सुशील कुमार ने अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में तीन साल के बाद वापसी की है (फाइल फोटो)
- तीन साल बाद सुशील ने की इंटरनेशनल कुश्ती में वापसी
- 74 किग्रा. वर्ग में न्यूजीलैंड के आकाश खुल्लर को हराया
- साक्षी ने भी न्यूजीलैंड की पहलवान को दी शिकस्त
नई दिल्ली:
ओलिंपिक खेलों में दो बार के पदकधारी सुशील कुमार और रियो ओलिंपिक में कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग में आज कॉमनवेल्थ कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किए. साक्षी ने न्यूजीलैंड की तायला तुअहिने फोर्ड को महिलाओं के फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता के 62 किग्रा वर्ग के एकतरफा फाइनल मुकाबले में 13-2 से करारी शिकस्त देकर स्वर्ण जीता. इससे पहले अंतरराष्ट्रीय कुश्ती में तीन साल के बाद वापसी कर रहे सुशील ने 74 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में न्यूजीलैंड के आकाश खुल्लर को चित कर सोने का तमगा हासिल किया. इस जीत के साथ सुशील ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार अंदाज में वापसी की.
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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल (2014) में स्वर्ण जीतने के बाद यह उनका पहला पदक था. इस वर्ग में प्रवीण राणा ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय दल को दोहरी खुशी मनाने का मौका दिया. सुशील ने प्रतिस्पर्धी कुश्ती में नवंबर में इंदौर में हुई सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर वापसी की थी. हालांकि उन्हें लगातार तीन वाकओवर मिलने से विवाद भी हुआ था. तब उन्हें फाइनल में वाकओवर देने वाले राणा ने आज सेमीफाइनल में उनका सामना किया जिसके खिलाफ सुशील 5-4 से जीतने में कामयाब रहे.
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उन्होंने ट्वीट किया, ‘तीन साल बाद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की जीत को मैं अपने माता पिता व मेरे गुरु सतपाल जी पहलवान और मेरे आध्यात्मिक गुरू योगऋषि स्वामी रामदेव जी के चरणों में व देश के हरेक नागरिक को समर्पित करता हूँ जय हिन्द.’ (इनपुट: भाषा)
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ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल (2014) में स्वर्ण जीतने के बाद यह उनका पहला पदक था. इस वर्ग में प्रवीण राणा ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय दल को दोहरी खुशी मनाने का मौका दिया. सुशील ने प्रतिस्पर्धी कुश्ती में नवंबर में इंदौर में हुई सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर वापसी की थी. हालांकि उन्हें लगातार तीन वाकओवर मिलने से विवाद भी हुआ था. तब उन्हें फाइनल में वाकओवर देने वाले राणा ने आज सेमीफाइनल में उनका सामना किया जिसके खिलाफ सुशील 5-4 से जीतने में कामयाब रहे.
इससे पहले सुशील ने पहले बाउट में कनाडा के जसमीत सिंह फुल्का को शिकस्त दी. बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य और लंदन ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले सुशील ने जीत के बाद अपने पदक को मातृभूमि और कोच के नाम किया.तीन साल बाद इनटरनेशनल रेसलिगं प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत को मैं मेरे माँ बाप व मेरे गुरू सतपाल जी पहलवान और मेरे अध्यातमिक गुरू योगऋषि स्वामी रामदेव जी के चरणों में व देश के हरेक नागरिक को समर्पित करता हूँ @yogrishiramdev #जयहिंद ???????? #Commonwealthwrestlin @ANI @indiatvnews
— Sushil Kumar (@WrestlerSushil) December 17, 2017
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उन्होंने ट्वीट किया, ‘तीन साल बाद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक की जीत को मैं अपने माता पिता व मेरे गुरु सतपाल जी पहलवान और मेरे आध्यात्मिक गुरू योगऋषि स्वामी रामदेव जी के चरणों में व देश के हरेक नागरिक को समर्पित करता हूँ जय हिन्द.’ (इनपुट: भाषा)
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