
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