भारतीय स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने एशियन गेम्स 2026 में महिला 75 किग्रा वर्ग का स्वर्ण पदक जीतकर 12 साल बाद भारत को महिला बॉक्सिंग में गोल्ड दिलाया. फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया. हालांकि जीत के बाद लवलीना ने जिस बात का खुलासा किया, उसने इस स्वर्ण पदक को उनके लिए और भी खास बना दिया. लवलीना ने बताया कि उन्होंने अपने जन्मदिन पर खुद को गोल्ड मेडल गिफ्ट करने का लक्ष्य रखा था और इसी सोच के साथ रिंग में उतरी थीं. उन्होंने कहा कि मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने एक पल के लिए भी हार के बारे में नहीं सोचा.
लवलीना ने कहा, "मैंने सोचा था कि अपने बर्थडे पर खुद को गोल्ड मेडल गिफ्ट करना है. इसलिए मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया. एक सेकंड के लिए भी यह नहीं सोचा कि मुझे हारना है. मुकाबला बहुत टफ था, लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ जीत थी."
उन्होंने स्वीकार किया कि आखिरी राउंड सबसे मुश्किल रहा. बाओ जियी की ताकत और आक्रामक अंदाज ने चुनौती पैदा की, लेकिन उन्होंने खुद को लगातार सकारात्मक बनाए रखा.
लवलीना ने कहा, "आखिरी राउंड बहुत कठिन था. वो काफी मजबूत खिलाड़ी थी और मैं पहली बार उनके खिलाफ खेल रही थी. मुझे उनके खेल के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी. मैं खुद को लगातार मोटिवेट कर रही थी कि जीतना है, हारना नहीं है. मैंने बस यही सोचा कि किसी भी हाल में अंत तक टिके रहना है और जीत हासिल करनी है."
भारतीय मुक्केबाज ने आगे कहा कि जन्मदिन होने की वजह से वह पहले से ही खुश थीं और उसी सकारात्मक सोच ने उन्हें पूरे मुकाबले में आत्मविश्वास दिया. उन्होंने कहा, "मेरा बर्थडे था, इसलिए मैं बहुत खुश थी. मैंने कोशिश की कि उसी ताकत के साथ मुकाबला खेलूं. मेरे दिमाग में सिर्फ एक ही बात थी कि आखिर तक खड़े रहना है और हर हाल में जीतना है."
लवलीना की इस जीत के साथ भारत को एशियन गेम्स 2026 में बॉक्सिंग का पहला स्वर्ण पदक मिला. हांगझोउ में सिल्वर जीतने वाली लवलीना ने इस बार अपनी कहानी बदली और गोल्ड के साथ इतिहास रच दिया. इसके साथ ही मैरी कॉम (2014) के बाद एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने वाली लवलीना दूसरी भारतीय महिला बॉक्सर हैं. यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
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