श्रावण मास की पवित्र कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है. इस दौरान लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड के हरिद्वार, गंगोत्री और गौमुख जैसे तीर्थ स्थलों से गंगाजल लेने के लिए पैदल यात्रा करते हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार ने कई विशेष इंतजाम किए हैं. दूसरे भी कई राज्यों में भी ऐसे ही इंतजाम किए गए हैं. वहीं, अगर आप भी इस बार कांवड़ यात्रा पर जा रहे हैं और अपने साथ मोबाइल फोन ले जाने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है.
बारिश और भीड़ में ऐसे रखें अपने फोन को सुरक्षित
कांवड़ यात्रा के दौरान बारिश होने की संभावना बनी रहती है. ऐसे में फोन को बिना वॉटरप्रूफ पाउच के साथ ले जाने की गलती न करें. यात्रा के दौरान अपने स्मार्टफोन को वॉटरप्रूफ पाउच या सीलबंद प्लास्टिक कवर में रखें. बेहतर होगा कि इसे गले में पहनने वाले वॉटरप्रूफ पाउच में रखें, जिससे बारिश या पानी के छींटों से फोन सुरक्षित रहे. लंबी यात्रा के दौरान भीड़ भी काफी होती है. इसलिए फोन को किसी खुले पॉकेट में रखने की बजाय चेन वाले फ्रंट पॉकेट या छोटे बैग में सुरक्षित रखें. इससे फोन गिरने या खोने का खतरा कम रहेगा.
पावर बैंक और जरूरी ऐप पहले से रखें तैयार
कांवड़ यात्रा में कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है और रास्ते में हर जगह चार्जिंग की सुविधा मिलना आसान नहीं होता है. ऐसे में बिना चार्जिंग बैकअप के चलना भी बड़ी गलती साबित हो सकती है. इस वजह से घर से निकलने से पहले कम से कम 10000mAh या उससे अधिक कैपिसिटी वाला पूरी तरह चार्ज पावर बैंक साथ रखें. इससे जरूरत पड़ने पर फोन आसानी से चार्ज किया जा सकेगा.
यात्रा शुरू करने से पहले अपने फोन में GPS और Maps ऐप अपडेट कर लें और आसपास के एरिया को ऑफलाइन डाउनलोड कर लें. कई लोग ऑफलाइन मैप डाउनलोड करना भूल जाते हैं, जिससे नेटवर्क न होने पर परेशानी बढ़ जाती है. ऑफलाइन मैप डाउनलोड होने से सही रास्ता, दूरी और सुरक्षित रूट की जानकारी मिलती रहेगी. अगर आपके जिले या राज्य प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के लिए कोई आधिकारिक ऐप जारी किया है, तो उसे भी पहले से डाउनलोड कर लें. ऐसे ऐप के जरिए मेडिकल कैंप, पुलिस सहायता केंद्र, भोजन वितरण स्थल और अन्य जरूरी सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल जाती है.
इमरजेंसी नंबर पहले से सेव करना न भूलें
यात्रा पर निकलने से पहले अपने मोबाइल में स्थानीय पुलिस, हेल्पलाइन नंबर और परिवार के सदस्यों के मोबाइल नंबर को इमरजेंसी सर्विस में सेव करके रखें. जरूरत पड़ने पर इन्हें तुरंत डायल किया जा सकता है. कई बार नेटवर्क कमजोर होने की स्थिति में नंबर खोजने में समय लग सकता है, इसलिए महत्वपूर्ण कॉन्टैक्ट को इमरजेंसी में पहले से सेव रखना बेहतर रहेगा.
अगर संभव हो तो फोन की बैटरी बचाने के लिए गैर-जरूरी ऐप बंद रखें और स्क्रीन की ब्राइटनेस भी कम रखें. इससे बैटरी ज्यादा समय तक चलेगी और आपात स्थिति में फोन इस्तेमाल करने में परेशानी नहीं होगी.
कांवड़ यात्रा आस्था के साथ-साथ धैर्य और अनुशासन की भी यात्रा मानी जाती है. ऐसे में मोबाइल का सही इस्तेमाल और उसकी सुरक्षा का ध्यान रखकर आप अपनी यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकते हैं.
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