भारत के टेलीकॉम रेगुलेटर TRAI (भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण) और Truecaller के बीच एक बड़े नियम को लेकर ठन गई है. TRAI ने साफ तौर पर कहा है कि कोई भी ऐप बैंक, वित्तीय संस्थानों और सरकारी विभागों से आने वाले 1600 और 140 सीरीज के कॉल्स को अपनी मर्जी से स्पैम (Spam) या ब्लॉक कैटेगरी में नहीं डाल सकता. इतना ही नहीं, ट्राई अब इन कॉल मैनेजमेंट ऐप्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार से कानूनी अधिकार भी मांग रहा है.
क्या हैं 1600 और 140 सीरीज वाले नंबर्स?
TRAI ने समझाया कि 1600 नंबर सीरीज को विशेष रूप से जरूरी सर्विस और ट्रांजैक्शन से जुड़े कॉल्स के लिए रिजर्व रखा गया है. इस सीरीज का इस्तेमाल सिर्फ आरबीआई (RBI), सेबी (SEBI), आईआरडीएआई (IRDAI) और पीएफआरडीए (PFRDA) द्वारा रेगुलेटेड बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां ही अपने मौजूदा ग्राहकों से संपर्क करने के लिए कर सकती हैं. सरकारी विभाग भी नागरिकों से बात करने के लिए इसका उपयोग करते हैं. वहीं, 140 नंबर सीरीज का इस्तेमाल कंपनियों द्वारा प्रमोशनल या विज्ञापनों वाले कॉल्स के लिए किया जाता है.
Truecaller जैसी कंपनियों पर क्यों भड़का TRAI?
ट्राई का कहना है कि इन खास सीरीज को लाने का मकसद ही यह था कि लोग असली और नकली कॉल्स में फर्क समझ सकें और उनका भरोसा बढ़े. टेलीकॉम कमर्शियल कम्युनिकेशंस कस्टमर प्रिफरेंस रेगुलेशन (TCCCPR) के तहत, किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर या थर्ड-पार्टी ऐप को 1600 सीरीज के नंबर्स को स्पैम टैग करने या फिल्टर करने की इजाजत नहीं है. अगर कोई यूजर प्रमोशनल कॉल नहीं चाहता, तो वह खुद डू नॉट डिस्टर्ब (DND) सिस्टम का इस्तेमाल कर सकता है, इसमें ऐप्स को दखल नहीं देना चाहिए.
कुत्ता खो जाने पर खुद सीटी बजाकर बुलाएगी यह गाड़ी! डॉग लवर्स के लिए आ गई दुनिया की सबसे अनोखी कार
Truecaller के सीईओ ने खोला मोर्चा
इस विवाद पर Truecaller के सीईओ ऋषित झुनझुनवाला ने ट्राई के ड्राफ्ट नियमों का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने कहा कि अगर ऐप्स को ब्लॉक करने से रोका गया, तो इससे यूजर्स की सुरक्षा और पारदर्शिता खतरे में पड़ जाएगी. झुनझुनवाला के मुताबिक, पिछले कुछ समय में 140 और 1600 सीरीज से आने वाले स्पैम कॉल्स की संख्या में भारी उछाल आया है. देश में रोज़ाना इन दोनों सीरीज से करीब 5.1 करोड़ (51 मिलियन) से ज्यादा ऐसे कॉल्स किए जाते हैं जिन्हें लोग उठाते तक नहीं हैं.
Truecaller के डेटा के अनुसार, पिछले आठ महीनों में उनके यूजर्स ने 140 सीरीज के 81 प्रतिशत और 1600 सीरीज के 79 प्रतिशत कॉल्स को इग्नोर किया है क्योंकि लोगों का इन नंबर्स से भरोसा उठ चुका है. यूजर्स हर दिन मैन्युअली 140 सीरीज के 4 लाख और 1600 सीरीज के 1.25 लाख कॉल्स को ब्लॉक कर रहे हैं.
Monsoon 2026: डूबती सड़कों पर बाइक और कार बचाने के 8 Tips, हर ड्राइवर जरूर जान ले
Truecaller सीईओ ने अपनी कंपनी का बचाव करते हुए कहा कि वे इन नंबर्स को सीधे स्पैम नहीं लिखते, बल्कि सिर्फ 'फ्रीक्वेंटली ब्लॉक्ड' (ज्यादा ब्लॉक किए जाने वाला) का बैज देते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को उन लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए जो नियमों का गलत फायदा उठा रहे हैं, न कि ट्रूकॉलर जैसे मददगार ऐप्स पर सेंसरशिप लगानी चाहिए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं