Deepinder Goyal ने अपने नए हेल्थ वियरेबल ‘Temple wearable' के प्री-ऑर्डर शुरू कर दिए हैं. उन्होंने बताया कि इस डिवाइस के पहले 100 यूनिट्स पूरी तरह तैयार हैं और जल्द ही चुने गए यूजर्स को भेजे जाएंगे. यह डिवाइस अभी टेस्टिंग और रिसर्च के दौर में है, लेकिन अब इसे शुरुआती यूजर्स यानी फाउंडिंग यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि उनके फीडबैक से इसे और बेहतर बनाया जा सके.

क्या है Temple और क्यों है खास?
Temple एक नया हेल्थ वियरेबल डिवाइस है, जिसे Continue Research नाम की कंपनी बना रही है. Deepinder Goyal ने इस प्रोजेक्ट में करीब 25 मिलियन डॉलर का निवेश किया है. यह डिवाइस खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया जा रहा है जो अपनी फिजिकल और मेंटल हेल्थ को गंभीरता से लेते हैं, जैसे एथलीट, डॉक्टर, वैज्ञानिक और क्रिएटर्स.
Temple की सबसे खास बात यह है कि यह ऐसे हेल्थ मेट्रिक्स को मापने का दावा करता है, जिन्हें अभी तक कोई दूसरा वियरेबल ट्रैक नहीं करता. खासकर यह 'ब्रेन ब्लड फ्लो' यानी दिमाग में खून के बहाव को रियल-टाइम में मापने की कोशिश करता है, जो हेल्थ और एजिंग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है.
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Temple कैसे काम करता है?
Deepinder Goyal के अनुसार, ब्रेन फ्लो को उम्र बढ़ने, दिमाग की क्षमता और लंबी उम्र से जोड़ा जाता है. Temple इस डेटा को ट्रैक करके यह समझने में मदद कर सकता है कि शरीर और दिमाग में समय के साथ क्या बदलाव हो रहे हैं. हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कुछ एक्सपर्ट्स ने इस डिवाइस के दावों पर सवाल उठाए हैं और इसे अभी पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं माना है. यानी यह अभी एक एक्सपेरिमेंटल स्टेज में है.
प्री-ऑर्डर कैसे करें?
अगर आप Temple डिवाइस खरीदना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर प्री-ऑर्डर करना होगा. इसमें आपको अपनी बेसिक जानकारी, सोशल मीडिया डिटेल्स और यह बताना होगा कि आप इस डिवाइस से क्या उम्मीद रखते हैं.
Goyal के अनुसार, उनकी टीम उन लोगों को चुनेगी जो इस प्रोडक्ट के लिए सबसे अच्छा और जरूरी फीडबैक दे सकते हैं. खास बात यह है कि चुने गए यूजर्स को भविष्य में इस प्रोजेक्ट में निवेश करने का मौका भी मिल सकता है.
Temple पहले भी चर्चा में आ चुका है, खासकर तब जब Deepinder Goyal ने इस प्रोजेक्ट के लिए इंजीनियर्स की भर्ती करते समय कुछ खास फिटनेस क्राइटेरिया तय किए थे. इसके अलावा, कुछ वैज्ञानिकों ने इसके दावों पर सवाल उठाए हैं, जिससे यह प्रोजेक्ट और ज्यादा चर्चा में आ गया है.
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