WhatsApp Hacking Update: दुनियाभर में 2 अरब से ज्यादा लोग व्हाट्सएप (WhatsApp) का इस्तेमाल करते हैं. यानी आज के समय में व्हाट्सएप केवल बातचीत का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह हमारे कामकाज, फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और जरूरी दस्तावेजों को शेयर करने का मुख्य जरिया बन चुका है. जिसके चलते यह साइबर अपराधियों के निशाने पर आ गया है.
दरअसल, साइबर अपराधी (Cyber criminals) अब व्हाट्सएप यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं. हाल ही में शिवसेना नेता शाइना एनसी और भाजपा सांसद संबित पात्रा के व्हाट्सएप अकाउंट हैक होने की खबरें सामने आईं, जहां जालसाजों ने इस दौरान शाइना एनसी के दोस्तों और करीबियों से 49,000 रुपये की मांग की. वहीं, भाजपा नेता व सांसद संबित पात्रा का व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर 55,000 रुपये की सहायता मांगी थी.
जानें-हैकिंग पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हैकर्स व्हाट्सएप के कड़े एन्क्रिप्शन को नहीं तोड़ते, बल्कि वे फिशिंग लिंक्स, फर्जी कस्टमर सपोर्ट कॉल्स, सिम स्वैप फ्रॉड या यूजर को झांसा देकर वेरिफिकेशन कोड हासिल कर लेते हैं. इसके अलावा, व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर का फायदा उठाकर भी स्कैमर्स किसी परिचित के नाम से फर्जी प्रोफाइल बना रहे हैं. ऐसे में अगर आप अपने व्हाट्सएप को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो तुरंत इन 4 सुरक्षा फीचर्स को एक्टिवेट कर लें.
पासकी का तुरंत करें इनेबल
पासकी आपके व्हाट्सएप अकाउंट को सुरक्षित करने का सबसे आधुनिक और सुरक्षित तरीका है. इसमें एसएमएस (SMS) के जरिए आने वाले पारंपरिक वेरिफिकेशन कोड की जरूरत नहीं होती. यह फीचर आपके फोन के ऑथेंटिकेशन सिस्टम जैसे कि फेस आईडी, टच आईडी या फिंगरप्रिंट का उपयोग करता है. चूंकि पासकी सीधे आपके फिजिकल डिवाइस से जुड़ी होती है, इसलिए इसे दूर बैठा कोई हैकर चोरी नहीं कर सकता. अगर कोई आपको बातों में फंसाकर आपकी जानकारी ले भी ले, तो भी वह आपके डिवाइस के बिना अकाउंट में लॉगिन नहीं कर पाएगा.
रिकवरी ईमेल एड्रेस जोड़ें और वेरीफाई करें
व्हाट्सएप ने अब यूजर्स को एक ईमेल एड्रेस जोड़ने और उसे वेरीफाई करने की सुविधा दी है, जो अकाउंट रिकवरी में बेहद मददगार साबित होती है. यह फीचर तब सबसे ज्यादा काम आता है, जब आपका सिम कार्ड खो जाता है, आप फोन नंबर बदलते हैं, या विदेश यात्रा के दौरान आपको एसएमएस कोड नहीं मिल पाते हैं. ध्यान रखें कि आप जो रिकवरी ईमेल जोड़ रहे हैं, उसका पासवर्ड भी मजबूत होना चाहिए और उस ईमेल अकाउंट पर भी टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन ऑन होना चाहिए.
टू स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें
टू स्टेप वेरिफिकेशन आपके अकाउंट में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है. इसे ऑन करने पर जब भी आप किसी नए डिवाइस पर अपना व्हाट्सएप रजिस्टर करेंगे, तो आपसे 6 डिजिट का पिन (PIN) मांगा जाएगा. अगर हैकर किसी तरह आपका एसएमएस वेरिफिकेशन कोड हासिल कर भी लेता है, तो भी वह इस गुप्त पिन के बिना आपका अकाउंट ओपन नहीं कर पाएगा. पिन चुनते समय डेट ऑफ बर्थ, लगातार नंबर जैसे 111111 या आसान कॉम्बिनेशन जैसे 123456 रखने से बचें.
ऐप को फेस आईडी या फिंगरप्रिंट से लॉक करें
व्हाट्सएप की सुरक्षा केवल लॉगइन करने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि फोन अनलॉक होने की स्थिति में भी ऐप सुरक्षित रहना चाहिए. यदि आप आईफोन (iPhone) यूजर हैं, तो फेस आईडी और यदि एंड्रॉइड यूजर हैं, तो फिंगरप्रिंट लॉक को व्हाट्सएप की सेटिंग्स में जाकर ऑन कर दें. इससे फायदा यह होगा कि यदि आपका फोन कभी किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में चला भी जाता है, तो भी वह आपकी बायोमेट्रिक अनुमति के बिना आपकी निजी चैट, तस्वीरें और दस्तावेज नहीं देख सकेगा.
क्यों जरूरी हैं ये फीचर्स?
दरअसल, मेटा ने आधिकारिक तौर पर आगाह किया है कि स्कैमर्स यूजर्स को QR Code स्कैन करने या अकाउंट लिंकिंग कोड शेयर करने के लिए बरगला रहे हैं, ताकि वे आपके व्हाट्सएप अकाउंट को अपने कंप्यूटर या दूसरे डिवाइस से लिंक कर सकें. एक बार लिंक होने के बाद, हमलावर आपकी बातचीत को चुपके से पढ़ सकते हैं और आपकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं.
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ठगी से बचा सकती है विशेषज्ञों की ये सलाह
यदि आपके किसी दोस्त या रिश्तेदार के व्हाट्सएप अकाउंट से अचानक पैसों की मांग की जाती है, तो तुरंत पैसे भेजने के बजाय सबसे पहले उन्हें एक नॉर्मल फोन कॉल करें या किसी दूसरे प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क करके पुष्टि करें. यह एक छोटा सा कदम आपको और आपके करीबियों को बड़े फ्रॉड से बचा सकता है.
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