MacBook पसंद करने वालों यूजर्स के लिए अच्छी खबर है. Apple ने आखिरकार MacBook Pro में टचस्क्रीन सपोर्ट दे दिया है. कंपनी के “Pro and tell” इवेंट में नया MacBook Pro पेश किया है. इसमें OLED डिस्प्ले, टच जेस्चर्स सपोर्ट और Apple के नए M5 Pro और M5 Max प्रोसेसर मिलते हैं. इस लैपटॉप को रीडिजाइन किया गया इंटरफेस और लाइटवेट बिल्ड दिया गया है.
कीमत की बात करें तो भारत में नए MacBook Pro के 14-इंच मॉडल की कीमत 3,49,900 रुपये है. हालांकि, इसके 16-इंच वेरिएंट की कीमत 4,09,900 रुपये रखी गई है. कंपनी ने बताया है कि ये लैपटॉप 9 नवंबर से बिक्री के लिए उपलब्ध होगा.
MacBook Pro में पहली बार टचस्क्रीन
टचस्क्रीन मिलना Apple के इस प्रो-लेवल लैपटॉप में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव है. यूजर्स अब सीधे स्क्रीन पर ही डॉक्यूमेंट्स को स्क्रॉल कर सकते हैं, इमेज को जूम कर सकते हैं, स्क्रीन पर ड्रॉइंग कर सकते हैं और सीधे कंटेंट को एनोटेट कर सकते हैं. Apple का कहना है कि ये फीचर प्रोफेशनल वर्कफ्लो के लिए भी बहुत काम का है, जिससे डिजाइनर्स 3D मॉडल्स के साथ आसानी से इंटरैक्ट कर पाएंगे और म्यूजिक प्रोड्यूसर्स केवल अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करके कंट्रोल्स को एडजस्ट कर सकेंगे.
Apple ने इसके इंटरफेस को इस तरह रीडिजाइन किया है कि पुराना कीबोर्ड और ट्रैकपैड एक्सपीरियंस खराब किए बिना टच का इस्तेमाल एकदम नेचुरल लगे. इसके अलावा, नए MacBook Pro में Dynamic Island फीचर भी दिया गया है. पहली बार iPhone का ये पॉपुलर फीचर को पहली बार MacBook पर मिल रहा है. ये स्क्रीन के ऊपर से ही Spotlight सर्च, Live Activities, म्यूजिक कंट्रोल्स और दूसरी जरूरी जानकारियों का एक्सेस देता है.
PROLED XDR डिस्प्ले और सुपरफास्ट परफॉर्मेंस
इस लैपटॉप में टैंडेम OLED डिस्प्ले का इस्तेमाल किया गया है, जिसे Apple ने PROLED XDR नाम दिया है. ये डिस्प्ले डीपर ब्लैक्स, बढ़िया कॉन्ट्रास्ट और बेहतर कलर एक्यूरेसी का वादा करता है. ये डिस्प्ले ProMotion के जरिए 120Hz तक के रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है, और HDR कंटेंट के लिए इसकी पीक ब्राइटनेस 2,000 निट्स तक जाती है. रिफ्लेक्शन को कम करने के लिए Apple इसमें एक नैनो-टेक्स्चर ऑप्शन भी दे रहा है.
नए मॉडल्स दमदार M5 Pro और M5 Max चिप्स से लैस हैं, जिन्हें वीडियो एडिटिंग, 3D रेंडरिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और AI वर्कलोड जैसे भारी कामों के लिए डिजाइन किया गया है. कंपनी का कहना है कि AI से जुड़े कामों को तेज करने के लिए इन प्रोसेसर्स के GPU कोर्स में Neural Accelerators दिए गए हैं. इसमें 16TB तक का स्टोरेज कॉन्फिगरेशन मिलता है, और कंपनी का दावा है कि इसकी स्टोरेज स्पीड पहले से दोगुनी है.

और भी कई बड़े अपग्रेड्स
लैपटॉप में नया थर्मल सिस्टम, बेहतर सिक्स-स्पीकर ऑडियो सेटअप, स्टूडियो-क्वालिटी थ्री-माइक्रोफोन ऐरे और Wi-Fi 7 व Bluetooth 6 का सपोर्ट मिलता है. पोर्ट्स की बात करें तो इसमें तीन Thunderbolt 5 पोर्ट्स के साथ HDMI, एक SDXC कार्ड स्लॉट, MagSafe 3 और हेडफोन जैक मिलता है. Apple का दावा है कि नया MacBook Pro 24 घंटे तक की जबरदस्त बैटरी लाइफ देता है और केवल 30 मिनट में 50 प्रतिशत तक चार्ज हो सकता है. साथ ही, यह नया मॉडल पुराने मॉडल्स की तुलना में काफी लाइटवेट भी है.
Apple की रणनीति में बड़ा बदलाव
Apple का ये फैसला बेहद खास है क्योंकि कंपनी सालों से टचस्क्रीन मैक का विरोध करती आ रही थी. साल 2010 में, स्टीव जॉब्स ने टचस्क्रीन लैपटॉप को "एर्गोनॉमिक रूप से बेहद घटिया" बताया था. इसके दो साल बाद, पूर्व CEO Tim Cook ने टैबलेट और लैपटॉप को मिलाने के विचार का विरोध करते हुए इसकी तुलना टोस्टर और फ्रिज को एक साथ जोड़ने से कर दी थी.
बाद में Apple ने Touch Bar के साथ एक प्रयोग जरूर किया था, जो 2016 में पेश किए गए MacBook Pro मॉडल्स में फंक्शन कीज की जगह दी गई एक टच-सेंसिटिव पट्टी थी. हालांकि, कंपनी ने 2021 के रीडिजाइन में फिजिकल फंक्शन कीज की वापसी की और 2023 में Touch Bar को पूरी तरह बंद कर दिया. नया MacBook Pro इस पुरानी सोच में एक बड़ा बदलाव है, जो कीबोर्ड और ट्रैकपैड के पारंपरिक कंट्रोल्स को बनाए रखते हुए डायरेक्ट टच इंटरेक्शन की सुविधा देता है.
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