Delhi Sikh Riots Case
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सिख विरोधी दंगा: जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में सज्जन कुमार बरी, 3 सिखों की हत्या का केस था
- Thursday January 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा के मामलों में सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने 1984 के दंगों के मामले में एफआईआर दर्ज की थी.
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1984 सिख दंगा मामला : जगदीश टाइटलर को राहत नहीं, ट्रायल प्रोसेडिंग पर रोक लगाने से HC का इनकार
- Monday November 11, 2024
- Edited by: विजय शंकर पांडेय
Delhi Sikh Riots Case: इस मामले में अब कल जगदीश टाइटलर के मामले की सुनवाई हो सकती है. इससे बहुत ज्यादा उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं....
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जगदीश टाइटलर को दिल्ली कांग्रेस का आमंत्रित सदस्य बनाए जाने पर बीजेपी को ऐतराज़
- Friday October 29, 2021
- Reported by: अखिलेश शर्मा
भाटिया ने कहा कि टाइटलर 1984 के सिख दंगों के आरोपी हैं. बावजूद इसके सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली इकाई का स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया है. इससे देश में आक्रोश है. बीजेपी नेता ने आरोप लगाए कि कांग्रेस और गांधी परिवार ने सिख पीड़ितों का ज़ख़्म तो नही भर पाए लेकिन उस पर नमक छिडकने का काम किया है.
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सिख विरोधी दंगे: CBI के 'सिख वकीलों' की टीम में थी बाप-बेटी की जोड़ी, जिसने सज्जन कुमार को दिलवाई उम्रकैद
- Wednesday December 19, 2018
- Written by: सुनेत्रा चौधरी
वकील चीमा ने इसके अलावा सीबीआई के लिए कई और मामलों में केस लड़ा है. घोयला घोटाले में हाई प्रोफाइल आईएएस अधिकारी और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को सजा दिलाने वालों में भी वे शामिल थे. 1984 सिख विरोधी दंगों का केस लड़ने के लिए वे दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच सफर करते थे. हालही में कानून की डिग्री हासिल करने वाली उनकी बेटी तरन्नुम चीमा भी इस केस में अपने पिता की मदद कर रही थीं.
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1984 के सिख दंगों में नाम उछाले जाने पर MP के सीएम कमलनाथ ने कही यह बात...
- Monday December 17, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
दिल्ली में 1984 में सिख विरोधी दंगों (1984 Anti Sikh Riots) में अपना नाम उठाये जाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि उनके खिलाफ इस मामले में कोई केस, कोई चार्जशीट नहीं है और राजनीति के चलते लोग अब उनका नाम इसमें ले रहे हैं. सोमवार दोपहर को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ ने दिल्ली में 1984 में सिख विरोधी दंगों में उनके शामिल होने के भाजपा के आरोप पर कहा, 'मैंने आज शपथ ली है.
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1984, 2002, 1993 और 2013 के नरसंहारों पर चोट दे गया है दिल्ली हाईकोर्ट का फ़ैसला
- Wednesday December 19, 2018
- रवीश कुमार
2002 की बात को कमज़ोर करने के लिए 1984 की बात का ज़िक्र होता था अब 1984 की बात चली है तो अदालत ने 2013 तक के मुज़फ्फरनगर के दंगों तक का ज़िक्र कर दिया है. सबक यही है कि हम सब चीखें चिल्लाएं नहीं. फैसले को पढ़ें और प्रायश्चित करें.
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1984 दंगे: बेटी की दर्दनाक दास्तां- बचने को पिता नाले में कूद गए थे, पर भीड़ ने बाहर निकाल जिंदा जलाया, फिर भी नहीं मरे तो छिड़का फास्फोरस
- Monday December 17, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
207 पेज के फैसले में गवाहों के हवाले से लिखा गया है कि उस दिन सुबह क्या हुआ था. निरप्रीत के पिता निर्मल सिंह पर केरोसिन डाल दिया गया था. जब भीड़ को माचिस नहीं मिली तो एक पुलिसकर्मी चिल्लाया और उनमें से एक को माचिस दे दी और फिर उन्हें आग लगा दी गई. निर्मल सिंह इसके बाद नाले में कूद गए. भीड़ ने बाद में उन्हें एक खंभे से बांध दिया, जब देखा कि अभी वे जिंदा हैं तो उन्हें फिर आग के हवाले कर दिया. लेकिन निर्मल सिंह फिर नाले में कूद गए. सिंह की बेटी ने देखा कि इसके बाद भीड़ वापस आती है और उस पर रॉड से हमला कर देती है. इसके बाद भीड़ में किसी एक ने सिंह पर सफेद पाउडर (फास्फोरस) छिड़क दिया, जिससे उनका पूरा शरीर जल गया.
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1984 दंगों पर HC का फैसला: कोर्ट में रोए फुल्का समेत कई वकील, दोनों जजों ने जोड़े हाथ और कोर्टरूम से चले गए
- Monday December 17, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
सिख विरोधी दंगे के दिल्ली कैंट के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया. कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. सज्जन कुमार को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते.
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1984 सिख विरोधी दंगा मामला: दोषी करार दिए गए यशपाल सिंह को मौत की सजा, नरेश सेहरावत को उम्रकैद
- Tuesday November 20, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
1984 के दंगों के मामले में महिपालपुर में दो सिख युवकों को मारने के अपराध में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मुजरिम यशपाल सिंह को मौत की सज़ा सुनाई है, वहीं दूसरे आरोपी नरेश सहरावत को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.
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CBI ने कहा- 1984 के सिख विरोधी दंगों में पुलिस की भूमिका में खामी, नेता को लाभ पहुंचाने की कोशिश
- Wednesday October 17, 2018
- भाषा
सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों (1984 Anti Sikh Riots) के मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) की कथित भूमिका की जांच में ‘‘खामी’’ थी क्योंकि इसमें नेता को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई.
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सिख विरोधी दंगा: जनकपुरी विकासपुरी हिंसा मामले में सज्जन कुमार बरी, 3 सिखों की हत्या का केस था
- Thursday January 22, 2026
- Reported by: आशीष भार्गव, Edited by: अमरीश कुमार त्रिवेदी
सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी और विकासपुरी हिंसा के मामलों में सज्जन कुमार को बरी कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस ने 1984 के दंगों के मामले में एफआईआर दर्ज की थी.
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1984 सिख दंगा मामला : जगदीश टाइटलर को राहत नहीं, ट्रायल प्रोसेडिंग पर रोक लगाने से HC का इनकार
- Monday November 11, 2024
- Edited by: विजय शंकर पांडेय
Delhi Sikh Riots Case: इस मामले में अब कल जगदीश टाइटलर के मामले की सुनवाई हो सकती है. इससे बहुत ज्यादा उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं....
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जगदीश टाइटलर को दिल्ली कांग्रेस का आमंत्रित सदस्य बनाए जाने पर बीजेपी को ऐतराज़
- Friday October 29, 2021
- Reported by: अखिलेश शर्मा
भाटिया ने कहा कि टाइटलर 1984 के सिख दंगों के आरोपी हैं. बावजूद इसके सोनिया गांधी ने उन्हें दिल्ली इकाई का स्थायी आमंत्रित सदस्य बनाया है. इससे देश में आक्रोश है. बीजेपी नेता ने आरोप लगाए कि कांग्रेस और गांधी परिवार ने सिख पीड़ितों का ज़ख़्म तो नही भर पाए लेकिन उस पर नमक छिडकने का काम किया है.
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सिख विरोधी दंगे: CBI के 'सिख वकीलों' की टीम में थी बाप-बेटी की जोड़ी, जिसने सज्जन कुमार को दिलवाई उम्रकैद
- Wednesday December 19, 2018
- Written by: सुनेत्रा चौधरी
वकील चीमा ने इसके अलावा सीबीआई के लिए कई और मामलों में केस लड़ा है. घोयला घोटाले में हाई प्रोफाइल आईएएस अधिकारी और पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता को सजा दिलाने वालों में भी वे शामिल थे. 1984 सिख विरोधी दंगों का केस लड़ने के लिए वे दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच सफर करते थे. हालही में कानून की डिग्री हासिल करने वाली उनकी बेटी तरन्नुम चीमा भी इस केस में अपने पिता की मदद कर रही थीं.
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1984 के सिख दंगों में नाम उछाले जाने पर MP के सीएम कमलनाथ ने कही यह बात...
- Monday December 17, 2018
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दिल्ली में 1984 में सिख विरोधी दंगों (1984 Anti Sikh Riots) में अपना नाम उठाये जाने पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि उनके खिलाफ इस मामले में कोई केस, कोई चार्जशीट नहीं है और राजनीति के चलते लोग अब उनका नाम इसमें ले रहे हैं. सोमवार दोपहर को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कमलनाथ ने दिल्ली में 1984 में सिख विरोधी दंगों में उनके शामिल होने के भाजपा के आरोप पर कहा, 'मैंने आज शपथ ली है.
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1984, 2002, 1993 और 2013 के नरसंहारों पर चोट दे गया है दिल्ली हाईकोर्ट का फ़ैसला
- Wednesday December 19, 2018
- रवीश कुमार
2002 की बात को कमज़ोर करने के लिए 1984 की बात का ज़िक्र होता था अब 1984 की बात चली है तो अदालत ने 2013 तक के मुज़फ्फरनगर के दंगों तक का ज़िक्र कर दिया है. सबक यही है कि हम सब चीखें चिल्लाएं नहीं. फैसले को पढ़ें और प्रायश्चित करें.
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1984 दंगे: बेटी की दर्दनाक दास्तां- बचने को पिता नाले में कूद गए थे, पर भीड़ ने बाहर निकाल जिंदा जलाया, फिर भी नहीं मरे तो छिड़का फास्फोरस
- Monday December 17, 2018
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207 पेज के फैसले में गवाहों के हवाले से लिखा गया है कि उस दिन सुबह क्या हुआ था. निरप्रीत के पिता निर्मल सिंह पर केरोसिन डाल दिया गया था. जब भीड़ को माचिस नहीं मिली तो एक पुलिसकर्मी चिल्लाया और उनमें से एक को माचिस दे दी और फिर उन्हें आग लगा दी गई. निर्मल सिंह इसके बाद नाले में कूद गए. भीड़ ने बाद में उन्हें एक खंभे से बांध दिया, जब देखा कि अभी वे जिंदा हैं तो उन्हें फिर आग के हवाले कर दिया. लेकिन निर्मल सिंह फिर नाले में कूद गए. सिंह की बेटी ने देखा कि इसके बाद भीड़ वापस आती है और उस पर रॉड से हमला कर देती है. इसके बाद भीड़ में किसी एक ने सिंह पर सफेद पाउडर (फास्फोरस) छिड़क दिया, जिससे उनका पूरा शरीर जल गया.
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1984 दंगों पर HC का फैसला: कोर्ट में रोए फुल्का समेत कई वकील, दोनों जजों ने जोड़े हाथ और कोर्टरूम से चले गए
- Monday December 17, 2018
- ख़बर न्यूज़ डेस्क
सिख विरोधी दंगे के दिल्ली कैंट के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट की डबल बेंच ने निचली अदालत का फैसला पलट दिया. कोर्ट ने कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. निचली अदालत ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया था. सज्जन कुमार को हत्या, साजिश, दंगा भड़काने और भड़काऊ भाषण देने का दोषी पाया गया. कुमार को 31 दिसंबर तक सरेंडर करना होगा और तब तक वह दिल्ली नहीं छोड़ सकते.
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1984 सिख विरोधी दंगा मामला: दोषी करार दिए गए यशपाल सिंह को मौत की सजा, नरेश सेहरावत को उम्रकैद
- Tuesday November 20, 2018
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1984 के दंगों के मामले में महिपालपुर में दो सिख युवकों को मारने के अपराध में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मुजरिम यशपाल सिंह को मौत की सज़ा सुनाई है, वहीं दूसरे आरोपी नरेश सहरावत को उम्रक़ैद की सज़ा सुनाई है.
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CBI ने कहा- 1984 के सिख विरोधी दंगों में पुलिस की भूमिका में खामी, नेता को लाभ पहुंचाने की कोशिश
- Wednesday October 17, 2018
- भाषा
सीबीआई ने मंगलवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में कहा कि 1984 के सिख विरोधी दंगों (1984 Anti Sikh Riots) के मामले में कांग्रेस नेता सज्जन कुमार (Sajjan Kumar) की कथित भूमिका की जांच में ‘‘खामी’’ थी क्योंकि इसमें नेता को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई.
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