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Is Equal To

'Is Equal To' - 3 News Result(s)
  • सियासी खींचतान में फंसी संसद, विपक्ष संसद न चलने देने पर आमादा

    सियासी खींचतान में फंसी संसद, विपक्ष संसद न चलने देने पर आमादा

    मंगलवार को इज़ इक्वल टू की थ्योरी का प्रतिपादन करते वक्त मुझे भी अंदाज़ा नहीं था कि प्रतिपादन के अगले ही दिन इसका फैक्ट्री उत्पादन शुरू हो जाएगा। आज तो दिल्ली में जिस तरह से इज़ इक्वल टू हुआ है क्या बतायें।

  • मॉनसून सत्र शुरू होते ही गतिरोध, ये 'is equal to' क्या है?

    मॉनसून सत्र शुरू होते ही गतिरोध, ये 'is equal to' क्या है?

    हमारी राजनीति में इज़ इक्वल टू हो गया है। इज़ इक्वल टू वो अवस्था है जहां राजनीति की हर बहस बराबर हो जाती है। ऐसा तभी होता है जब किसी मुल्क या राज्य में दो दलों को बारी-बारी से राज करने का मौका मिलता है। ऐसा होने से दोनों पर लगने वाले आरोपों का इज़ इक्वल टू हो जाता है।

  • क्या आपने Is Equal To किया है?

    क्या आपने Is Equal To किया है?

    हमारी राजनीति में Is equal to हो गया है। यह एक ऐसी अवस्था है, जहां आकर सभी दलों की करतूत एक सी हो जाती है। इस अवस्था पर पहुंचते ही किसी दल के समर्थक अपने दल की करतूत को लेकर शर्मसार होना बंद कर देते हैं। Is equal to अवस्था फिर से उन्हें अपने दल को लेकर गौरवभाव से भर देती है।

'Is Equal To' - 3 News Result(s)
  • सियासी खींचतान में फंसी संसद, विपक्ष संसद न चलने देने पर आमादा

    सियासी खींचतान में फंसी संसद, विपक्ष संसद न चलने देने पर आमादा

    मंगलवार को इज़ इक्वल टू की थ्योरी का प्रतिपादन करते वक्त मुझे भी अंदाज़ा नहीं था कि प्रतिपादन के अगले ही दिन इसका फैक्ट्री उत्पादन शुरू हो जाएगा। आज तो दिल्ली में जिस तरह से इज़ इक्वल टू हुआ है क्या बतायें।

  • मॉनसून सत्र शुरू होते ही गतिरोध, ये 'is equal to' क्या है?

    मॉनसून सत्र शुरू होते ही गतिरोध, ये 'is equal to' क्या है?

    हमारी राजनीति में इज़ इक्वल टू हो गया है। इज़ इक्वल टू वो अवस्था है जहां राजनीति की हर बहस बराबर हो जाती है। ऐसा तभी होता है जब किसी मुल्क या राज्य में दो दलों को बारी-बारी से राज करने का मौका मिलता है। ऐसा होने से दोनों पर लगने वाले आरोपों का इज़ इक्वल टू हो जाता है।

  • क्या आपने Is Equal To किया है?

    क्या आपने Is Equal To किया है?

    हमारी राजनीति में Is equal to हो गया है। यह एक ऐसी अवस्था है, जहां आकर सभी दलों की करतूत एक सी हो जाती है। इस अवस्था पर पहुंचते ही किसी दल के समर्थक अपने दल की करतूत को लेकर शर्मसार होना बंद कर देते हैं। Is equal to अवस्था फिर से उन्हें अपने दल को लेकर गौरवभाव से भर देती है।