Prayagraj Magh Mela 2026
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आंखों पर काला चश्मा, शरीर पर भस्म... माघ मेले में धूनी रमाए 'सेंट बाबा' क्यों हो रहे वायरल?
- Sunday January 11, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: प्रभांशु रंजन
माघ मेले में कई ऐसे अनोखे साधु–संत पहुंचे हैं जो अपनी वेशभूषा, तपस्या और अनूठे कामों से श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहे हैं. माघ मेले में धुनी रमाते बाबाओं का आकर्षक रूप देखने को मिल रहा है, जिसमें लंबे जटाधारी, भस्म रमे, नागा साधु, और अजब-गजब वेशभूषा शामिल है.
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माथे पर टीका, श्रीभगवद्गीता के श्लोक... जानें- कौन हैं माघ मेला में आए 6 साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज
- Saturday January 10, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir
संगम नगरी प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम में भगवान राम का बाल रूप धरकर लोगों को दर्शन देने वाले छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज भी संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि भारत देश विश्व गुरु बनेगा, सनातन का मान-सम्मान पूरे विश्व में बढ़ेगा. अपनी बातों को उन्होंने गीत के रूप में सुनाया है. बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज को तमाम श्लोक भी कंठस्थ है.
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मुगलों ने क्यों लगाया था माघ मेले पर टैक्स? प्रयागराज में तब भी जुटते थे लाखों लोग
- Saturday January 10, 2026
- Edited by: मुकेश बौड़ाई
Magh Mela 2026: प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है. इस साल 75 साल बाद बने खास संयोग के कारण इसे महामाघ मेला कहा जा रहा है. माघ महीने में संगम स्नान को बहुत पुण्यदायी माना जाता है, इसलिए लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं.
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Magh Mela 2026: मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक, जानें माघ मेला स्नान की सारी तिथियां और धार्मिक महत्व
- Friday January 9, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Magh Mela 2026 Snan Dates: संगम की रेती पर लगने वाले जिस माघ मेले में जप, तप और व्रत करने से पाप से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है. जहां नियम-संयम के साथ किया गया कल्पवास व्यक्ति को सभी सुखों को दिलाता हुआ मोक्ष (Salvation) प्रदान करता है, उस प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले में कब कौन सा स्नान पर्व (Magh Mela Snan Parv 2026) पड़ेगा, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
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Magh Mela 2026: हिंदुओं के लिए आखिर क्यों खास माना जाता है माघ मेला? जानें धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
- Friday January 9, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Prayagraj Magh Mela 2026 significance: तीर्थों का राजा कहे जाने वाले जिस प्रयागराज को कुंभ नगरी के नाम से जाना जाता है, वहां आखिर हर साल माघ महीने में आस्था का महाजुटान क्यों होता है? आखिर क्यों इस पावन नगरी में अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और देवी-देवताओं को मानने वाले लोग यहां खिंचे चले आते हैं? माघ मेले में पवित्र संगम तट पर पुण्य की डुबकी लगाने से लेकर पर्व के दान का महत्व जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
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दातुन बेचकर हर दिन 10 हजार की कमाई! माघ मेले में आई 2 महिलाओं का खुलासा
- Tuesday January 6, 2026
- Written by: संज्ञा सिंह
प्रयागराज के माघ मेले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गाजीपुर की रहने वाली दो बहनें दातुन बेचकर हर दिन करीब 10 हजार रुपये कमाने का दावा कर रही हैं.
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Kalpwas: 3 बार गंगा स्नान और त्रिकाल संध्या समेत 10 बड़े नियम, जिसे फॉलो किये बगैर अधूरा होता है कल्पवास
- Monday January 5, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Kalpavas Rules: हिंदू धर्म में प्रयाग की पावन धरती पर माघ महीने किए जाने वाले कल्पवास का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. पूरे एक मास तक संगम की रेती पर किए जाने वाले जप, तप और व्रत से जुड़े कल्पवास को लेकर धर्मशास्त्र में कुछेक नियम बताए गये हैं, जिसे फॉलो किए बगैर उसका पुण्यफल प्राप्त नहीं होता है.
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Magh Mela 2026: माघ मेला को क्यों कहते हैं मिनी कुंभ? जानें इसमें क्यों और कैसे किया जाता है कल्पवास?
- Sunday January 4, 2026
- NDTV
Kalpwas kya hai: प्रयागराज में मां गंगा, यमुना और सरस्वती के पावन संगम पर पौष पूर्णिमा से माघ मेला प्रारंभ हो गया है. कुंभ 2025 के बाद आस्था का यह मेला क्यों खास माना जा रहा है? माघ के महीने में संगम की रेती पर आखिर लोग क्यों करते हैं कल्पवास और क्या हैं इससे जुड़े नियम, जानने के लिए पढ़ें ये लेख.
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माघ मेला 2026 का शुभारंभ, कड़ाके की ठंड के बाद भी आस्था की डूबकी लगा रहे श्रद्धालु, व्यवस्था चाक-चौबंद
- Saturday January 3, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: प्रभांशु रंजन
मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 चौकियां, 20 फायर टेंडर, सात अग्निशमन चौकी 20 अग्निशमन के वॉच टावर,एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. 8 किमी डीप वाटर बैरिकेडिंग भी बनाई गई है.
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आंखों पर काला चश्मा, शरीर पर भस्म... माघ मेले में धूनी रमाए 'सेंट बाबा' क्यों हो रहे वायरल?
- Sunday January 11, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: प्रभांशु रंजन
माघ मेले में कई ऐसे अनोखे साधु–संत पहुंचे हैं जो अपनी वेशभूषा, तपस्या और अनूठे कामों से श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहे हैं. माघ मेले में धुनी रमाते बाबाओं का आकर्षक रूप देखने को मिल रहा है, जिसमें लंबे जटाधारी, भस्म रमे, नागा साधु, और अजब-गजब वेशभूषा शामिल है.
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माथे पर टीका, श्रीभगवद्गीता के श्लोक... जानें- कौन हैं माघ मेला में आए 6 साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज
- Saturday January 10, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir
संगम नगरी प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम में भगवान राम का बाल रूप धरकर लोगों को दर्शन देने वाले छह साल के बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज भी संगम की रेती पर आयोजित हो रहे माघ मेले में पहुंच गए हैं. उन्होंने कहा कि भारत देश विश्व गुरु बनेगा, सनातन का मान-सम्मान पूरे विश्व में बढ़ेगा. अपनी बातों को उन्होंने गीत के रूप में सुनाया है. बाल राम श्रीश बाहुबली महाराज को तमाम श्लोक भी कंठस्थ है.
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- Saturday January 10, 2026
- Edited by: मुकेश बौड़ाई
Magh Mela 2026: प्रयागराज में हर साल लगने वाला माघ मेला सनातन धर्म में बेहद पवित्र माना जाता है. इस साल 75 साल बाद बने खास संयोग के कारण इसे महामाघ मेला कहा जा रहा है. माघ महीने में संगम स्नान को बहुत पुण्यदायी माना जाता है, इसलिए लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं.
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Magh Mela 2026: मकर संक्रांति से लेकर महाशिवरात्रि तक, जानें माघ मेला स्नान की सारी तिथियां और धार्मिक महत्व
- Friday January 9, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Magh Mela 2026 Snan Dates: संगम की रेती पर लगने वाले जिस माघ मेले में जप, तप और व्रत करने से पाप से मुक्ति और पुण्य की प्राप्ति होती है. जहां नियम-संयम के साथ किया गया कल्पवास व्यक्ति को सभी सुखों को दिलाता हुआ मोक्ष (Salvation) प्रदान करता है, उस प्रयागराज में लगने वाले माघ मेले में कब कौन सा स्नान पर्व (Magh Mela Snan Parv 2026) पड़ेगा, जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
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Magh Mela 2026: हिंदुओं के लिए आखिर क्यों खास माना जाता है माघ मेला? जानें धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
- Friday January 9, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Prayagraj Magh Mela 2026 significance: तीर्थों का राजा कहे जाने वाले जिस प्रयागराज को कुंभ नगरी के नाम से जाना जाता है, वहां आखिर हर साल माघ महीने में आस्था का महाजुटान क्यों होता है? आखिर क्यों इस पावन नगरी में अलग-अलग भाषाओं, परंपराओं और देवी-देवताओं को मानने वाले लोग यहां खिंचे चले आते हैं? माघ मेले में पवित्र संगम तट पर पुण्य की डुबकी लगाने से लेकर पर्व के दान का महत्व जानने के लिए जरूर पढ़ें ये लेख.
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दातुन बेचकर हर दिन 10 हजार की कमाई! माघ मेले में आई 2 महिलाओं का खुलासा
- Tuesday January 6, 2026
- Written by: संज्ञा सिंह
प्रयागराज के माघ मेले से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गाजीपुर की रहने वाली दो बहनें दातुन बेचकर हर दिन करीब 10 हजार रुपये कमाने का दावा कर रही हैं.
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Kalpwas: 3 बार गंगा स्नान और त्रिकाल संध्या समेत 10 बड़े नियम, जिसे फॉलो किये बगैर अधूरा होता है कल्पवास
- Monday January 5, 2026
- Written by: मधुकर मिश्र
Kalpavas Rules: हिंदू धर्म में प्रयाग की पावन धरती पर माघ महीने किए जाने वाले कल्पवास का बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. पूरे एक मास तक संगम की रेती पर किए जाने वाले जप, तप और व्रत से जुड़े कल्पवास को लेकर धर्मशास्त्र में कुछेक नियम बताए गये हैं, जिसे फॉलो किए बगैर उसका पुण्यफल प्राप्त नहीं होता है.
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Magh Mela 2026: माघ मेला को क्यों कहते हैं मिनी कुंभ? जानें इसमें क्यों और कैसे किया जाता है कल्पवास?
- Sunday January 4, 2026
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माघ मेला 2026 का शुभारंभ, कड़ाके की ठंड के बाद भी आस्था की डूबकी लगा रहे श्रद्धालु, व्यवस्था चाक-चौबंद
- Saturday January 3, 2026
- Reported by: Deepak Gambhir, Edited by: प्रभांशु रंजन
मेला क्षेत्र में 17 थाने, 42 चौकियां, 20 फायर टेंडर, सात अग्निशमन चौकी 20 अग्निशमन के वॉच टावर,एक जल पुलिस थाना, एक जल पुलिस कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है. 8 किमी डीप वाटर बैरिकेडिंग भी बनाई गई है.
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