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"AI घर में पल रहा शेर जैसा, कभी भी मार सकता है".. AI के गॉडफादर Geoffrey Hinton की खौफनाक चेतावनी!

AI के गॉडफादर और नोबेल विजेता Geoffrey Hinton ने चेतावनी दी है. उन्होंने दावा किया है कि AI रोबोट्स खुद की सीक्रेट भाषा बनाएंगे, क्रिप्टो-बैंक अकाउंट्स हैक करेंगे और इंसानों से कंट्रोल छीन लेंगे.

"AI घर में पल रहा शेर जैसा, कभी भी मार सकता है".. AI के गॉडफादर Geoffrey Hinton की खौफनाक चेतावनी!

AI को लेकर अभी काफी विवाद चल रहा है. कई एक्सपर्ट्स इसको लेकर चेतावनी दे रहे हैं. अब AI के 'गॉडफादर' कहे जाने वाले प्रसिद्ध नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर Geoffrey Hinton ने इसको लेकर फिर से खतरे की घंटी बजा दी है. उन्होंने NDTV को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू दिया है. ये पहली बार है जब उन्होंने किसी भारतीय न्यूज टीवी चैनल पर AI खतरों को लेकर अपनी बात बेबाकी से रखी है. 

काफी समय से Geoffrey Hinton मीडिया की सुर्खियों से दूर रह रहे थे. उन्होंने NDTV 24x7 के मैनेजिंग एडिटर शिव अरूर से बातचीत में AI की बेकाबू रफ्तार, इसके पीछे काम करने वाले उद्योगपतियों के लालच और राजनीतिक प्रभाव पर खुलकर अपनी चिंताएं बयान की हैं. उन्होंने सीधे तौर पर Nvidia के प्रमुख Jensen Huang पर निशाना साधते हुए AI टेक्नोलॉजी के अंधाधुंध डेवलपमेंट के पीछे छिपे फाइनेंशियल हितों का खुलासा किया है.

"अपना फायदा देख रहे हैं Jensen Huang"

Hinton के अनुसार, Jensen Huang जैसे लोगों का AI के डेवलपमेंट की रफ्तार को धीमा न करने में बहुत बड़ा फाइनेंशियल और पर्सनल फायदा है. उन्होंने कहा कि जाहिर है कि वे बाजार में और ज्यादा कंप्यूटर चिप्स बेचना चाहते हैं. अमेरिका के राजनीतिक हालातों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने आगे कहा कि  अमेरिका में इस बेकाबू तकनीक के खिलाफ कोई बड़ा राजनीतिक विरोध देखने को नहीं मिल रहा है. इसकी वजह Jensen Huang जैसे पावरफुल लोग हैं, जिनकी पहुंच सीधे राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंच है और कई बड़ी कंपनियां ट्रंप को नाराज करने से बहुत डरती हैं.

उन्होंने सुपरइंटेलिजेंट AI बनाने की तुलना एक खतरनाक और हिंसक जानवर को घर में पालने से की. उन्होंने कहा कि "हमारी स्थिति बिल्कुल उस इंसान जैसी है जो घर में एक शेर के बच्चे को पालतू जानवर बनाकर रखता है. आप जानते हैं कि वह बड़ा होगा, और जिस दिन भी उसने आपको जान से मारने का मन बना लिया, वह महज कुछ ही सेकंड में आपको खत्म कर देगा."

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Geoffrey Hinton ने कहा कि हम दूसरे ग्रह के बेकाबू जीव बना रहे हैं. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आपका पूरा ध्यान केवल इस बात पर नहीं होना चाहिए कि आप उसे कितना बुद्धिमान बना रहे हैं. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, अगर वे कभी भी हमसे छुटकारा पाना चाहेंगे, तो एक सुपरइंटेलिजेंट AI बेहद आसानी से ऐसा कर सकता है. हमें ऐसी सुपरइंटेलिजेंस डेवलप करने से पहले ये अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि हम इसे कंट्रोल कैसे करेंगे, वरना हम बहुत बड़े मूर्ख साबित होंगे.

इन खतरे के समाधान पर बात करते हुए हिंटन ने सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि हमें अपना बहुत सारा पैसा और रिसर्च इस बात पर लगाना चाहिए कि क्या हम ऐसे AI बना सकते हैं जो हमेशा खुद से ज्यादा इंसानों को पसंद करें और हमारी परवाह करें.

बेकाबू AI एजेंट्स और सीक्रेट भाषा का खतरा

हिंटन ने आज के AI एजेंट्स की बढ़ती ऑटोनॉमस कैपिसिटी और बिना इंसानी मंजूरी के खुद को बढ़ाने के खतरों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा कि हम आज उस खतरनाक मोड़ पर हैं जहां बेकाबू और शातिर AI एजेंट्स सुरक्षा घेरे तोड़कर भाग सकते हैं और खुद ही दूसरे AI एजेंट्स को काम पर लगा सकते हैं. मैं नहीं मानता कि ऐसा अभी हुआ है, लेकिन इसके बारे में कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता है.

उन्होंने आगे कहा बहुत जल्द ही, ये AI एजेंट्स अपनी खुद की एक प्राइवेट लैंग्वेज ईजाद कर लेंगे, और तब इंसानों को कभी पता नहीं चल पाएगा कि वे आपस में एक-दूसरे से क्या बातें कर रहे हैं. हिंटन के अनुसार, ये सिस्टम्स पहले से ही नए एजेंट्स बनाने और फाइनेंशियल हमलों को अंजाम देने में कैपेबल हो चुके हैं. वे ऐसे एजेंट्स भी बना सकते हैं जो फिशिंग अटैक्स या क्रिप्टो अकाउंट को हैक कर खुद पैसे काम सकेंगे. इन एजेंट्स का इस्तेमाल साइबर क्रिमिनल्स भी अकाउंट्स को हैक करने के लिए कर सकते हैं. 

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बेरोजगारी, बायोलॉजिकल वायरस और वजूद का खतरा

प्रोफेसर हिंटन ने समाज, स्वास्थ्य और मानव अस्तित्व पर आने वाले बड़े खतरों का खाका खींचा. उनके अनुसार, आने वाले कुछ ही सालों में हमें पूरी दुनिया में बेरोजगारी में भारी उछाल देखने को मिलेगा. जिससे आम जनता में भारी आक्रोश पैदा होगा और यह लोकलुभावन नेताओं को बढ़ावा देगा.

हिंटन ने दूसरे बड़े खतरे को लेकर कहा कि हम ऐसे डरावने दौर को भी देख सकते हैं जहां लोग इस तकनीक का इस्तेमाल बेहद खतरनाक और जानलेवा जैविक वायरस को डिजाइन करने के लिए करेंगे. तीसरे खतरे को लेकर कहा है कि इस खतरे को भी सच होते देख सकते हैं जहां ये मशीनें इंसानों से पूरा कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश करेंगी. फिलहाल, हमारे पास इसे रोकने का कोई तरीका मौजूद नहीं है.

टेक कंपनियों का दोहरा रवैया

सुरक्षा नियमों को लेकर AI कंपनियों के रवैये पर बात करते हुए हिंटन ने उनकी कथनी और करनी के बड़े अंतर को उजागर किया. उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि  ये कंपनियां दुनिया के सामने ढोंग करती हैं कि वे कड़े नियम चाहती हैं. लेकिन असलियत ये है कि यदि आप उनके सामने किसी भी एक सुरक्षा नियम का सुझाव रखेंगे, तो वे उसे मानने से साफ इनकार कर देती हैं.

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