सोशल मीडिया पर इस वीकेंड में एक कहानी तेजी से वायरल हुई. इसमें दावा किया गया कि मार्क जकरबर्ग की सुपरयॉट ने अलास्का में मदद के लिए आई कॉल को नजरअंदाज कर दिया. जबकि आम पर्यटकों से भरे एक छोटे क्रूज शिप ने आगे बढ़कर मदद की. इस घटना के बाद क्रूज शिप पर सवार यात्रियों ने जुकरबर्ग की Yacht के खिलाफ हूटिंग भी की. हालांकि, समुद्री रिकॉर्ड इस पूरी घटना की कुछ अलग तस्वीर पेश करते हैं. असल विवाद इसी बात को लेकर है कि कोस्ट गार्ड ने इसे आपात स्थिति माना ही नहीं था और आसपास मौजूद जहाजों से मदद की अपील की थी.
Coast Guard ने क्या रिकॉर्ड किया?
एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार 3 अगस्त की शाम Juneau और Petersburg के बीच पानी में एक 21 फुट की छोटी नाव का ईंधन खत्म हो गया. यात्रियों के मुताबिक, नाव में दो महिलाएं, एक बच्चा और एक कुत्ता सवार था. नाव में मौजूद लोगों ने करीब रात 9:30 बजे US कोस्ट गार्ड से संपर्क किया.
कोस्ट गार्ड ने स्थिति का आकलन किया और इसे आपात स्थिति नहीं माना. रात 9:56 बजे कोस्ट गार्ड ने Marine Assistance Request Broadcast जारी किया. इसका मतलब आसपास मौजूद जहाजों से स्वेच्छा से मदद करने की अपील करना था. ये डिस्ट्रेस अलर्ट से अलग होता है. Distress Alert ऐसी स्थिति में जारी किया जाता है जहां किसी की जान को गंभीर खतरा हो.
UnCruise Adventures का 87 यात्रियों वाला Expedition Ship Wilderness Legacy मदद के लिए आगे आया. जहाज ने छोटी नाव को ईंधन दिया, उसे खींचकर सुरक्षित Farragut Bay तक पहुंचाया और रात के लिए सुरक्षित जगह पर एंकर करने में मदद की. इस पूरी घटना में सभी लोग सुरक्षित रहे.
क्या मदद नहीं करना कानून का उल्लंघन था?
अमेरिकी समुद्री कानून के तहत किसी जहाज के कप्तान को समुद्र में ऐसे व्यक्ति की मदद करनी होती है जिसके खो जाने या जान को खतरा होने की स्थिति हो, बशर्ते मदद करने से उसके अपने जहाज को गंभीर खतरा न हो. International Maritime Conventions में भी इसी तरह की जिम्मेदारी है. लेकिन इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात है कि स्थिति Distress की होनी चाहिए.
इस मामले में Coast Guard ने घटना को नॉन-इमरजेंसी माना था. इसलिए जहाजों के लिए कानूनी तौर पर मदद करना अनिवार्य नहीं था. Marine Assistance Request Broadcast केवल मदद की अपील होती है, आदेश नहीं. इसलिए इसे सुनने वाले किसी जहाज के लिए अपना रास्ता बदलकर मदद करना कानूनी रूप से जरूरी नहीं था.
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लॉन्चपैड के क्रू पर इंटरनेशनल समझौताका उल्लंघन करने का आरोप लगाया. लेकिन उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ये आरोप सही साबित नहीं होता है. हालांकि, एक अलग सवाल जरूर उठता है. समुद्र में एक-दूसरे की मदद करना लंबे समय से नाविकों की परंपरा रही है. लोगों की उम्मीद भी यही रहती है कि इतनी बड़ी और करीब मौजूद Yacht जरूरत पड़ने पर सबसे पहले मदद के लिए आगे आए.
ट्रैकिंग डेटा से मिली ये जानकारी
Alaska Beacon द्वारा देखे गए Vessel Tracking Data के मुताबिक, लॉन्चपैड Farragut Bay के बाहर धीमी होकर रुक गई थी. इसी दौरान Wilderness Legacy छोटी नाव के पास पहुंचा, वहां रुका और उसे खींचकर सुरक्षित जगह पर ले गया. इससे इतना जरूर पता चलता है कि दोनों जहाज एक-दूसरे के करीब थे. लेकिन ट्रैकिंग डेटा से ये पता नहीं चलता कि लॉन्चपैड के ब्रिज पर क्या हो रहा था.
AIS Data ये नहीं बता सकता कि क्रू किस रेडियो चैनल को मॉनिटर कर रहा था, किसी ने कोस्ट गार्ड का ब्रॉडकास्ट सुना था या नहीं और जहाज धीमा क्यों हुआ था. सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे ट्रैकिंग स्क्रीनशॉट्स इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे. लेकिन अकेले Tracking Data से इन सवालों का जवाब नहीं मिलता.
जुकरबर्ग की तरफ से क्या कहा गया?
मार्क जकरबर्ग और प्रिसिला चान के प्रवक्ता Brian Baker ने Forbes को बताया कि Launchpad का क्रू अलग रेडियो चैनल पर काम कर रहा था. उनके मुताबिक, जब क्रू ने कोस्ट गार्ड का कम्युनिकेशन देखा, तब तक दूसरी नाव की मदद शुरू हो चुकी थी. Baker ने ये भी कहा कि जकरबर्ग और उनका परिवार उस समय Yacht पर मौजूद नहीं था. उन्होंने कहा कि सभी लोगों के सुरक्षित रहने पर वे खुश हैं.
इससे एक और सवाल भी उठता है कि अलास्का जैसे दूरदराज के समुद्री इलाके में इतने बड़े जहाज को किन Radio Frequencies को मॉनिटर करना चाहिए और क्या अलग चैनल पर होना वास्तव में उचित वजह थी या फिर यह क्रू की चूक थी.
कहानी सोशल मीडिया पर फैली
ये मामला तब सामने आया जब New York के Software Developer Michael Love ने Bluesky पर अपनी बात शेयर की. लव अपने बेटे के साथ Wilderness Legacy में सफर कर रहे थे. उन्होंने बताया कि कैप्टन ने यात्रियों को कहा था कि जकरबर्ग की Yacht ज्यादा करीब थी, लेकिन उसने कई बार मदद का जवाब नहीं दिया. Love के मुताबिक, इस बात पर Cruise Ship में मौजूद यात्रियों की प्रतिक्रिया लगभग एक जैसी थी और उन्होंने Yacht के खिलाफ हूटिंग की.
कितनी बड़ी है जुकरबर्ग की Yacht?
लॉन्चपैड को Dutch Shipbuilder Feadship ने 2024 में तैयार किया था. इसकी लंबाई करीब 387 फीट है और यह इस शिपयार्ड द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा जहाज है. अलग-अलग स्रोतों में Yacht की कीमत करीब 300 मिलियन डॉलर से लेकर 390 मिलियन डॉलर तक बताई गई है.
इसने इस गर्मी का काफी समय Southeast Alaska में बिताया है. इस पूरी घटना पर Michael Love की एक बात सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है. उन्होंने कहा कि अगर वह ऐसी स्थिति में होते तो किसी जरूरतमंद की मदद करने का मौका मिलने पर खुशी होती और साथ में थोड़ी अच्छी पहचान भी बनती.
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