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अगर किया ये काम तो WhatsApp-Telegram होंगे बंद, 1 जनवरी से लागू होगा नया सरकारी नियम

दूरसंचार विभाग (DoT) ने WhatsApp और Telegram के लिए 31 दिसंबर 2026 तक SIM-binding नियम लागू करने का आदेश दिया है. जानिए इससे क्या पड़ेगा असर.

अगर किया ये काम तो WhatsApp-Telegram होंगे बंद, 1 जनवरी से लागू होगा नया सरकारी नियम
WhatsApp-Telegram के लिए नया रूल
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लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप्स WhatsApp और Telegram कई यूजर्स के लिए अगले साल से बंद हो सकता है. इन मैसेजिंग ऐप्स के इस्तेमाल का रूल भारत में बदलने जा रहा है. भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स को आने वाले समय में अपनी पसंदीदा चैट सर्विसेज जारी रखने के लिए अपने फोन में इन ऐप के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर वाले सिम कार्ड को रखना जरूरी होगा. केंद्र सरकार के नए सिम-बाइंडिंग नियम जल्द ही देश में लागू होने जा रहे हैं.

दूरसंचार विभाग (DoT) ने इन इंटरनेट-बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विसेज को आदेश दिया है कि वे अपने सभी एक्टिव अकाउंट्स को सरकार की ओर KYC-वेरिफाइड सिम कार्ड्स के साथ लिंक करें, जिसके लिए आखिरी समयसीमा 31 दिसंबर 2026 तय की गई है. आपको बता दें कि इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य मोबाइल नंबर और उस पर चलने वाले सोशल मीडिया अकाउंट के बीच की सुरक्षा मजबूत करना है. इससे हैकर्स और साइबर ठगों मैसेजिंग ऐप्स के जरिए किए जाने वाले ऑनलाइन फ्रॉड्स नहीं कर पाएंगे. हालांकि, इन नियमों के लागू होने के बाद, जो यूजर्स बिना सिम कार्ड के केवल घर या दफ्तर के Wi-Fi के भरोसे इन ऐप्स को चलाते हैं, उन्हें लॉग-इन और एक्सेस करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

कई स्मार्टफोन्स यूजर्स होंगे प्रभावित

ये नया सरकारी आदेश खासतौर से उन स्मार्टफोन यूजर्स को प्रभावित करेगा जो अपने डिवाइस के अंदर सिम कार्ड डाले बिना ही Wi-Fi के जरिए WhatsApp या टेलीग्राम चलाते हैं. ये नया नियम iOS और Android दोनों तरह के स्मार्टफोन्स पर लागू होगा. Apple ने इसके लिए पहले ही अपने iOS सॉफ्टवेयर में जरूरी बदलाव करने शुरू कर दिए हैं. कंपनी ने सितंबर में एक सॉफ्टवेयर अपडेट जारी किया था, जो यह आसानी से पहचान लेता है कि आईफोन के अंदर सिम कार्ड मौजूद है या नहीं.

जो लोग एक ही नंबर से कई अलग-अलग टैबलेट्स या लैपटॉप्स पर WhatsApp चलाते हैं, अक्सर विदेश यात्रा करते हैं, या प्राइमरी सिम कार्ड को फोन से निकालकर रखते हैं, उन्हें इस नए नियम के तहत अपनी सेटिंग्स और सिम की उपलब्धता को चेक करना होगा.

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नियमों में क्या बदलाव?

दूरसंचार विभाग (DoT) ने इस संबंध में पहला निर्देश 28 नवंबर 2025 को जारी किया था. शुरुआती ड्राफ्ट में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई नियम शामिल थे, जिन्हें बाद में थोड़ा प्रैक्टिकल बनाया गया है. शुरुआत में सरकार ने नियम बनाया था कि WhatsApp Web या कंप्यूटर स्क्रीन पर चल रहे सेशन हर 6 घंटे में अपने आप लॉग-आउट हो जाएंगे. हालांकि, बाद में विभाग ने इस नियम को वापस ले लिया. अब इसके स्थान पर केवल रिस्क बेस्ड लॉगआउट का नियम लागू होगा, जिसके तहत संदिग्ध या फ्रॉड एक्टिविटी की स्थिति में उस अकाउंट को तुरंत बंद कर दिया जाएगा.

इस नियम का पूरी तरह पालन करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 तय की गई है, और 1 जनवरी 2027 से इसे पूरी तरह से ऑपरेशनल कर दिया जाएगा. ध्यान दें कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि 1 जनवरी से WhatsApp किसी खास फोन मॉडल पर चलना बंद हो जाएगा. बस आपके फोन में वह सिम कार्ड मौजूद होना चाहिए जिससे WhatsApp अकाउंट बनाया गया है, ताकि ऐप समय-समय पर सरकारी नियमों के तहत उसकी प्रामाणिकता की जांच कर सके.

क्या सभी मैसेजिंग ऐप्स को मानना होगा नियम?

WhatsApp और टेलीग्राम जैसी बड़ी मैसेजिंग सर्विसेज इस नए सरकारी आदेश और सिम-बाइंडिंग के दायरे में आती हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, फोटो शेयरिंग ऐप Snapchat को इस सिम-बाइंडिंग नियम के दायरे से बाहर रखा गया है. वहीं, अत्यधिक प्राइवेसी का दावा करने वाले ऐप Signal ने इस सरकारी नोटिस का अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है. सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के चैटिंग जारी रखने के लिए, सभी यूजर्स को ये सलाह दी जाती है कि वे अपने चालू WhatsApp नंबर वाले सिम कार्ड को हमेशा अपने प्राइमरी फोन के साथ डालकर रखें और उसे समय-समय पर रिचार्ज करके पूरी तरह एक्टिव रखें.

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