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Sushil Mohapatra Blog

'Sushil Mohapatra Blog' - 99 News Result(s)
  • क्रिकेट में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल, प्यार-मोहब्बत ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी

    क्रिकेट में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल, प्यार-मोहब्बत ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी

    नफरत एक ऐसा नशा है जो आपकी जिंदगी का नक्शा बदल देता है. अगर आप नफरत के नशे के शिकार हो गए हैं तो आपको इससे निकलने के लिए भाईचारा और मोहब्बत जैसी दवाई की जरूरत है. यह दवाई कहीं मेडिसिन स्टोर में नहीं मिलती है, यह समाज में ही मिलती है, आप के आसपास है. बस आपको महसूस करने की जरूरत है. जिस दिन आप भाईचारे और मोहब्बत को महसूस कर लेंगे उस दिन आप नफरत के नशा से मुक्त हो जाएंगे. आप और आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद होने से बच जाएगी.

  • क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

    क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

    गुड्डी राव के परिवार को ओडिशा सरकार के तरफ से कोई मदद नहीं मिली है. जिस गुड्डी राव समाज के लिए अपने ज़िन्दगी गुजार दी, अपने खुद की पैसे से गरीब तबकों की मदद किया आज उसी गुड्डी राव का परिवार तकलीफ में है.

  • कोरोना के दौर में लोगों को चुनाव नहीं वैक्सीन की जरूरत

    कोरोना के दौर में लोगों को चुनाव नहीं वैक्सीन की जरूरत

    मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा रिलीज किए गए डेटा के हिसाब से पिछले 24 घंटों में भारत में 1,61,736 कोरोना केस आए हैं. 879 लोगों की मौत हुई है. पिछले तीन दिनों से डेढ़ लाख से भी ज्यादा केस आ रहे हैं जबकि पिछले 7 दिनों से 1 लाख से ज्यादा केस रिकॉर्ड किए गए हैं. मार्च 2020 में जब भारत में लॉकडाउन लगाया गया तब देश में 500 के करीब केस थे. अब जब देश में रोज डेढ़ लाख से ज्यादा केस आ रहे हैं तब भी कई राज्यों  में चुनाव हो रहे हैं. रोड शो और रैली हो रही हैं. हज़ारों की संख्या में लोग बिना मास्क पहने, बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रैली और रोड शो में शामिल हो रहे हैं.

  • ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    करीब दो महीने पहले किसी एक रिसर्च स्कॉलर का फोन आया. रिसर्च करके वो कोरोना के ऊपर कोई किताब लिख रहे थे. जब मैंने पूछा कि आप मुझसे क्या चाहते हैं तो उनका जवाब था कि कोरोना के ऊपर उन्होंने काफी रिसर्च की है और टीवी पर आ कर बोलना चाहते हैं. उनका कहना था कि भारत में कोरोना का कोई असर नहीं होगा, लोगों को डरने की जरूरत नहीं. लॉकडाउन खोल देना चाहिए, लॉकडाउन करके सरकार ने गलती की है.

  • लॉकडाउन को हुए दो महीने, क्या कोरोना वायरस रोकने में कामयाब हो पाया है भारत?

    लॉकडाउन को हुए दो महीने, क्या कोरोना वायरस रोकने में कामयाब हो पाया है भारत?

    चिंता की बात यह है कि दुनिया के बड़े-बड़े देश अमेरिका, इंग्लैंड, ब्राज़ील, रूस, संघर्ष कर रहे हैं तो ऐसे में 130 करोड़ वाला भारत क्या कोरोना वायरस को कंट्रोल कर पाएगा?

  • क्या कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सक्षम हो पाएगी ओडिशा सरकार?

    क्या कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सक्षम हो पाएगी ओडिशा सरकार?

    एक समय कोरोना को नियंत्रित करने के मामले में ओडिशा सरकार की काफी तारीफ हुई थी. ऐसा लगा था कि कोरोना को पूरी तरह नियंत्रित करने में ओडिशा सरकार जल्दी कामयाब हो जाएगी. इसके पीछे कई वजह भी थीं. पहली वजह यह थी कि ओडिशा के 30 में से 22 जिले कोरोना फ्री थे और जिन आठ ज़िलों में केस थे उसमें से कुल केस के 80 प्रतिशत सिर्फ एक ज़िले यानी खोरदा में थे. ओडिशा में पहला केस 16 मार्च को खोरदा ज़िले में ही आया. 31 मार्च तक ओडिशा में चार केस थे और 15 अप्रेल तक ओडिशा में कुल केस 60 पहुंचे थे. इसमें से 40 लोग ठीक होकर घर जा चुके थे जबकि एक की मौत हुई थी. 15 अप्रैल तक कुल 60 केस में से 46 केस सिर्फ खोरदा ज़िले से थे, यानी कुल केस के 80 प्रतिशत के करीब खोरदा ज़िले से थे.

  • क्या 16 फीसदी बुजुर्गों के बारे में सोचना बंद कर देगा अमेरिका? 

    क्या 16 फीसदी बुजुर्गों के बारे में सोचना बंद कर देगा अमेरिका? 

    ट्रंप ने कहा की जब अर्थव्यवस्था लुढ़क जाएगी तब लोग आत्महत्या करने लगेंगे और यह संख्या कोरोना से मरे हुए संख्या से ज्यादा होगी. अगर ट्रंप लॉकडाउन हटाने का निर्णय लेते हैं तो क्या होगा?

  • क्या जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तरह भारत Coronavirus को रोकने में कामयाब हो पायेगा? कितना तैयार है भारत?

    क्या जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तरह भारत Coronavirus को रोकने में कामयाब हो पायेगा? कितना तैयार है भारत?

    इटली में एक लाख में से करीब 78 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. स्पेन में एक लाख में से 46 लोग इस वायरस की चपेट में आए हैं. इटली और स्पेन के साथ भारत की तुलना नहीं करनी चाहिए, वरना जो आंकड़े सामने आएंगे वो भयावह होगा. फिर भी भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है. इटली और स्पेन भी कभी उम्मीद नहीं कर रहे थे कि इतने सारे लोग संक्रमित हो जाएंगे.

  • जस्टिस गोगोई को राज्यसभा भेजने के मामले में कैसे सरकार ने जेटली और गडकरी के सवालों को नज़रअंदाज़ किया

    जस्टिस गोगोई को राज्यसभा भेजने के मामले में कैसे सरकार ने जेटली और गडकरी के सवालों को नज़रअंदाज़ किया

    सितंबर 2012 की बात है, बीजेपी के लीगल सेल ने एक सेमिनार का आयोजन किया था जिस में अरुण जेटली ने कहा था कि "रिटायरमेंट के पहले के फैसले, रिटायरमेंट के बाद किसी भी पद की प्रति इच्छा से प्रभावित होते हैं, रिटायरमेंट के बाद जॉब के प्रति मांग न्यायपालिका के निपक्षता पे असर डालता है" उस समय जेटली राज्य सभा में विपक्ष के नेता थे और ऐसे भी जेटली जानेमाने वकील भी थे. इस सेमिनार में जेटली ने कहा था कि किसी भी जज को ट्रिब्यूनल और कमीशन में कोई भी पोस्ट पर अपॉइंट करने से पहले दो साल का कूलिंग पीरियड जरूरी है. जेटली की बातों को समर्थन करते हुए उस समय के बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी जो वहां मौजूद थे, ने जेटली का साथ देते हुए कहा था कि दो साल का कूलिंग पीरियड होना चाहिए.

  • कोरोना वायरस से डरने की नहीं, इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की जरूरत

    कोरोना वायरस से डरने की नहीं, इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की जरूरत

    कोरोना वायरस को हल्के में लेना नहीं चाहिए, लोगों को अपना ख्याल रखना चाहिए. डॉक्टर और सरकार जो भी सलाह दे रही है उसे पूरी तरह मानना चाहिए. लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. आप कहां जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं, कितने लोगों से मिल रहे हैं, इस सब पर आपको ध्यान देना चाहिए. सरकार ने यह सलाह दी है कि 200 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं होने चाहिए, लेकिन लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं.

'Sushil Mohapatra Blog' - 99 News Result(s)
  • क्रिकेट में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल, प्यार-मोहब्बत ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी

    क्रिकेट में हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल, प्यार-मोहब्बत ने कई खिलाड़ियों की जिंदगी बना दी

    नफरत एक ऐसा नशा है जो आपकी जिंदगी का नक्शा बदल देता है. अगर आप नफरत के नशे के शिकार हो गए हैं तो आपको इससे निकलने के लिए भाईचारा और मोहब्बत जैसी दवाई की जरूरत है. यह दवाई कहीं मेडिसिन स्टोर में नहीं मिलती है, यह समाज में ही मिलती है, आप के आसपास है. बस आपको महसूस करने की जरूरत है. जिस दिन आप भाईचारे और मोहब्बत को महसूस कर लेंगे उस दिन आप नफरत के नशा से मुक्त हो जाएंगे. आप और आपके बच्चों की जिंदगी बर्बाद होने से बच जाएगी.

  • क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

    क्या ओडिशा सरकार को गुड्डी राव के परिवार की मदद नहीं करनी चाहिए ?

    गुड्डी राव के परिवार को ओडिशा सरकार के तरफ से कोई मदद नहीं मिली है. जिस गुड्डी राव समाज के लिए अपने ज़िन्दगी गुजार दी, अपने खुद की पैसे से गरीब तबकों की मदद किया आज उसी गुड्डी राव का परिवार तकलीफ में है.

  • कोरोना के दौर में लोगों को चुनाव नहीं वैक्सीन की जरूरत

    कोरोना के दौर में लोगों को चुनाव नहीं वैक्सीन की जरूरत

    मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा रिलीज किए गए डेटा के हिसाब से पिछले 24 घंटों में भारत में 1,61,736 कोरोना केस आए हैं. 879 लोगों की मौत हुई है. पिछले तीन दिनों से डेढ़ लाख से भी ज्यादा केस आ रहे हैं जबकि पिछले 7 दिनों से 1 लाख से ज्यादा केस रिकॉर्ड किए गए हैं. मार्च 2020 में जब भारत में लॉकडाउन लगाया गया तब देश में 500 के करीब केस थे. अब जब देश में रोज डेढ़ लाख से ज्यादा केस आ रहे हैं तब भी कई राज्यों  में चुनाव हो रहे हैं. रोड शो और रैली हो रही हैं. हज़ारों की संख्या में लोग बिना मास्क पहने, बिना सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए रैली और रोड शो में शामिल हो रहे हैं.

  • ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    करीब दो महीने पहले किसी एक रिसर्च स्कॉलर का फोन आया. रिसर्च करके वो कोरोना के ऊपर कोई किताब लिख रहे थे. जब मैंने पूछा कि आप मुझसे क्या चाहते हैं तो उनका जवाब था कि कोरोना के ऊपर उन्होंने काफी रिसर्च की है और टीवी पर आ कर बोलना चाहते हैं. उनका कहना था कि भारत में कोरोना का कोई असर नहीं होगा, लोगों को डरने की जरूरत नहीं. लॉकडाउन खोल देना चाहिए, लॉकडाउन करके सरकार ने गलती की है.

  • लॉकडाउन को हुए दो महीने, क्या कोरोना वायरस रोकने में कामयाब हो पाया है भारत?

    लॉकडाउन को हुए दो महीने, क्या कोरोना वायरस रोकने में कामयाब हो पाया है भारत?

    चिंता की बात यह है कि दुनिया के बड़े-बड़े देश अमेरिका, इंग्लैंड, ब्राज़ील, रूस, संघर्ष कर रहे हैं तो ऐसे में 130 करोड़ वाला भारत क्या कोरोना वायरस को कंट्रोल कर पाएगा?

  • क्या कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सक्षम हो पाएगी ओडिशा सरकार?

    क्या कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सक्षम हो पाएगी ओडिशा सरकार?

    एक समय कोरोना को नियंत्रित करने के मामले में ओडिशा सरकार की काफी तारीफ हुई थी. ऐसा लगा था कि कोरोना को पूरी तरह नियंत्रित करने में ओडिशा सरकार जल्दी कामयाब हो जाएगी. इसके पीछे कई वजह भी थीं. पहली वजह यह थी कि ओडिशा के 30 में से 22 जिले कोरोना फ्री थे और जिन आठ ज़िलों में केस थे उसमें से कुल केस के 80 प्रतिशत सिर्फ एक ज़िले यानी खोरदा में थे. ओडिशा में पहला केस 16 मार्च को खोरदा ज़िले में ही आया. 31 मार्च तक ओडिशा में चार केस थे और 15 अप्रेल तक ओडिशा में कुल केस 60 पहुंचे थे. इसमें से 40 लोग ठीक होकर घर जा चुके थे जबकि एक की मौत हुई थी. 15 अप्रैल तक कुल 60 केस में से 46 केस सिर्फ खोरदा ज़िले से थे, यानी कुल केस के 80 प्रतिशत के करीब खोरदा ज़िले से थे.

  • क्या 16 फीसदी बुजुर्गों के बारे में सोचना बंद कर देगा अमेरिका? 

    क्या 16 फीसदी बुजुर्गों के बारे में सोचना बंद कर देगा अमेरिका? 

    ट्रंप ने कहा की जब अर्थव्यवस्था लुढ़क जाएगी तब लोग आत्महत्या करने लगेंगे और यह संख्या कोरोना से मरे हुए संख्या से ज्यादा होगी. अगर ट्रंप लॉकडाउन हटाने का निर्णय लेते हैं तो क्या होगा?

  • क्या जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तरह भारत Coronavirus को रोकने में कामयाब हो पायेगा? कितना तैयार है भारत?

    क्या जर्मनी और दक्षिण कोरिया की तरह भारत Coronavirus को रोकने में कामयाब हो पायेगा? कितना तैयार है भारत?

    इटली में एक लाख में से करीब 78 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. स्पेन में एक लाख में से 46 लोग इस वायरस की चपेट में आए हैं. इटली और स्पेन के साथ भारत की तुलना नहीं करनी चाहिए, वरना जो आंकड़े सामने आएंगे वो भयावह होगा. फिर भी भारत को हर स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है. इटली और स्पेन भी कभी उम्मीद नहीं कर रहे थे कि इतने सारे लोग संक्रमित हो जाएंगे.

  • जस्टिस गोगोई को राज्यसभा भेजने के मामले में कैसे सरकार ने जेटली और गडकरी के सवालों को नज़रअंदाज़ किया

    जस्टिस गोगोई को राज्यसभा भेजने के मामले में कैसे सरकार ने जेटली और गडकरी के सवालों को नज़रअंदाज़ किया

    सितंबर 2012 की बात है, बीजेपी के लीगल सेल ने एक सेमिनार का आयोजन किया था जिस में अरुण जेटली ने कहा था कि "रिटायरमेंट के पहले के फैसले, रिटायरमेंट के बाद किसी भी पद की प्रति इच्छा से प्रभावित होते हैं, रिटायरमेंट के बाद जॉब के प्रति मांग न्यायपालिका के निपक्षता पे असर डालता है" उस समय जेटली राज्य सभा में विपक्ष के नेता थे और ऐसे भी जेटली जानेमाने वकील भी थे. इस सेमिनार में जेटली ने कहा था कि किसी भी जज को ट्रिब्यूनल और कमीशन में कोई भी पोस्ट पर अपॉइंट करने से पहले दो साल का कूलिंग पीरियड जरूरी है. जेटली की बातों को समर्थन करते हुए उस समय के बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी जो वहां मौजूद थे, ने जेटली का साथ देते हुए कहा था कि दो साल का कूलिंग पीरियड होना चाहिए.

  • कोरोना वायरस से डरने की नहीं, इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की जरूरत

    कोरोना वायरस से डरने की नहीं, इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देने की जरूरत

    कोरोना वायरस को हल्के में लेना नहीं चाहिए, लोगों को अपना ख्याल रखना चाहिए. डॉक्टर और सरकार जो भी सलाह दे रही है उसे पूरी तरह मानना चाहिए. लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. आप कहां जा रहे हैं, क्या कर रहे हैं, कितने लोगों से मिल रहे हैं, इस सब पर आपको ध्यान देना चाहिए. सरकार ने यह सलाह दी है कि 200 से ज्यादा लोग एक जगह जमा नहीं होने चाहिए, लेकिन लोग इस पर ध्यान नहीं देते हैं.