Sabrimala Case
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Supreme Court: सबरीमाला तो बस शुरुआत है! अब मस्जिद में महिलाओं की एंट्री, पारसी व बोहरा समुदाय में बहिष्कार पर कोर्ट में चल रही है बड़ी तैयारी!
- Wednesday May 6, 2026
- Reported by: नूपुर डोगरा, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Sabrimala Case Hearing: सबरीमाला पुनर्विचार याचिकाओं ने अब एक बहुत बड़े संवैधानिक विमर्श का रूप ले लिया है. यह मामला अब केवल एक मंदिर में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई धर्मों की प्रथाओं को शामिल कर लिया गया है. कोर्ट सभी खर्मों की मान्यताओं को सामने रखते हुए इस बात की जांच कर रहा है कि क्या मौलिक अधिकार धार्मिक स्वायत्तता पर भारी पड़ते हैं.
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'अदालत के पास कोई शक्ति नहीं, ये कहना सही नहीं', CJI ने सबरीमाला केस पर सुनवाई के दौरान ऐसा क्यों कहा ?
- Wednesday April 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: श्वेता गुप्ता
Sabrimala Case: अदालत ने संकेत दिया कि इस तरह के संवैधानिक सवालों का उत्तर परिस्थितियों और मामले के तथ्यों के आधार पर ही तय किया जाएगा. बता दें कि सबरीमाला मामले की सुनवाई 9 जजों की संविधान पीठ कर रही है.
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सबरीमाला रिव्यू पिटीशन, 7 अप्रैल से रेगुलर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संविधान पीठ का होगा गठन
- Monday February 16, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव
Sabrimala Temple Case Review Petition: सबरीमाला केस मामले में सुप्रीम कोर्ट 7 अप्रैल से रेगुलर सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस इस मामले में 9 जजों की बेंच का गठन करेंगे.
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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली रेहाना फातिमा की सुप्रीम कोर्ट से अपील, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
- Tuesday July 28, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: नवीन कुमार
हाईकोर्ट ने कहा कि वो अपने विवेक से कहीं से भी मानने को तैयार नहीं हैं कि ये अश्लीलता नहीं है जिसमें वादी ने नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया.
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सबरीमाला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, 5 जजों की बेंच द्वारा भेजे गए रिफरेंस पर ही करेंगे सुनवाई
- Monday January 13, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव
CJI ने यह भी कहा कि जब रिफरेंस पर फैसला दे देंगे उसके बाद सबरीमला मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेंगे. सबरीमाला समेत दूसरे धर्मों में महिलाओं के मामले में वकील राजीव धवन ने व्यक्तिगत तौर पर बहस करने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी. जिस पर बेंच ने साफ कहा कि इस मामले में बहस करने के लिए एक समय सीमा तय की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हम नही चाहते कि दलीलों की पुनरावृत्ति हो.
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बीजेपी में शामिल हुए हादिया के पिता, मुस्लिम युवक से शादी पर जताया था विरोध
- Tuesday December 18, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
बीजेपी में शामिल होते ही अशोकन ने सीपीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि वामपंथी पार्टी के कार्यकर्ता सबरीमाला मंदिर मामले पर नफरत की राजनीति को हवा दे रहे हैं.
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ बिहार के सीतामढ़ी में परिवाद पत्र दायर
- Friday October 26, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग के महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी लेकिन न्यायालय के फैसले का विरोध हो रहा है. ईरानी ने इसको लेकर बयान दिया था कि अगर आप माहवारी के दिनों में खून से सना सिनेटरी नैपकिन लेकर अपने दोस्तों के घर नहीं जा सकते हैं उस हालत में मंदिरों में भी नहीं जाना चाहिए. सबरीमला मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी.
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Sabarimala Temple Case: IIT से पढ़े इंजीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ा सबरीमाला मंदिर का केस, मगर जिता न सके
- Friday September 28, 2018
- Written by: नवनीत मिश्र
सबरीमाला मंदिर केस में मंदिर प्रबंधन की तरफ से ऐसे वकील ने वकालत की, जो कि वकील बनने से पहले इंजीनियर बने. बात हो रही है वकील जे साई दीपक ( Sai Deepak J) की.
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Sabarimala Temple Verdict: सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानें मंदिर के प्रमुख पुजारी ने क्या कहा
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल में सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं की रोक पर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बैन हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केरल के सबरीमाला स्थित अय्यप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 4:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि केरल के सबरीमाला मंदिर में रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव है और यह परिपाटी हिन्दू महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है. मगर इस फैसले पर सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी ने निराशा जताई है.
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जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगे रोक से बैन हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर के दरवाजे हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिये. साथ ही बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है. बता दें कि अब तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा की इस मामले में अलग राय थी.
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Sabarimala Verdict: जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- महिलाओं को भगवान की कमतर रचना मानना संविधान से आंख मिचौली, 10 बातें
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में अब सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया और इस प्रथा को असंवैधानिक करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म एक है गरिमा और पहचान है. अयप्पा कुछ अलग नहीं हैं. जो नियम जैविक और शारीरिक प्रक्रिया पर बने हैं वो संवैधानिक टेस्ट पर पास नहीं हो सकते. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा की अलग राय थी. उन्होंने कहा कि कोर्ट को धार्मिक परंपराओं में दखल नहीं देना चाहिए.
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Sabarimala Temple Case: अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया
- Friday September 28, 2018
- Reported by: आशीष भार्गव
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को चुनौती दी है. उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है. एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है.
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क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाना है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
- Friday September 28, 2018
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है.
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Supreme Court: सबरीमाला तो बस शुरुआत है! अब मस्जिद में महिलाओं की एंट्री, पारसी व बोहरा समुदाय में बहिष्कार पर कोर्ट में चल रही है बड़ी तैयारी!
- Wednesday May 6, 2026
- Reported by: नूपुर डोगरा, Edited by: मो. इफ्तेखार अहमद
Sabrimala Case Hearing: सबरीमाला पुनर्विचार याचिकाओं ने अब एक बहुत बड़े संवैधानिक विमर्श का रूप ले लिया है. यह मामला अब केवल एक मंदिर में प्रवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई धर्मों की प्रथाओं को शामिल कर लिया गया है. कोर्ट सभी खर्मों की मान्यताओं को सामने रखते हुए इस बात की जांच कर रहा है कि क्या मौलिक अधिकार धार्मिक स्वायत्तता पर भारी पड़ते हैं.
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'अदालत के पास कोई शक्ति नहीं, ये कहना सही नहीं', CJI ने सबरीमाला केस पर सुनवाई के दौरान ऐसा क्यों कहा ?
- Wednesday April 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: श्वेता गुप्ता
Sabrimala Case: अदालत ने संकेत दिया कि इस तरह के संवैधानिक सवालों का उत्तर परिस्थितियों और मामले के तथ्यों के आधार पर ही तय किया जाएगा. बता दें कि सबरीमाला मामले की सुनवाई 9 जजों की संविधान पीठ कर रही है.
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सबरीमाला रिव्यू पिटीशन, 7 अप्रैल से रेगुलर सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट में 9 जजों की संविधान पीठ का होगा गठन
- Monday February 16, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव
Sabrimala Temple Case Review Petition: सबरीमाला केस मामले में सुप्रीम कोर्ट 7 अप्रैल से रेगुलर सुनवाई करेगा. चीफ जस्टिस इस मामले में 9 जजों की बेंच का गठन करेंगे.
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सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने वाली रेहाना फातिमा की सुप्रीम कोर्ट से अपील, हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
- Tuesday July 28, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: नवीन कुमार
हाईकोर्ट ने कहा कि वो अपने विवेक से कहीं से भी मानने को तैयार नहीं हैं कि ये अश्लीलता नहीं है जिसमें वादी ने नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल किया.
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सबरीमाला मामला: सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया, 5 जजों की बेंच द्वारा भेजे गए रिफरेंस पर ही करेंगे सुनवाई
- Monday January 13, 2020
- Reported by: आशीष भार्गव
CJI ने यह भी कहा कि जब रिफरेंस पर फैसला दे देंगे उसके बाद सबरीमला मामले में दाखिल पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करेंगे. सबरीमाला समेत दूसरे धर्मों में महिलाओं के मामले में वकील राजीव धवन ने व्यक्तिगत तौर पर बहस करने की इजाजत कोर्ट से मांगी थी. जिस पर बेंच ने साफ कहा कि इस मामले में बहस करने के लिए एक समय सीमा तय की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि हम नही चाहते कि दलीलों की पुनरावृत्ति हो.
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बीजेपी में शामिल हुए हादिया के पिता, मुस्लिम युवक से शादी पर जताया था विरोध
- Tuesday December 18, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
बीजेपी में शामिल होते ही अशोकन ने सीपीएम पर निशाना साधते हुए कहा कि वामपंथी पार्टी के कार्यकर्ता सबरीमाला मंदिर मामले पर नफरत की राजनीति को हवा दे रहे हैं.
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केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ बिहार के सीतामढ़ी में परिवाद पत्र दायर
- Friday October 26, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग के महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दी थी लेकिन न्यायालय के फैसले का विरोध हो रहा है. ईरानी ने इसको लेकर बयान दिया था कि अगर आप माहवारी के दिनों में खून से सना सिनेटरी नैपकिन लेकर अपने दोस्तों के घर नहीं जा सकते हैं उस हालत में मंदिरों में भी नहीं जाना चाहिए. सबरीमला मंदिर की पुरानी परंपरा के अनुसार 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी.
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Sabarimala Temple Case: IIT से पढ़े इंजीनियर वकील ने सुप्रीम कोर्ट में लड़ा सबरीमाला मंदिर का केस, मगर जिता न सके
- Friday September 28, 2018
- Written by: नवनीत मिश्र
सबरीमाला मंदिर केस में मंदिर प्रबंधन की तरफ से ऐसे वकील ने वकालत की, जो कि वकील बनने से पहले इंजीनियर बने. बात हो रही है वकील जे साई दीपक ( Sai Deepak J) की.
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Sabarimala Temple Verdict: सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जानें मंदिर के प्रमुख पुजारी ने क्या कहा
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल में सबरीमाला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं की रोक पर से शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने बैन हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में केरल के सबरीमाला स्थित अय्यप्पा स्वामी मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति दे दी. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय पीठ ने 4:1 के बहुमत के फैसले में कहा कि केरल के सबरीमाला मंदिर में रजस्वला आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लैंगिक भेदभाव है और यह परिपाटी हिन्दू महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करती है. मगर इस फैसले पर सबरीमाला मंदिर के मुख्य पुजारी ने निराशा जताई है.
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जानिए, सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर बहुमत से अलग क्यों रहा जस्टिस इंदु मल्होत्रा का फैसला
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में हर उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर लगे रोक से बैन हटा दिया है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर के दरवाजे हर उम्र की महिलाओं के लिए खोल दिये. साथ ही बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक असंवैधानिक है. बता दें कि अब तक 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदु मल्होत्रा की इस मामले में अलग राय थी.
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Sabarimala Verdict: जस्टिस चंद्रचूड़ बोले- महिलाओं को भगवान की कमतर रचना मानना संविधान से आंख मिचौली, 10 बातें
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में अब सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर सुप्रीम कोर्ट ने हरी झंडी दे दी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया और इस प्रथा को असंवैधानिक करार दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. मगर अब सब मंदिर में दर्शन करने जा सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म एक है गरिमा और पहचान है. अयप्पा कुछ अलग नहीं हैं. जो नियम जैविक और शारीरिक प्रक्रिया पर बने हैं वो संवैधानिक टेस्ट पर पास नहीं हो सकते. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला 4-1 के बहुमत से आया. क्योंकि जस्टिस इंदू मल्होत्रा की अलग राय थी. उन्होंने कहा कि कोर्ट को धार्मिक परंपराओं में दखल नहीं देना चाहिए.
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Sabarimala Temple Case: अब सभी महिलाओं के लिए खुला सबरीमाला मंदिर का दरवाजा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रवेश पर से बैन हटाया
- Friday September 28, 2018
- Reported by: आशीष भार्गव
केरल के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने बहुमत से अपने फैसले में सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर लगे बैन को हटा दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब सबरीमाला मंदिर के दरवाजे सभी महिलाओं के लिए खोल दिये गये. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं थी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को चुनौती दी है. उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है. याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है. एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है.
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क्या सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाओं को मिलेगी एंट्री? सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ का फैसला आज, 10 बातें
- Friday September 28, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
केरल के सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple Case) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट को केरल के सबरीमाला मंदिर में 10-50 साल की उम्र की महिलाओं के प्रवेश पर रोक को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुनाना है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने आठ दिनों तक सुनवाई करने के उपरांत 1 अगस्त को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
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सबरीमाला मंदिर में सभी महिलाएं प्रवेश कर सकेंगी? सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज
- Friday September 28, 2018
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: सूर्यकांत पाठक
केरल के सबरीमला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ शुक्रवार को फैसला सुनाएगी. फिलहाल 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं है.
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