भारत में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही UPI Autopay का उपयोग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. आज लाखों लोग Netflix, Amazon Prime, म्यूजिक ऐप्स, मोबाइल सेवाओं और अन्य डिजिटल सब्सक्रिप्शन के लिए UPI Autopay का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कई बार लोग किसी सेवा का उपयोग बंद कर देते हैं, लेकिन उनका ऑटो-डेबिट चालू रहता है, जिससे हर महीने उनके खाते से पैसे कटते रहते हैं.
इस समस्या को दूर करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानी (National Payments Corporation of India) ने एक यूनिफाइड प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसकी मदद से ग्राहक अपने UPI Autopay सब्सक्रिप्शन को आसानी से देख और रद्द कर सकते हैं. शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक यह प्लेटफॉर्म हर महीने लगभग 10 लाख ऑटोपे कैंसिलेशन प्रोसेस कर रहा है. यानी रोजाना करीब 30,000 लोग अपने पुराने या अनचाहे सब्सक्रिप्शन बंद कर रहे हैं.

UPI Autopay क्या है और क्यों बढ़ रही है इसकी पॉपुलैरिटी?
UPI Autopay एक ऐसी सुविधा है जिसके जरिए किसी सेवा की फीस या मेंमबरशिप शुल्क हर महीने अपने आप खाते से कट जाता है. इससे ग्राहकों को बार-बार भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती.
पिछले तीन-चार सालों में भारत में UPI Autopay का उपयोग काफी तेजी से बढ़ा है. आज देश में होने वाले दो-तिहाई से अधिक आवर्ती भुगतान (Recurring Payments) UPI के जरिए किए जा रहे हैं. इसमें 10 रुपये वाली छोटी डिजिटल सदस्यता से लेकर Netflix और Amazon Prime जैसी महंगी OTT सेवाएं भी शामिल हैं.
इस सुविधा ने भुगतान को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ एक नई समस्या भी सामने आई है. कई बार लोग किसी सेवा का इस्तेमाल बंद कर देते हैं, लेकिन उसका Autopay चालू रह जाता है और पैसे लगातार कटते रहते हैं.

भूले हुए सब्सक्रिप्शन बन रहे हैं जेब पर बोझ
हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर ऐसे कई मामले सामने आए, जहां लोग उन सेवाओं के लिए भुगतान कर रहे थे जिनका वे महीनों से उपयोग नहीं कर रहे थे. NPCI ने 30 अप्रैल को UPI कंपनियों के साथ हुई बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा की. बैठक में यह बात सामने आई कि लाखों ग्राहक पुराने और अनचाहे सब्सक्रिप्शन के कारण हर महीने अतिरिक्त पैसा गंवा रहे हैं.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अधिकांश लोग यह भी नहीं जानते कि उनके नाम पर कितने Autopay सक्रिय हैं. यही कारण है कि समय पर उन्हें बंद नहीं किया जा पाता.
उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति ने PhonePe पर कोई Autopay शुरू किया है, तो वह उसे Google Pay या Paytm पर आसानी से नहीं देख सकता. इस वजह से कई बार उपयोगकर्ता यह भूल जाते हैं कि उन्होंने किस ऐप के जरिए सदस्यता शुरू की थी. नतीजतन भुगतान लगातार कटता रहता है और ग्राहक को पता भी नहीं चलता.
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NPCI का समाधान क्या है?
NPCI ने इस समस्या का समाधान निकालने के लिए 'UPI Help' प्लेटफॉर्म शुरू किया है. अक्टूबर में लॉन्च किए गए इस प्लेटफॉर्म को सभी UPI ऐप्स से जोड़ा गया है. इस प्लेटफॉर्म की मदद से ग्राहक अपने सभी Autopay आदेशों को देख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें Pause या Cancel भी कर सकते हैं.
NPCI के स्वामित्व वाले BHIM ऐप में UPI Help का ऑप्शन होमपेज पर दिया गया है. यहां से उपयोगकर्ता सीधे अपने सभी ऑटोपे सब्सक्रिप्शन देख सकते हैं. हालांकि अधिकांश अन्य UPI ऐप्स में यह सुविधा अभी भी सेटिंग्स या प्रोफाइल सेक्शन के अंदर छिपी हुई है, जिससे आम उपयोगकर्ताओं को इसे ढूंढ़ने में कठिनाई होती है.
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