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Meta AI Glasses से अपने निजी पलों को कर रहे हैं रिकॉर्ड?...तो ये खबर आपको चौंका देगी!

रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में Meta ने अपने AI ग्लासेस की लगभग 70 लाख यूनिट्स बेचीं, जबकि 2023 और 2024 में मिलाकर करीब 20 लाख यूनिट्स बेची गई थीं.

Meta AI Glasses से अपने निजी पलों को कर रहे हैं रिकॉर्ड?...तो ये खबर आपको चौंका देगी!

अगर आप Meta के AI स्मार्ट ग्लासेस इस्तेमाल कर रहे हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है. क्योंकि केन्या की राजधानी नैरोबी में बैठे टेक कर्मचारी कुछ ऐसी वीडियोज़ और क्लिप्स देख रहे हैं जिन्हें यूज़र्स ने Meta Ray-Ban Smart Glasses के जरिए रिकॉर्ड किया है. इन वीडियो में प्राइवेट मोमेंट्स के साथ-साथ बैंक से जुड़ी जानकारियां भी शामिल हैं. 

दरअसल, स्वीडन के अखबार Goteborgs-Posten और Svenska Dagbladet की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केन्या में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें लोग बेहद निजी पलों में नजर आए. क्योंकि ये क्लिप्स टेक कॉन्ट्रैक्टर Sama के कर्मचारियों के पास भेजी जाती हैं. ये कर्मचारी 'डेटा एनोटेटर' के रूप में काम करते हैं और उन्हें वीडियो देखकर लेबल लगाने के लिए पैसे दिए जाते हैं. एक कर्मचारी ने बताया कि उन्हें लिविंग रूम से लेकर बेहद निजी दृश्यों तक सब कुछ देखने को मिलता है. कुछ वीडियो में लोग यह जाने बिना रिकॉर्ड हो रहे होते हैं कि उनका डेटा आगे रिव्यू के लिए भेजा जा सकता है.

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इन क्लिप्स को डेटा लेबलिंग के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो AI मॉडल को ट्रेन करने की एक सामान्य प्रक्रिया है यानी AI को बेहतर बनाने के लिए इंसानी कर्मचारी वीडियो देखकर उन्हें टैग और एनोटेट करते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्लिप्स में बैंक कार्ड जैसी जानकारी भी नजर आई. इन कर्मचारियों का कहना है कि अगर ऐसे वीडियो लीक हो जाएं तो बड़ा विवाद हो सकता है.

Meta की प्राइवेसी पॉलिसी क्या कहती है?
Meta का कहना है कि उसके स्मार्ट ग्लासेस प्राइवेसी को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं और यूज़र अपने डेटा पर नियंत्रण रखते हैं. हालांकि कंपनी की पॉलिसी में यह लिखा है कि कुछ मामलों में AI के साथ हुई बातचीत या इंटरैक्शन की समीक्षा ऑटोमेटेड सिस्टम या इंसानों द्वारा की जा सकती है.

पॉलिसी में यह भी कहा गया है कि यूज़र्स ऐसी जानकारी साझा न करें जिसे वे स्टोर या उपयोग नहीं कराना चाहते.

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कैसे काम करते हैं Meta AI Glasses?
Meta के ये ग्लासेस यूज़र को 'Hey Meta' बोलकर AI चैटबॉट से बात करने की सुविधा देते हैं. इस कमांड से कैमरा एक्टिव किया जा सकता है, जिससे फर्स्ट-पर्सन वीडियो कॉल या फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग संभव होती है.

ये ग्लासेस चश्मा निर्माता कंपनी EssilorLuxottica के साथ मिलकर बनाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में Meta ने अपने AI ग्लासेस की लगभग 70 लाख यूनिट्स बेचीं, जबकि 2023 और 2024 में मिलाकर करीब 20 लाख यूनिट्स बेची गई थीं.

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