Oxford Vaccine
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एस्ट्राजेनेका ने माना कि कोविशील्ड से बढ़ता है टीटीएस का खतरा, क्या आपको चिंतित होना चाहिए?
- Wednesday May 1, 2024
- Edited by: अनिता शर्मा
यह उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि एस्ट्राजेनेका ने पहली बार अदालती दस्तावेजों में स्वीकार किया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में विकसित उसका टीका दुर्लभ और गंभीर ब्लड क्लॉट का खतरा पैदा कर सकता है.
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कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के साथ हर्ड इम्युनिटी संभव नहीं, विशेषज्ञों ने किया आगाह
- Wednesday August 11, 2021
- Reported by: भाषा
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया में औषधि के प्रोफेसर और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ पॉल हंटर ने भी इसका समर्थन किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हर्ड इम्युनिटी की अवधारणा हासिल नहीं की जा सकती क्योंकि हम जानते हैं कि यह संक्रमण टीका न लगवाने वाले लोगों में फैलेगा और ताजा आंकड़ें यह दिखाते हैं कि टीकों की दो खुराक संक्रमण के खिलाफ संभवत: केवल 50 फीसदी सुरक्षा देती हैं.’’
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Pfizer-BioNTech कोविड-19 टीके की दो खुराकों के बीच लंबे अंतर से एंटीबॉडी का स्तर बढ़ता है : अध्ययन
- Sunday July 25, 2021
- Reported by: भाषा
शेफील्ड विश्वविद्यालय में संक्रामक बीमारी विषय के वरिष्ठ चिकित्सा प्रवक्ता एवं प्रमुख अनुसंधान पत्र लेखक डॉ.तुषाण डी सिल्वा ने कहा, ‘‘हमारा अध्ययन सार्स-सीओवी-2 टीके के बाद एंटीबॉडी और टी सेल प्रतिक्रिया का आकलन करता है, खासतौर पर रक्षा हेतु हो रही विभिन्न प्रक्रिया, जो संभवत: वायरस के नए स्वरूप से रक्षा कर सकती है.’’
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ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने कोरोना के बीटा स्वरूप के लिए टीके का परीक्षण शुरू किया
- Tuesday June 29, 2021
- Reported by: भाषा
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऑक्सफोर्ड टीका समूह के मुख्य अनुसंधानकर्ता और निदेशक प्रोफेसर सर एंड्रयू जे पोलार्ड ने कहा कि मौजूदा टीकों और नए प्रकार के टीकों की ‘बूस्टर’ खुराक परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए अहम है कि हम कोरोना वायरस महामारी से आगे रहने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं.
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कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज के 6 माह बाद तीसरी खुराक करती है कमाल, एस्ट्राजेनेका के ट्रायल में दिखा असर
- Monday June 28, 2021
- Reported by: एएफपी
एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन की तीसरी खुराक का ऐसा ही ट्रायल किया गया. दूसरी खुराक के करीब 6 माह बाद यह शॉट दिया गया. इससे इम्यूनिटी (प्रतिरोधी क्षमता) में जबरदस्त प्रभाव देखा गया.
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ऑक्सफोर्ड और फाइजर का टीका भारत में मिले कोरोना के वेरिएंट के खिलाफ 80 फीसदी प्रभावी : स्टडी
- Sunday May 23, 2021
- Reported by: भाषा
ब्रिटिश सरकार के एक नए अध्ययन में सामने आया है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca Vaccine) या फाइजर (Pfizer Vaccine) के टीके की दो खुराक COVID-19 के बी1.617.2 स्वरूप की रोकथाम में 80 प्रतिशत प्रभावी है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का दो खुराक वाला टीका सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा कोविशील्ड (Covishield) के नाम से उत्पादित किया जा रहा है और भारत में इसे महामारी से बचाव के लिये वयस्कों को दिया जा रहा है.
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ब्रिटेन में 10 फीसदी वयस्क कोरोना वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं,वैज्ञानिक दूर करेंगे आशंकाएं
- Sunday May 16, 2021
- Reported by: भाषा
शोधकर्ताओं ने कहा है कि जो लोग टीका लगवाने में हिचकिचा रहे हैं, उन्होंने इस बारे में लंबे वक्त तक और बहुत अधिक सोचा है.
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ndtv.in
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श्रीलंका ने चीन से वैक्सीन की आपूर्ति टाली, मेड इन इंडिया वैक्सीन का करेगा इस्तेमाल
- Friday February 26, 2021
- Reported by: ANI
श्रीलंकाई कैबिनेट के प्रवक्ता डॉ. रमेश पथिराना ने कहा कि चीनी वैक्सीन सिनोफार्म के तीसरे चरण का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है.
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ऑक्सफोर्ड के टीकों की खुराकों के बीच तीन महीने का अंतर बेहतर प्रभाव पैदा करता है : अध्ययन
- Saturday February 20, 2021
- Reported by: भाषा
एक नए अध्ययन के अनुसार ऑक्सफोर्ड (Oxford) द्वारा विकसित कोविड-19 टीके (Oxford Covid Vaccine) की खुराकों के बीच अंतराल छह सप्ताह होने के बजाय तीन महीने होने से बेहतर प्रभाव पैदा होता है और इससे अधिक संख्या में लोगों को टीके लगाकर उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की जा सकती है.
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AstraZeneca की कोरोना वैक्सीन को कोवैक्स के तहत वैश्विक इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए WHO से मिली मंजूरी
- Monday February 15, 2021
- एनडीटीवी
AstraZeneca की वैक्सीन कोविशील्ड का बड़े पैमाने पर उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में हो रहा है. भारत से इसे कई देशों को भेजा भी जा रहा है.
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एस्ट्राजेनेका ने माना कि कोविशील्ड से बढ़ता है टीटीएस का खतरा, क्या आपको चिंतित होना चाहिए?
- Wednesday May 1, 2024
- Edited by: अनिता शर्मा
यह उन रिपोर्टों के बाद आया जिनमें कहा गया था कि एस्ट्राजेनेका ने पहली बार अदालती दस्तावेजों में स्वीकार किया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ साझेदारी में विकसित उसका टीका दुर्लभ और गंभीर ब्लड क्लॉट का खतरा पैदा कर सकता है.
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कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप के साथ हर्ड इम्युनिटी संभव नहीं, विशेषज्ञों ने किया आगाह
- Wednesday August 11, 2021
- Reported by: भाषा
यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंगलिया में औषधि के प्रोफेसर और संक्रामक रोगों के विशेषज्ञ पॉल हंटर ने भी इसका समर्थन किया है. उन्होंने कहा, ‘‘हर्ड इम्युनिटी की अवधारणा हासिल नहीं की जा सकती क्योंकि हम जानते हैं कि यह संक्रमण टीका न लगवाने वाले लोगों में फैलेगा और ताजा आंकड़ें यह दिखाते हैं कि टीकों की दो खुराक संक्रमण के खिलाफ संभवत: केवल 50 फीसदी सुरक्षा देती हैं.’’
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Pfizer-BioNTech कोविड-19 टीके की दो खुराकों के बीच लंबे अंतर से एंटीबॉडी का स्तर बढ़ता है : अध्ययन
- Sunday July 25, 2021
- Reported by: भाषा
शेफील्ड विश्वविद्यालय में संक्रामक बीमारी विषय के वरिष्ठ चिकित्सा प्रवक्ता एवं प्रमुख अनुसंधान पत्र लेखक डॉ.तुषाण डी सिल्वा ने कहा, ‘‘हमारा अध्ययन सार्स-सीओवी-2 टीके के बाद एंटीबॉडी और टी सेल प्रतिक्रिया का आकलन करता है, खासतौर पर रक्षा हेतु हो रही विभिन्न प्रक्रिया, जो संभवत: वायरस के नए स्वरूप से रक्षा कर सकती है.’’
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ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ने कोरोना के बीटा स्वरूप के लिए टीके का परीक्षण शुरू किया
- Tuesday June 29, 2021
- Reported by: भाषा
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ऑक्सफोर्ड टीका समूह के मुख्य अनुसंधानकर्ता और निदेशक प्रोफेसर सर एंड्रयू जे पोलार्ड ने कहा कि मौजूदा टीकों और नए प्रकार के टीकों की ‘बूस्टर’ खुराक परीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए अहम है कि हम कोरोना वायरस महामारी से आगे रहने के लिए अच्छी तरह से तैयार हैं.
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कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज के 6 माह बाद तीसरी खुराक करती है कमाल, एस्ट्राजेनेका के ट्रायल में दिखा असर
- Monday June 28, 2021
- Reported by: एएफपी
एस्ट्राजेनेका की कोविशील्ड वैक्सीन की तीसरी खुराक का ऐसा ही ट्रायल किया गया. दूसरी खुराक के करीब 6 माह बाद यह शॉट दिया गया. इससे इम्यूनिटी (प्रतिरोधी क्षमता) में जबरदस्त प्रभाव देखा गया.
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ऑक्सफोर्ड और फाइजर का टीका भारत में मिले कोरोना के वेरिएंट के खिलाफ 80 फीसदी प्रभावी : स्टडी
- Sunday May 23, 2021
- Reported by: भाषा
ब्रिटिश सरकार के एक नए अध्ययन में सामने आया है कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका (Oxford/AstraZeneca Vaccine) या फाइजर (Pfizer Vaccine) के टीके की दो खुराक COVID-19 के बी1.617.2 स्वरूप की रोकथाम में 80 प्रतिशत प्रभावी है. ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका का दो खुराक वाला टीका सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) द्वारा कोविशील्ड (Covishield) के नाम से उत्पादित किया जा रहा है और भारत में इसे महामारी से बचाव के लिये वयस्कों को दिया जा रहा है.
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ब्रिटेन में 10 फीसदी वयस्क कोरोना वैक्सीन लगवाने को तैयार नहीं,वैज्ञानिक दूर करेंगे आशंकाएं
- Sunday May 16, 2021
- Reported by: भाषा
शोधकर्ताओं ने कहा है कि जो लोग टीका लगवाने में हिचकिचा रहे हैं, उन्होंने इस बारे में लंबे वक्त तक और बहुत अधिक सोचा है.
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श्रीलंका ने चीन से वैक्सीन की आपूर्ति टाली, मेड इन इंडिया वैक्सीन का करेगा इस्तेमाल
- Friday February 26, 2021
- Reported by: ANI
श्रीलंकाई कैबिनेट के प्रवक्ता डॉ. रमेश पथिराना ने कहा कि चीनी वैक्सीन सिनोफार्म के तीसरे चरण का ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है.
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ऑक्सफोर्ड के टीकों की खुराकों के बीच तीन महीने का अंतर बेहतर प्रभाव पैदा करता है : अध्ययन
- Saturday February 20, 2021
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एक नए अध्ययन के अनुसार ऑक्सफोर्ड (Oxford) द्वारा विकसित कोविड-19 टीके (Oxford Covid Vaccine) की खुराकों के बीच अंतराल छह सप्ताह होने के बजाय तीन महीने होने से बेहतर प्रभाव पैदा होता है और इससे अधिक संख्या में लोगों को टीके लगाकर उन्हें तत्काल सुरक्षा प्रदान की जा सकती है.
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AstraZeneca की कोरोना वैक्सीन को कोवैक्स के तहत वैश्विक इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए WHO से मिली मंजूरी
- Monday February 15, 2021
- एनडीटीवी
AstraZeneca की वैक्सीन कोविशील्ड का बड़े पैमाने पर उत्पादन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में हो रहा है. भारत से इसे कई देशों को भेजा भी जा रहा है.
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