विमेंस टेनिस एसोसिएशन (WTA) ने महिला खिलाड़ियों के लिए SRY जीन टेस्टिंग पॉलिसी शुरू करने का फैसला किया है, जिसके बाद से खेल जगत से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं. जहां कुछ लोगों ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे मुकाबले को ज्यादा निष्पक्ष बनाने के लिए जरूरी बताया, वहीं दूसरों ने इसे 'भेदभावपूर्ण और अनावश्यक' बताते हुए टेनिस संस्था से इस पर फिर से विचार करने को कहा. WTA ने पिछले महीने ही यह नई पॉलिसी घोषित की थी, जिसके तहत महिला खिलाड़ियों को SRY जीन के लिए एक बार जेनेटिक स्क्रीनिंग करवानी होगी.
टूर्नामेंट से पहले टेस्ट पास करना जरूरी
यह टेस्ट टेनिस संस्था को यह समझने में साफ तौर पर मदद करेगा कि खिलाड़ी का बायोलॉजिकल सेक्स क्या है. यह टेस्ट गाल के स्वैब या खून के सैंपल से किया जा सकता है. खबरों के अनुसार, WTA टूर्नामेंट में खेलने के लिए खिलाड़ी का यह टेस्ट पास करना जरूरी होगा.
फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह
हालांकि, स्पोर्ट एंड राइट्स अलायंस ने WTA से इस फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया है. स्पोर्ट एंड राइट्स अलायंस की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एंड्रिया फ्लोरेंस ने दावा किया है कि इस तरह के कदम से खिलाड़ियों को नुकसान हो सकता है. फ्लोरेंस ने कहा, 'WTA भले ही यह दावा करे कि उसका मकसद नुकसान पहुंचाना नहीं है, लेकिन अच्छी नीयत से उस कलंक और सदमे को कभी मिटाया नहीं जा सकेगा जो महिलाओं और लड़कियों को सेक्स टेस्टिंग की वजह से झेलना पड़ेगा.'
बायोलॉजिकल पुरुष के खिलाफ मुकाबले को बताया गलत
इससे पहले, वर्ल्ड नंबर 1 आर्यना सबालेंका ने WTA के फ़ैसले का समर्थन किया था. सबालेंका ने कैनेडियन ओपन में कहा, 'मुझे लगता है कि हमारे टूर में निष्पक्षता बनाए रखना बहुत जरूरी है. ज़ाहिर है, बायोलॉजिकली पुरुष महिलाओं से कहीं ज्यादा मजबूत होते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि किसी महिला का बायोलॉजिकल पुरुष के खिलाफ मुकाबला करना सही नहीं होगा.'
उन्होंने आगे कहा, 'मेरा मानना है कि उन्हें यह फैसला लेने में थोड़ा समय लगा और हां, मैं इसका समर्थन करती हूं. लेकिन मेरे लिए, मैं खुद पर और अपने लक्ष्यों पर ध्यान दे रही हूं, चाहे जो भी करना पड़े. अगर वे हम सबका टेस्ट करना चाहते हैं, तो मुझे ऐसा करने में खुशी होगी; यह काफ़ी निष्पक्ष है, और इसे ऐसा ही रहने दिया जाए.'
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